जब माता सावित्रीबाई फुले लड़कियों को पढ़ाने निकलीं, तो उन पर गोबर, कीचड़ और पत्थर फेंके गए।
क्यों? क्योंकि शिक्षा ब्राह्मणवादी-मनुवादी सत्ता के लिए सबसे बड़ा खतरा थी।
जो खुद को धर्म-संस्कृति का ठेकेदार कहते थे, वही एक पढ़ी-लिखी स्त्री से डर गए।
आज उनकी जयंती है क्रांतिकारी माता सावित्रीबाई फुले को कोटि-कोटि नमन।
क्या ब्राह्मणवादी सोच इतिहास बनी, या आज भी सत्ता और समाज उसी अपराध में खड़ा है?
बड़ी खबर : Abhijeet Dipke ने बड़ा एलान किया है.
अगर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार तक इस्तीफा नही दिया तो हर शहर में कॉकरोच जनता पार्टी आंदोलन करेगी.
Abhijeet Dipke ने कहा अगर इसके बाद भी Dharmendra Pradhan ने इस्तीफा नही दिया तो, दिल्ली में सबसे बड़ा आंदोलन किया जाएगा.
भाई तेरे में इतना कॉन्फिडेंस कहां से आ रहा है कि बड़े आंदोलन के लिए भी दिल्ली में CJP को परमिशन मिल जाएगा ?
जब देश में NEET पेपर लीक के खिलाफ कांग्रेस पार्टी और NSUI आंदोलन कर रही हैं. UP में समाजवादी पार्टी और बिहार में आरजेडी और अन्य कई संगठन आंदोलन कर रहे हैं तो युवाओं को इस कॉकरोच जनता पार्टी से क्यों जुड़ना चाहिए ?
कॉकरोच जनता पार्टी के लोग आकर NSUI या कांग्रेस पार्टी या समाजवादी पार्टी के आंदोलन को मजबूत क्यों नही करते. का हम कुछ गलत बोल रहा हूँ ?
The Cockroach Janta Party (CJP) founder Abhijeet Dipke has now reached Jantar Mantar, where several other protesters have gathered to demand Union Education Minister Dharmendra Pradhan’s resignation.
दिल्ली में एक कार्यक्रम (5 मई 2026) में राजकुमार भाटी जी ने एक पुरानी लोक-कहावत/दोहा का जिक्र किया: “ब्राह्मण भला न वेश्या, इनमें भला न कोय।और कोई-कोई वेश्या तो भली, ब्राह्मण भला न कोय।”
मतलब: न तो ब्राह्मण अच्छा होता है और न ही तवायफ (वेश्या), लेकिन कभी-कभी वेश्या भी भली हो सकती है, ब्राह्मण तो कभी नहीं।
इससे पहले OBC संदर्भ में मुहावरे/कहावत क्या कही थी?भाटी ने इसी भाषण में पहले OBC/पिछड़ी जातियों पर प्रचलित अपमानजनक कहावत का जिक्र किया (जो उन्होंने एक पत्रकार के मुंह से सुनी थी):“गुर्जर अहीर कंजर कुत्ता बिल्ली बंदर,ये छह ना होते तो खुले किवाड़ों सोते।”
अर्थात : अगर ये छह (गुर्जर, अहीर, कंजर, कुत्ता, बिल्ली, बंदर) न होते तो लोग बिना दरवाजे बंद किए सो सकते थे।
यह कहावत OBC समुदाय (खासकर अहीर-गुर्जर) और जानवरों की तुलना करके अपमानजनक है। राजकुमार भाटीजी ने इसे समाज में व्याप्त जातिवादी सोच की मिसाल देते हुए बताया कि लोग ऐसी कहावतें सुनाकर उन्हें चिढ़ाते थे। उन्होंने ब्राह्मण वाली कहावत भी इसी क्रम में बताई। उनका दावा था कि वे इन कहावतों की निंदा कर रहे थे, न कि समर्थन।
राजकुमार भाटी जी OBC समाज से आते है इसलिए उनका विरोध हो रहा है. उनका पूरा भाषण सुनें तो साफ है कि वे जातिवाद की निंदा कर रहे थे।ब्राह्मण समाज में भी बहुत भले लोग हैं, वे उनका सम्मान करते हैं। इससे पहले रामभद्राचार्य ने कहा था उपाध्याय, चौबे, पाठक, दीक्षित, और त्रिगुणायत नीच और अधम ब्राह्मण होते है उनका किसी ने विरोध नहीं किया।
लेकिन OBC समाज के संदर्भ में जो टिपण्णी उन्होंने कही इसपर कोई कुछ नहीं कह रहा, समाज में व्याप्त जातिवाद पर कोई कुछ नहीं कह रहा, ये शुद्ध बेईमानी है. हम मजबूती से राजकुमार भाटी सर के साथ खड़े है. #standwithrajkumarbhati @rajkumarbhatisp
भारत में कोई भी बड़े एग्जाम का पेपर लीक या घोटाला हो, और उसमें किसी “मुखपुत्र” का नाम न आए ऐसा हो ही नहीं सकता।
पीवी कुलकर्णी, पुणे के केमिस्ट्री प्रोफेसर, NEET-UG 2026 पेपर लीक के मुख्य सूत्रधार (kingpin) बनकर उभरे हैं।
ये वही लोग हैं जिन्हें पेपर सेट करने की जिम्मेदारी सौंपी जाती है, और वही इसे लीक कर मोटी कमाई कर रहे हैं।
मुंह से जन्मी औलादों और उनके सिंडिकेट ने पूरा एग्जामिनेशन सिस्टम खोखला कर दिया है।
ये देश के दीमक हैं लाखों मेहनती छात्रों का भविष्य चबा रहे हैं, जबकि खुद सिस्टम की सुरक्षा दीवार के अंदर बैठकर घोटाले चला रहे हैं। शर्मनाक और बेहद निराशाजनक है यह सारा खेल।
पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़ेंगे-नहीं बढ़ेंगे का लगातार आश्वासन देते रहने के बाद आज पेट्रोल, डीजल और CNG के दामों में हुई वृद्धि आम जनता के लिए गहरी चिंता का विषय है। वैश्विक संकट के इस दौर में पहले से ही महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक दबाव झेल रहे गरीब और मध्यम वर्गीय लोगों पर यह अतिरिक्त बोझ और अधिक संकट पैदा करने वाला है।
वैश्विक परिस्थितियों के प्रभाव के बीच आम नागरिकों का जीवन लगातार कठिन होता जा रहा है। व्यापार-धंधे पहले से ही मंदी और अनिश्चितता के दबाव में हैं, और रोजगार के अवसर भी सीमित होते जा रहे हैं।
ऐसे समय में पीएम @narendramodi जी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि वह वैश्विक संकट के प्रभावों से जनता को राहत दे और ईंधन जैसी आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर नियंत्रण सुनिश्चित करे, लेकिन इसके विपरीत बढ़ी कीमतें आम लोगों की आर्थिक स्थिति पर सीधा असर डालेगी और उनकी मुश्किलें और बढ़ाएंगी ,ऐसा लग रहा है मानो सरकार यह मानकर चल रही है कि जनता के पास कोई गड़ा हुआ खजाना है।
आपने पिछले दिनों सुना था कि
IPL की Viewership कम हो रही है मगर सच्चाई आज Jio Hotstar ने बताई है।
Jio Hotstar के अनुसार,
IPL की Digital Reach अपने All Time High पर है। IPL 2026 की कंबाइंड रीच 1.1Bn पहुंच चुकी है।
कुल Digital Reach में बढ़ोत्तरी: 15%
CTV की Reach में बढ़ोत्तरी: 25%
Watch Time में बढ़ोत्तरी: 20%
Digital Platform पर दर्शकों की संख्या में बढ़ोत्तरी: 7%
यानि आप एक वाक्य में ऐसे समझ सकते हैं कि
IPL की TV वाली ऑडियंस इसलिए कम हुई है क्योंकि अब दर्शक लोग अपने मोबाइल फोन पर या TV में कनेक्ट करके IPL देख रहे हैं।
चार दिन पहले अवध ओझा द्वारा पूरे ब्राह्मण व राजपूत समाज के प्रति बयानबाजी की गयी परन्तु उसकी न तो कोई चर्चा हुई और न किसी को फर्क पड़ा
परंतु राजकुमार भाटी के एक बयान से मानो भूचाल सा आ गया है, पूरा सिस्टम ही उनके पीछे पड़ गया
बड़ा सवाल, आखिर दोनों में यह भेदभाव क्यों...??
If you are a Brahmin, you are offered an equal seat with dignity. But if you are a Shudra, you are pushed to sit below others. This is the reality of Brahmin Dharma.
Dr. Ambedkar and Periyar dedicated their lives to fighting this injustice and demanding equality for all. 🔥🔥
145 सालों में सेंट स्टीफेंस कॉलेज को मिली पहली महिला प्रिंसिपल लेकिन दिल्ली विश्वविद्यालय ने रोकी नियुक्ति, जानें पूरा मामला
रिपोर्ट- @GitaSunilPillai
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TM Investigation: वैज्ञानिकों से बातचीत का दावा निकला झूठा! जानिए बागेश्वर बाबा धीरेंद्र शास्त्री के इस बयान की सच्चाई?
रिपोर्ट- @ankit_Mooknayak
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मणिपुर में फिर भड़की हिंसा की चिंगारी: चर्च नेताओं और नागरिक की हत्या के बाद पहाड़ी जिलों में तनाव
रिपोर्ट- @EditorRajan#ManipurViolence#kuki#Naga
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