परिंदों को मंजिल मिलेगी यकीनन , ये फैले हुए उनके पर बोलते हैं .. अक्सर वो लोग खामोश रहते हैं , जिनके हुनर बोलते हैं .......।।। अभी तो मंजिल पाना बाकी है ,अभी तो ��रादों का इम्तिहान बाकी है, अभी तो तोली है मुट्ठी भर जमीं ,अभी आसमां तोलना बाकी है ।💐जय श्री राम💐