ये सही तरीका है। तुम छुआछूत पर 60000 का जुर्माना लगाओगे तो आपके देवी देवताओं की इनके घरों में जरूरत क्या है जब ये जुर्माना नहीं बचा सकते!!!
वीडियो साभार @SurajKrBauddh
@BPCLimited@IndianOilcl
All Oil Marketing Companies are claiming no shortage of fuel , no pressure on dealers to uplift branded petrol or diesel, no restrictions on sales , etc etc …..
Now kindly tell whether the document attached is ORIGINAL OR FABRICATED ?
If ORIGINAL, then why has it been not implemented even after more than 10 years have passed and that to which has been duly signed by all three O.M.C’s !
When O.M.C’s simply ignore their written commitment, rather have befooled their DEALERS (Associates) , why will Country Men believe in your above post ?????
दिल्ली में कॉकरोच और यूपी में झींगुर जनता को गुमराह कर रहे हैं।।
सावधान रहें सतर्क रहें अपने वोट और समर्थन को विशेष ध्यान रखें आपके लिए वही सबसे महत्वपूर्ण चीज है।
🙏🙏जय भीम जय संविधान 🙏🙏
चुनाव आते आते, केवल BSPऔर BJP में संघर्ष हो गया।
,सपा यादव वोट आधा, तो बीजेपी में है जो मुस्लिम भाई 15, से 20%वोट सपा को करते हैं,ओ समझ गए,सपा बीजेपी को रोकने में असफल रही है।, दलित पुनः वापस हो रहा है, जो कि गुमराह हो गया था, संविधान के नाम पर।
, बीजेपी से नाराज़ वोट सपा को नहीं करेगा।
इसलिए सपा साफ हो जायेगी।
बहनजी ने कहा भी है ,अब और ताकत लगायेंगी।
एक प्रयोग देख लिया है,सभी नये जोश से पुनः मैदान में आ रहें हैं
नसीमुद्दीन सिद्दीकी बसपा में 18 मंत्रालय संभालते थे, अब समाजवादी पार्टी में अखिलेश की प्लेट सम्भाल रहे हैं।
आदरणीय बहन मायावती जी ने नसीमुद्दीन सिद्दीकी को उत्तर प्रदेश सरकार में 18 मंत्रालयों की जिम्मेदारी सौंपी थी। यह जिम्मेदारी उन्हें इसलिए दी गई थी ताकि वे जनता, विशेषकर अपने समाज के हितों के लिए प्रभावी ढंग से कार्य कर सकें।
राजनीति में यह उदाहरण अक्सर दिया जाता है कि बीएसपी ने अपने नेताओं को सम्मान, जिम्मेदारी और अवसर देने में कोई कमी नहीं रखी, लेकिन पार्टी छोड़ने के बाद कई नेताओं का राजनीतिक प्रभाव पहले जैसा नहीं रह पाया।
जयभीम
जयबसपा
यह तो सिर्फ बसपा को बदनाम करने के लिए ही अब बसपा के ऑफिस के आगे चक्कर काट रहे है कल को बोलेंगे कि हम तो बहनजी से मिलने गए थे ।
इस लिए सावधान रहना है ओर बसपा का साथ देना है।
जय भीम जय भारत जय संविधान 🐘
राजेंद्र पाल गौतम को पता होना चाहिए की बहनजी कितनी बड़ी नेता हैं, तुम उनसे अपनी बराबरी करोगे?
कांग्रेस के टुकड़ों पर पलने वाले अपनी औकात मे ही सपने देखें।
@AdvRajendraPal
देश में 2,3 प्रतिशत ईसाई है और देश में कुल चार ईसाई मुख्यमंत्री हो गए
देश में करीब 17% दलित है लेकिन पूरे देश में एक भी दलित सीएम नहीं है
देश में करीब 22 राज्यों में बीजेपी या उसके सहयोग की सरकार है लेकिन एक भी दलित सीएम नहीं है
बीजेपी ने दलित सीएम मुक्त देश बना दिया
पश्चिम बंगाल को रिश्वत लेते हुए सुभेंद्रु अधिकारी मुख्यमंत्री के रूप में मिलने की बहुत-बहुत शुभकामनाएं।
यह बीजेपी है जनाब जहां बुरे से बुरे अपराधी भी मुख्यमंत्री बनाए जा सकते हैं,
गृह मन्त्री बन सकते हैं,
🙂🙂🙂
अपराधियों का साथ भाजपा का विकास🤫🤫🤫
@DrLaxman_Yadav जी क्या आप बता सकते हो की अखिलेश यादव आखिरी बार कब सड़क पर उतरे थे?
कब जेल गए थे?
कब लाठियाँ खाई थी?
अखिलेश ने बंगाल मे ममता का समर्थन करके कितनी सीटें दिलवाई?
केवल बकलोली करने से कुछ नहीं होगा जवाब हो तो जरूर दीजियेगा।
🐘🐘जयभीम 🐘🐘
मायावती जी भारतीय राजनीति की वह शख्सियत हैं, जिन्होंने बहुजन समाज को सत्ता के शिखर तक पहुंचाकर इतिहास रचा। उनका संघर्ष, उनकी उपलब्धियां और उनका आत्मसम्मान हमेशा प्रेरणा देते रहेंगे। उनके प्रति सम्मान अटूट है।
लेकिन आज का दौर केवल स्मृतियों का नहीं, संघर्ष का है। जब सड़कों पर लड़ाई दिखती है, अन्याय के खिलाफ आवाज़ उठती है, तब जनता उसी के साथ खड़ी होती है। अखिलेश यादव आज उस लड़ाई का चेहरा बनकर उभर रहे हैं।
सम्मान मायावती जी को, लेकिन साथ उस नेता का जो मैदान में डटा हुआ है - यही आज की राजनीतिक सच्चाई है।
भाजपा का मंत्री कह रहा है की चंद्रशेखर को हमने सांसद बनाया, बसपा को कमजोर करने के लिए asp को बढ़ावा दिया।
चंद्रशेखर के समर्थक भी एकदम अनपढ़ हैं, उन्हें कुछ पढ़ने का मन ही नहीं करता तो कोई क्या करे।
कांग्रेस को बिना शर्त समर्थन, सपा से दो सीट के लिए रोना, बंगाल में ममता दीदी को बिना किसी सीट के ही समर्थन दे देना साबित करता है की चंद्रशेखर और उसकी पार्टी केवल बसपा से लड़ने के लिए ही पैदा की गई है।
बहुजन समाज अब जान गया है बहकावे में नहीं आने वाला।
जयभीम
बसपा एक पार्टी ही नहीं बहुजन समाज का सम्मान है, हमारे महापुरुषों की विचारधारा है।
आज भितरघातियों के कारण हमारा घर भले ही कमजोर क्यों नहीं हो, हमारा समाज कभी भी अपने महापुरुषों से विश्वासघात नहीं कर सकता।
नई नवेली भाजपा पोषित पार्टी कभी भी स्वीकार नहीं होगी।
जयभीम
जयबसपा
हम कमजोर जरूर हुए हैं पर टूटे नहीं हैं।।
असफ़लता एक चुनौती है इसे स्वीकार करो क्या कमी रह गई देखो और सुधार करो कुछ किए बिना इस दुनिया में जय जयकार नहीं होती कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती। सभी वास्तविक अम्बेडकर वादियो से अपील ह सभी सोशल मीडिया पर आजाद समाज पार्टी को मजबुत करे.मिशन 2027।