आज हमारे एल.एस. कॉलेज का 123वां स्थापना दिवस है।
हमें अपने कॉलेज पर गर्व है क्योंकि यहाँ के छात्र देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद बने। राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की कर्मभूमि रही। चंपारण आंदोलन की नींव गांधी जी द्वारा यहीं रखी गई थी, और कई स्मृतियां संजोय हुई है।
नीतीश कुमार जी को इतना ही नियम और संविधान की परवाह है तो STET 19 में विज्ञापन का पालन क्यों नहीं कर रहे हैं ?
सरकार खुद संविधान के अनुच्छेद 309 का उल्लंघन कर रही है। @NitishKumar@VijayKChy@sanjayjavin
शारीरिक शिक्षक एवं स्वास्थ्य अनुदेशक, प्रधानाध्यापक और प्रधान सेवक की बहाली प्रतियोगिता परीक्षा के अंकों के आधार पर हो सकती है, तो STET19 की बहाली भी STET में प्राप्त अंकों पर होनी चाहिए। बेहतर शिक्षक चुनने का सबसे बेहतर पैमाना यही हो सकता है। @sanjayjavin
महोदय @sanjayjavin सर आपसे विनम्र निवेदन है कि #STET2019 की बहाली STET के प्राप्त अंकों पर ही कि जाए। यही उचित पैमाना होगा, अन्यथा कड़ी मेहनत कर अत्यधिक अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों के साथ नाइंसाफी होगी। विज्ञापन का पालन किया जाए।
उधर मुंबई भी समझ चुका है कि बिहार के लोगों के बिना उनका काम नहीं चल सकता। इसका जीता-जागता उदाहरण @ishankishan51 है। पंजाब के मुख्यमंत्री @CHARANJITCHANNI साहब को भी जल्दी समझ आ जाए तो उनके लिए अच्छा है और ना समझ में आया तो पंजाब में संता-बंता क्यों प्रसिद्ध है ये सब जानते हैं।