ये वही भाजपाई हैं, जो हज़ारों करोड़ प्रचार पर खर्च करके जनता को बचत और त्याग का ज्ञान देते हैं।
अब जनता समझ चुकी है - यह सरकार काम से ज़्यादा दिखावे की राजनीति करती है।
जब इंसान के सारे द्वार बंद हो जाते हैं तो आशा की अंतिम उम्मीद लिए कोर्ट के द्वार पर पहुंचता है लेकिन इधर लगातार देखा जा रहा है कि सरकार की भाषा और कोर्ट भाषा शायद एक जैसी हो गई है।
#TETप्रकरण
रिपोर्टर का सवाल:
एजुकेशन में क्रांति लाई तो बम चला… हेल्थ में डर नहीं?
खान सर का जवाब:
आज़ादी इसलिए नहीं मिली थी कि अंग्रेज़ जाएँ और अमीर लूटें।
खान पटना में 5 अस्पताल बनवाने वाले हैं
किडनी, हार्ट, ब्रेन, कैंसर व जनरल केयर के लिए सस्ता इलाज—MRI ₹1000, CT ₹700 में।
कहाँ तो तय था चरागां हर एक घर के लिये
कहाँ चराग मयस्सर नहीं शहर के लिये।
~~दुष्यंत_कुमार
संविधान की मूल प्रस्तावना के अनुसार भारत एक लोक कल्याणकारी राष्ट्र है तो NPS, UPS, निजीकरण थोपकर पूंजीवाद को बढ़ावा क्यों दिया जा रहा?
#NoNPS_NoUPS_OnlyOPS#NoTET_BeforeRTE@vijaykbandhu
मा0 प्रधानमंत्री जी मा0 न्यायपालिका ने पूर्व में दिए गए फैसले में कहा था खेल के नियम खेल के बीच में बदले नहीं जाते तो 2017 में कानून संशोधन कर TET लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर TET क्यों थोपी गई ?
#NoNPS_NoUPS_OnlyOPS#NoTET_BeforeRTE@narendramodi@dpradhanbjp