बहती हवा झूमकर हर दिन,
सबके प्राणों को बल देती ।
जन, खग, मृग, वन, शाक, लताएँ,
बनती सबकी सहज चहेती ।।
आओ, हम भी सारे मिलकर,
प्रकृति का आभार जतायें ।
सब मिल करें प्रकृति का रक्षण,
जीवन को खुशहाल बनायें ।।
~ त्रिलोक सिंह ठकुरेला
#विश्व_पर्यावरण_दिवस 🌿🌴
#लेखनी✍️
*यात्रा के तारीख मे परिवर्तन*
(1 जून के स्थान पर #11 जून से शुरु )
अटेवा द्वारा जनजागरण यात्रा जो *1 जून 26 से* शुरु होने वाली थी अपरिहार्य कारणों की वजह से अब *11 जून 26 से* शुरु होगी।
समय मिलने की वजह से आप सब और मजबूती और तैयारी के साथ यात्रा की सफलता मे लग जाये।
बार-बार एक ही प्रलाप..यह सुधार,वह संशोधन जब एनपीएस को,यूपीएस को इस देश के शिक्षकों कर्मचारियों ने #नकार दिया है तो उसमें सुधार का कोई मतलब नहीं यदि आप देश का हित चाहते हैं, शिक्षकों कर्मचारियों का हित चाहते तो OPS लागू कर दीजिए,आप भी टेंशन फ्री और देश का शिक्षक कर्मचारी भी।
#माँ रस है, छंद है, अलंकार है
सृजन की सत्कार है !
दोहा है, सोरठा है, चौपाई है
खय्याम की रुबाई है
सूर के पद है
तुलसी के मंत्रो का नद है !
श्रुति की ऋचाओं का अनहद स्वर है
स्मृतियों की सहचर है
उपनिषद् का ज्ञान है
पुराणों का प्राण है
~ संजय तिवारी
#HappyMothersDay#मातृ_दिवस 🤱