हिन्दू धर्म में जब भी हम किसी से मिलते हैं तो उनका अभिवादन दोनों हाथ जोड़ कर नमस्ते कहकर करते हैं. इसमें वैज्ञानिक सोच यह हैं कि जब हम हाथ जोड़ते हैं तब हमारी उँगलियाँ जुड़ती हैं और उस ऐकुयप्रेशर का असर हमारी आँख, कान और दिमाग तीनों जगह में होता हैं
वेद पुराण- जहाँ शंखना��� होता है वहाँ अनिष्टों का नाश होता है।
सनातन धर्म-संस्कृति में करतल ध्वनि,घंटा ध्वनि, शंख की ध्वनि को काफी प्रभावशाली माना जाता है।शुभ मौकों पर इसका प्रयोग किया जाता है।
जबकि थाली बजाना उत्साह का प्रतीक होता है।घर से नकारात्मकता दूर होती है।
#शंखनाद
22 मार्च शाम जैसे ही 5 बजें अपने मोबाइल को ब्लूटूथ स्पीकर से कनेक्ट करें और शँख और घंटियों की आवाज़ से अपनी बालकनियों से ऐसी गूँज पैदा क��ें कि पूरी दुनियाँ को सुनाई दे इसका video मुझे WhatsAppकरें +919350593505 पर #JanataCurfewWithIndiaTV
बात इन्कलाब की हैं तो महासंग्राम कर देंगे, त���म्हारी आँख के सामने सुबह को शाम कर देंगे,
ये हरे गमछे सफेद टोपी हमेँ क्या दिखाते हो, हम भगवा बाँध कर निकलेँगे तो कोहराम कर देंगे⛺
बात इन्कलाब की हैं तो महासंग्राम कर देंगे, तुम्हारी आँख के सामने सुबह को शाम कर देंगे,
ये हरे गमछे सफेद टोपी हमेँ क्या दिखाते हो, हम भगवा बाँध कर निकलेँगे तो कोहराम कर देंगे⛺
#भगवा
भगवा रंग हिन्दुओ की पहचान रहा हैं, भगवा रंग आज भी हमारे देश में त्याग, बलिदान, वीरता और पराक्रम का प्रतीक हैं, और ऐसा इसलिए हैं क्युकी भगवा ध्वज भारत का ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक ध्वज हैं प्राचीन काल से लेकर आज तक सभी मंदिरों और आश्रमों में भगवा रंग का ध्वज ही लगाया जाता हैं
इसी वजह से भगवा रंग प्राचीन काल से ही हिन्दू होने का प्रतीक रहा हैं भगवा ध्वज की र���्षा और सम्मान के लिये लाखों हिंदु जन तैयार हैं।
दोस्तों संपूर्ण विश्व में हिंदुत्व की ख्याति फैलाने हेतु आज भी हिन्दू समाज के लोग भगवा वस्त्र धारण कर, माथे पे टीका लगाकर जय श्री राम का नारा लगाते
दिल्ली के #ExitPolls देखकर.. अब ये
तय हो गया हैं कि दिल्ली की जनता..को
केवल फ्री का चाहिए..
देश के मुद्दे कोई मायने नहीं रखते.
देश के टुकड़े हो उन्हें कोई ल���ना देना नहीं..
घर-घर #शाहीन_बाग बन जाए कोई मतलब नहीं
#राम_मंदिर से कोई लेना-देना नहीं..
देश की सेनाओं के अपमान से मतलब नहीं
मुझे समझ नहीं आता कि #CABBiil का विरोध Congress, BSP, SP, Aap,TMC वाले विरोध क्यों कर रहे है जबकि ये बिल तो विदेश में रहने वाले हिंदु जैन शिख के लिए है जो मुस्लिम देश के अत्याचारों के कारण भारत की तरफ आते है। हिंदू जैन शीख भारत नहीं आयेंगे तो कहा जाएंगे दूसरा कोनसा देश है
आज भी अधिकांश घरों में तुलसी का पौधा लगाकर उसकी पूजा की जाती है. वैज्ञानिक मान्यताओं के अनुसार तुलसी का पौधा इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने में मदद करता है. यह एक आयुर्वेदिक औषधि भी है जिसका इस्तेमाल कई बीमारियों के इलाज में किया जाता है.#हिन्दू_संस्कार
आज भी अधिकांश घरों में लोग अपने परिवार के सदस्यों के साथ जमीन पर बैठकर खाना खाते हैं. जमीन पर पालथी मारकर बैठने को एक योग आसन माना गया है. इस आसन में बैठकर खाने से दिमाग शांत रहता है और पाचन क्रिया दुरुस्त होती है.#हिन्दू_संस्कार
हिंदू धर्म की परंपराओं में अपने से बड़ों के पैर छूना भी शामिल है. आज के इस आधुनिक युग में भी अधिकांश लोग अपने से बड़ों से मिलने पर उनके चरण स्पर्श करते हैं. इस परंपरा को विज्ञान भी सलाम करता है
#हिन्दू_संस्कार