DM पर तो नाजायज़ काम करने पर, हाईकोर्ट के जुर्माने की फटकार पड़ गई लेकिन उनका क्या होगा, जिनके दिशा-न��र्देश में ये सब प्रतिशोधात्मक काम हो रहा है?
D से पहले तो C आता है ना?
बाक़ी… जनता समझदार है।
सिर पर ‘सत्ता-सजातीय’ हाथ है
इसीलिए इनकी मूंछों पर ताव है
ऐस लोगों से क्या होना इंसाफ़ है
पर अब ये कुछ दिनों की बात है
क्योंकि दस्तक दे रहा बदलाव है
हम निलंबन की माँग नहीं करेंगे!