पंजाब की फाजिल्का मंडी के हाल देखिए, किसानों की करोड़ों की धान बारिश के पानी में बह गई; सरकारों ने दशकों से ₹4,000 करोड़ का सालाना मंडी टैक्स तो लिया लेकिन मंडियों में बारिश के पानी की निकासी तक का इंतजाम नहीं किया; हद ये है कि इस नुकसान का किसानों को एक पैसा मुआवजा नहीं मिलेगा।
Journalist @ShyamMeeraSingh explains , what happened and why he was detained .
Watch how delhi police treated journalists Shyam Meera Singh when he requested protection .
महिला प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हाथ भी नहीं लगाया - ये औपचारिक बयान है दिल्ली पुलिस का
और एक Woman Protestor के बाल खींच कर उठाने वाले ये Additional DCP Ashok Bishnoi नहीं हैं क्या ???
सब याद रखा जाएगा !!!
Liar Liar @Radhika_Khera!
Why share an AI generated image while calling others liars? At least get the basic facts right, The bond was signed today, 11 October, not 10 October. And it wasn't signed at the New Delhi District Magistrate’s office either.
Hire someone who can do basic research before churning out fake AI generated images.
जहाँ वोट चोरी के आरोप लगें, पत्रकारों की आवाज़ दबाई जाए, सत्ता के संरक्षण में गुंडागर्दी के आरोप सामने आएँ और देश की बेटियाँ भी सुरक्षित महसूस न करें—वहाँ लोकतंत्र, संविधान और नागरिकों की आज़ादी पर सवाल उठना लाज़मी है।
- जाट समाज
आज न्यूज़लॉन्ड्री के रिपोर्टर अवधेश ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े किए. आखिर बार-बार कहने के बावजूद भी कार की चेकिंग क्यों नहीं की गई? @MnshaP
Video credit-Uday Bhatnagar, Dainik Bhaskar
Delhi Police’s officer Anil Shukla snatched camera from Punjabi journalist @RaajSidhu77
Later it was taken by another police official. Now Delhi police is not returning his Camera.
मंत्री जी, जब आप हर किसान को MSP देने का जुमला सुना रहे थे, उस वक़्त सभी फसलों के मंडी में दाम MSP से नीचे थे
गेहूं MSP से 9% नीचे है
बाजरा MSP से 21% नीचे है
मक्का MSP से 20% नीचे है
चना MSP से 12% नीचे है
मूंग MSP से 15% नीचे है
अरहर MSP से 6% नीचे है
मसूर MSP से 7.5% नीचे है
#HPSC_घेराव#हल्ला_बोल ~ 17 फ़रवरी
हरियाणा के युवाओं के हक की लड़ाई अब सड़कों पर लड़ी जाएगी।
HPSC और भाजपा सरकार द्वारा युवाओं के साथ हो रहे अन्याय, भर्तियों में धांधली और खाली पदों की साज़िश के खिलाफ हम सब मिलकर HPSC का घेराव करने जा रहे हैं।
इस संघर्ष में हमारे साथ होंगे
भारतीय युवा कांग्रेस,
माननीय सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा जी
यह केवल एक विरोध नहीं, बल्कि हर उस युवा की आवाज़ है जिसका भविष्य दबाया जा रहा है।
आप सभी से आह्वान है — बड़ी संख्या में पहुँचें, अपनी हाज़िरी दर्ज कराएँ, और अन्याय के खिलाफ एकजुट हों।
अब चुप्पी नहीं — हक लेकर रहेंगे। ✊
#JusticeForHaryanaYouth
@DeependerSHooda@IYC@NayabSainiBJP
मुंबई मेट्रो का ढांचा गिरने के बाद :
- कॉन्ट्रैक्टर पर पेनल्टी : ₹5 करोड़
- कंसल्टेंट पर पेनल्टी : ₹1 करोड़
- मृतक ऑटोरिक्शा ड्राइवर के परिवार को दिया गया मुआवज़ा : ₹5 लाख
क्या MMRDA और सरकार एक दुखद घटना से भी पैसा कमा रहे हैं? 😶
No More "Toll Tax" ⚠️
देश में 550 सांसद है
लेकिन सिर्फ Raghav Chadha Ji ने सरकार से ये सवाल किया
कि जब...
वाहनों की खरीद पर पहले GST और Road Tax लगता है
Petrol/Diesel पर कई तरह की Duties और Cess लगते है
तो फिर क्यों नागरिकों से बार बार Toll Tax वसूला जा रहा हैं
Toll Tax के रूप में देश के लोगों पर अतिरिक्त भार डाला जा रहा है
जबकि अच्छी सड़के, शिक्षा, राजगार देना सरकार का दायित्व है ना कि कोई उपकार
जब टूटी फूटी सड़के है तो Tax किस बात का
ये Toll Tax नहीं बल्कि Organised Loot हैं
"मैं देखकर हैरानी रह जा रही हूं। मेरी रूह कांप जा रही है।"
कास्टिक पानी की वजह से यह हो रहा है। वो भी 4 साल से। किसी के पैर, किसी की आंख तो किसी का चेहरा खराब हो रहा। कंपनी के आगे सरकार सरेंडर क्यों है? उड़ीसा में लोगों की गुनहगारों को कौन बचा रहा?
मुकेश चंद्राकर उम्र 33 साल,
सच दिखाया तो जान से मार दिए . . .
पुरानी न्यूज़ है लेकिन जानते रहना जरूरी है,
एक पत्रकार था, ईमानदार, काम सिर्फ़ सवाल पूछना था, सच दिखाना था।
छत्तीसगढ़ में ₹120 करोड़ की सड़क योजना को लेकर बड़े सवाल उठाए गए थे।
कैमरा चला, सच रिकॉर्ड हुआ, और लोग जवाब सुनने वाले थे लेकिन, अगले ही दिन इनकी लाश एक सेप्टिक टैंक से मिली।
ये किसी फिल्म की कहानी नहीं है। ये उस सच्चाई की तस्वीर है जहाँ सच बोलना भी जानलेवा हो सकता है।
आज सवाल सिर्फ इनकी मौत का नहीं है,
सवाल ये है कि, अगर सच बोलने वाला ही सुरक्षित नहीं, तो आगे सच बोलेगा कौन?
याद रखिए, जब भी किसी पत्रकार की आवाज़ दबाई जाती है, असल में समाज की आवाज़ दबाई जाती है।
Journalism FreedomOfPress
TruthMatters JusticeForJournalists
PressFreedom VoiceOfTruth
11 साल पहले शिक्षा का बजट कुल बजट का 4.5% था,
आज घटकर 2.5% रह गया।
उच्च शिक्षा 2.5% से गिरकर 0.9% पर।
रक्षा बजट 17% से 13%।
नारे बड़े “मेक इन इंडिया”,
हकीकत ये कि मैन्युफैक्चरिंग GDP आज भी सिर्फ 12–13%।
सवाल पूछना अब गुनाह है?
अगर यही ‘अच्छे दिन’ हैं, तो बुरे दिन कैसे होंगे?