एक छोटी सी बात समझिए। जिस जगह प्रदर्शन हो रहा है उसके पास कनॉट प्लेस के हनुमान मंदिर समेत कई मंदिर हैं। यह मंदिर जनता के चंदे से चलते हैं। यह दीगर है श्री राम जन्मभूमि में चंदा लूट लिया गया।
जंतर मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस के लाठीचार्ज से बचने के लिए हजारों नौजवान हनुमान मंदिर गए, लक्ष्मी नारायण मंदिर भी गए। सभी जगह दरवाजा बंद कर दिया गया और फिर थक हार कर यह सभी गुरुद्वारे में पहुंचे।
गुरुद्वारे के सेवादार दरवाजे के बाहर खड़े हो गए और पुलिस को भीतर नहीं आने दिया। अच्छा खाना दिया, सोने की जगह दी। मंदिरों ने अपना धर्म नहीं निभाया।
देखिए चीन ऑटोमोबाइल टेक्नोलॉजी में कैसी कैसी तरक़्क़ी कर रहा है। ‘एक टांग’ उठा कर चलने वाली गाड़ी बना रहा है।
हमारे हाथ लग गई को हम इसमें इथेनॉल डाल कर इसे टांग उठाने लायक़ नहीं छोड़ेंगे 😜
@sumittkrtiwari@askrajeshsahu@grok आप ही बता दो भाई यह फैसला बदल भी सकता है, या यही फाइनल डिसीजन है।
यह कैसा नियम है भाई ५० वर्ष के लोग कौन सा परिक्षा देते हैं। जो सलेक्शन का नियम रहा होगा उस वक्त उसको तो पास करके ही बनें होंगे बाद नियम बदल रहा तो उसमें इनकी क्या ग़लती है भाई बता दो।
@abhishereporter Bhai tum dusro ke piche kyo pde ho. Apne reporting pe dhyan do breaking news btao. Ya tumhari bhi dukan bina kohli pe comment kiye nhi chlti h.
@abhishereporter Ab chutiye ab to apne ess gande muhh se ache words nikal le.
Le to liye retirement ab kyo faltu ka gyan pel rha h. Bde chote player tere khne se nhii honge smjha gandwe.