भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष आदरणीय श्री @jiratijitu जी को जन्मदिवस कि हार्दिक बधाई शुभकामनाएं.💐
ईश्वर आपकों सदैव स्वस्थ एवं प्रसन्न रखें।
@BJP4India@BJP4MP
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा असम पहुंचे।
असम के मुख्यमंत्री डॉ हिमंत बिस्वा सरमा के साथ शिवसागर जिले के बिहुबोर नेपाली खुटी के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया
बाढ़ प्रभावित लोगों से बातचीत की और हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
सदैव ऋणी रहूंगा....
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स्नेह-आत्मीयता, लाड़-प्यार के लिए दतिया-बसई का हृदय से आभार....
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जीवन की आखिरी साँस तक आपकी सेवा के संकल्प को पूरा करता रहूंगा....
सदैव आपका
आशुतोष तिवारी....
आज राहुल गांधी का आचरण पूरी तरह से अशोभनीय और निंदनीय रहा। नेता प्रतिपक्ष जैसा गरिमामय पद होने के बावजूद राहुल गांधी उसे गंभीरता से नहीं लेते हैं, यह आज उनके व्यवहार से स्पष्ट हुआ है।
लोकतंत्र में विरोध और अराजकता अलग-अलग बातें हैं। विरोध जब मर्यादा की सीमाओं को पार कर जाता है, तो वह अराजकता का रूप ले लेता है। आज प्रधानमंत्री जी के आवास पर जाकर जिस प्रकार राहुल गांधी और उनकी टीम ने अराजकता फैलाने का प्रयास किया, वह स्पष्ट संदेश देता है कि वे विरोध की राजनीति नहीं, बल्कि अराजकतावादी राजनीति के परिचायक बनते जा रहे हैं।
राहुल गांधी ने जिन मुद्दों पर चर्चा की शर्त रखी, उन्हें भी स्वीकार किया गया। लेकिन दुर्भाग्य देखिए कि नेता प्रतिपक्ष जैसे पद पर बैठा व्यक्ति अपने ही उठाए हुए विषयों से पीछे हट गया। इससे उनकी अपरिपक्वता स्पष्ट रूप से झलकती है।
विपक्ष के साथ संसद के पटल पर हर प्रकार का संवाद स्वीकार्य है, लेकिन इस प्रकार का व्यवहार देश की जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी।
कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के लोगों को महाराजा सुहेलदेव जी की परंपरा अच्छी नहीं लगती।
इन्हें तो गाजी मियां का मेला लगवाना था और ये वही कार्य करते थे, इसीलिए, इनकी दुर्गति भी हो गई...
राहुल गांधी की नकारात्मक राजनीति एक बार फिर बेनकाब हो गई।
NEET के मुद्दे पर पहले संसद में चर्चा की मांग हुई, लेकिन जब सरकार ने संवाद की पहल की तो राहुल गांधी ने अचानक एक नई शर्त रख दी।
बार-बार अपनी मांगें बदलना यह स्पष्ट करता है कि कांग्रेस का उद्देश्य समाधान नहीं, बल्कि राजनीतिक नाटक खड़ा कर संसद और जनजीवन को बाधित करना है।
- केंद्रीय मंत्री @DrJitendraSingh जी
मध्यप्रदेश के इतिहास में आज एक नया स्वर्णिम अध्याय अंकित हुआ है।
मध्यप्रदेश विधानसभा द्वारा 'समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक, 2026' का पारित होना संविधान की मूल भावना- समानता, न्याय और समान अधिकार को सशक्त करने वाला ऐतिहासिक निर्णय है।
माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी माननीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी के मार्गदर्शन तथा माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने सामाजिक न्याय और सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है।
समान नागरिक संहिता किसी धर्म या समुदाय के विरुद्ध नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक के अधिकारों की समान सुरक्षा, महिलाओं के सम्मान, सामाजिक समरसता और न्यायपूर्ण व्यवस्था को सुदृढ़ करने का संवैधानिक संकल्प है।
यह विधेयक विशेष रूप से मातृशक्ति, बेटियों और वंचित वर्गों के अधिकारों को और अधिक सशक्त करेगा तथा समान अवसर और समान न्याय की भावना को व्यवहारिक रूप प्रदान करेगा।
भारतीय जनता पार्टी प्रारंभ से ही "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास" के मंत्र के साथ न्यायपूर्ण एवं समरस समाज के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध रही है।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर प्रदेश के सभी नागरिकों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ।
#UniformCivilCode #UCCMP #समान_नागरिक_संहिता
जो कहते थे कि बंगाल कभी गुजरात नहीं बन सकता, वे आज घर बैठकर देख रहे हैं कि अमूल बंगाल में ₹700 करोड़ का निवेश कर रहा है। अब बंगाल के किसानों के दूध से बना ‘मिष्टी दोई’ पूरे देश तक पहुंचेगा।
: सुवेंदु अधिकारी, मुख्यमंत्री, पश्चिम बंगाल
PM मोदी ने राहुल गांधी पर कटाक्ष किया।
‘मुझे बताया गया कि 'स्काईरूट' स्टार्टअप में काम करने वाली पूरी टीम की औसत उम्र सिर्फ़ 28 साल है।
मैं 56 साल के युवा की बात नहीं कर रहा हूँ।
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव,बिहार प्रदेश प्रभारी व राज्यसभा सांसद आदरणीय श्री @TawdeVinod जी को जन्मदिवस कि हार्दिक बधाई शुभकामनाएं.💐
BJP Madhya Pradesh
अब केवल शब्दों से विवाह विच्छेद नहीं होगा…
समान नागरिक संहिता का उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए समान अधिकार और समान न्याय सुनिश्चित करना है।
#UniformCivilCode#UCC
अंतरिक्ष में भारत ने रचा इतिहास।
देश का पहला प्राइवेट रॉकेट 'विक्रम 1' हुआ लॉन्च।
देश का पहला ऑर्बिटल रॉकेट लॉन्च हो गया है, अंतरिक्ष में बढ़ेगी भारत की ताकत।
राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ का अपमान करने या उसके गायन में बाधा डालने को दंडनीय अपराध बनाने सहित कई बिल 20 जुलाई से शुरू हो रहे मानसून सत्र के दौरान संसद में पेश किए जाने के लिए सूचीबद्ध किया गया है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस बिल को पहले राज्यसभा करेंगे. इस बिल में प्रावधान किया गया है कि अगर कहीं कोई वंदे मातरम का अपमान करता है तो उसके खिलाफ कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है. जिस तरह से हमारे राष्ट्रगान जन गण मन को सम्मान दिया जाता है उसी तरह का सम्मान वंदे मातरम को भी देना जरूरी होगा.
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