14 साल से कोटा, राजस्थान की बिटिया तन्वी हार्ट सर्जरी करवाने के लिए द��ल्ली एम्स आ रही थी। उन 14 सालों में से 7 साल तक देश के स्वास्थ्य मंत्री JP नड्डा रहे। मौजूदा वक्त में भी यही हैं। इनके मंत्रालय में भी पीड़ित फैमिली ने शिकायत की, पर कोई एक्शन नहीं हुआ। उल्टा फैमिली पर प्रेशर बना कि शिकायत वापस लें। बेटी की सर्जरी नहीं हुई और वो मर गई। अब इंटरनल जांच शुरू हो गई है, लेकिन क्या इससे वो बेटी वापस आ पाएगी?
>ब्रो का नाम मुकेश चौधरी है
>ब्रो नकुर विधानसभा यूपी से भाजपा विधायक है
>ब्रो ने लखनऊ से चंडीगढ जाने सुपरफास्ट में टिकट बुक कराया
>ब्रो को फर्स्ट AC में लोअर बर्थ नहीं मिली
>ब्रो नाराज हो गया और भोंगा पसार दिया
>ब्रो ने 15 मिनट तक ट्रेन नहीं चलने दी
>बाद में बहुत मुश्किल से ब्रो को लोअर बर्थ द��� गयी
>ब्रो ने तब ट्रेन ��खनऊ से आगे बढ़ने दी
>काश ब्रो जनता के कामों के लिए भी इतना जिद्दी होता
>काश देश का हर नागरिक सीट न मिलने पर रेल्वे से लड़ पाता
लोकतंत्र की खूबसूरती का नजारा देखिये …
बंगाली लोग त्यागपत्र पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, वहीं तमिल लोग नियुक्तिपत्र पाने के लिए।
मलयालियों के पास त्यागपत्र और नियुक्तिपत्र दोनों हैं। लेकिन नियुक्तिपत्र के लिये कोई नाम ही नहीं है!!
😄😊😄😊😄😊😄😊
#BANGALA#tamil
@Shiv4477 Ye to mere sath bhi hua. Main 12429 se Delhi vapas aaraha tha. Charbagh plt 1 se pani ki bottle li, pani ka test sahi nhi tha, mujhe lga mujhe hi aisa lg raha hoga... pr yaha to kuchh or hi chal raha h
यह कहानी भी यूपी के उसी मुजफ्फरनगर से है जहां कल "छेड़छाड़ और रेट" पूछने वाले BJP नेता के पुत्र को 4 घंटे में छोड़ दिया गया था.
3 दिन पहले दिल्ली की एक महिला से रात 2 बजे छेड़छाड़, अश्लीलता, गाली-गलौज और बैडटच किया गया. हरिद्वार गंगा स्नान को जाते वक्त महिला ने परिवार के साथ गणपति ढाबा पर खाना खाया.
वह कार में बैठने वाली थी तभी पास की कार में सवार गुंडों ने उनसे अश्लीलता की. गंदे ��मेंट किये. मोबाइल नंबर मांगा. पति ने जब विरोध किया तो गुंडों ने उनके साथ बदतमीजी की, गंदी गालियां दी और हाथापाई को उतारू हो गये.
इस दौरान महिला को गंदी नीयत से छुआ गया. जाते-जाते गुंडों ने दोनों को जान से मारने की धमकी दी.
पुलिस ने 3 दिन बाद केस दर्ज किया है. गुंडों का कोई सुराग अब तक पुलिस नही ढूंढ पायी है. आरोपी गुंडे हरियाणा नंबर की एक गाड़ी में सवार थे.
भारतीय भाषा, भारतीय संस्कृति, भारतीय संस्कार, भारतीय नव संवत्सर..... ये सब बस आम नागरिकों के ���िए हैं, साहब को और उनकी व्यवस्था का इस से कोई संबंध नहीं है...
॥नव संवत्सर की शुभकामनाएँ॥
#चैत्र_नवरात्रि
#नवरात्रि #NavratriCelebration
#viral
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मेघनाद साहा की अध्यक्षता वाली कलेंडर सुधार समिति की संस्तुति पर शक संवत को भारतीय राष्ट्रीय पंचांग के रूप में स्वीकार करने का आधिकारिक निर्णय 22 मार्च, 1957 को लिया गया और सभी सरकारी प्रयोजनों के लिए ग्रेगोरियन तिथि के साथ-साथ भारतीय तिथि को भी अपनाया जाना तय हुआ।
इस व्यवस्था के अनुसार भारतीय संसद के नवनिर्मित भवन पर उत्कीर्ण इन शिलालेखों पर ग्���ेगोरियन कलेंडर के साथ-साथ भारतीय तिथि का उल्लेख भी किया जाना चाहिए था।
॥नव संवत्सर की शुभकामनाएँ॥
"दरोगा भर्ती परीक्षा में पूछा गया ये सवाल पढ़िए और इसके पीछे छिपी मंशा समझिए.."
सवाल : "अवसर के अनुसार बदल जाने वाला" इस वाक्यांश के लिए एक शब्द का चयन कीजिए -
विकल्प हैं --
A निष्कपट
B सदाचारी
C पंडित
D अवसरवादी
क्या इस सवाल के जवाब के विकल्प में पंडित हो सकता है?? या फिर ये पंडित जैसे शब्द को बदनाम करने या पंडित के अपमान की कोई साजिश है!!
प्रश्न पत्र बनाने वाला कौन था?? इसकी गंभीरता से जांच करानी चाहिए.. सख्त कार्रवाई भी करनी चाहिए क्योंकि भर्ती परीक्षा के इस प्रश्न पत्र में सामाजिक सद्भाव को बिगाड़ने की कोशिश की गई है.
लोग पंडितों के पीछे क्यों पड़े हैं..
#pandit #recruitment #Uppolice #UPPoliceExam #SubInspector #police
एक समय था जब सवर्ण बहु बेटियाँ किसी काम वश अपने आँगन के दहलीज के बाहर कदम निकालती थी तो उनके नूपुर के आवाज़ मात्र से हीं जिन नील कबूतरों के बाप दादाओं के दरवाजे बंद हो जाते थे, और गलती से रास्ते में टकरा भी जाए तो, मजाल नहीं की उनके नज़र सवर्ण बेटियों के पैरों से ऊपर उठ जाए और आज वहीं नीलचट्टे, इतना हिम्मत जुटा लिए हैं कि एक सवर्ण बेटी को घर से उठा, अस्मत लूट उसे कुएँ में फेंक देते हैं, उसी कुएँ में जिस कुएँ का पानी ठाकुर ने उन्हें 5000 सालों से पीने नहीं दिय��।
ये हिम्मत दरअसल उनका अपना नहीं है, ये गुस्ताखी उन्होंने अपने बलबूते नहीं की है, बल्कि मौजूदा सरकार चीख चीख कर उन्हें बताया है कि तुम हरि के जन हो, तुम सार्वभौम हो, तुम्हीं इस कलि के देव हो, तुम्हीं इश हो, तुम्ही सब हो, तुम्हारा किया कार्य कोई खराब नहीं माना जायेगा, जो मर्जी आये करो, सरकार तुम्हारे साथ है।
मैं तो बोलता हूं गनीमत ये रहा कि, पासवानों ने ये बोल कर FIR नहीं की थाने में कि, हुजूर माई बाप! ज�� हमने सवर्ण लड़की को घर से उठाया तो वो हमारा सहयोग नहीं कर रही थी, हमें जाति सूचक गाली दे रही थी, इसपर ST SC act लगना चाहिए.. कमाल तिसपर ये कि SHO लगा भी देता..
ये देश है हमारा अभी. गज़ज़ब मतलब गजव हीं हो रहा है। इस देश में लग रहा कि कुछ बड़ा हीं होगा तभी गाड़ी पटरी पर आएगी..
और देखिएगा आपलोग, एक भी चादर %&*.. सवर्ण नेता, कार्यकर्त्ता, साधु संत, मिडिया, एक भी नहीं जायेगा उधर झांकी मारने भी। क्योंकि पीड़िता सवर्ण जो है।
लानत है।
आज भी हमारे समाज ��ें बहुत सारे लोग जो अपनी जिम्मेदारी पूरी ईमानदारी से निभाते हैं/ सरकारे अगर व्यवस्था उपलब्ध कराये तो हमारे डॉक्टर भी बहुत कुछ कर सकते हैं.
@thebrainyogi
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सदर अस्पत��ल, रांची की OPD में एक 54 वर्षीय मरीज आया ,गर्दन-पीठ पर 17 वर्षों से बढ़ रहा लगभग 5 किलो का विशाल ट्यूमर लेकर। बैठना, सोना, सिर झुकाना ,सब उसके लिए दर्द भरी परीक्षा बन चुका था।
अपनी तकलीफ़ बताते-बताते वह रो पड़ा… बोला ���17 साल से इस बोझ को ढो रहा हूँ।” कई निजी अस्पतालों में गया, पर भारी खर्च सुनकर लौट आया। आर्थिक रूप से कमजोर, लेकिन उम्मीद अभी भी ज़िंदा थी। किसी ने उसे मेरे पास आने को कहा और वह उसी उम्मीद के सहारे पहुँचा।
मैंने उसे भर्ती किया और हमारी टीम ने निःशुल्क जटिल, उच्च-जोखिम सर्जरी रांची सदर हॉस्पिटल में की। लंबी और चुनौतीपूर्ण प्रक्रिया के बाद ट्यूमर पूरी तरह निकाल दिया गया।
ऑपरेशन के बाद जब उसे रा��त मिली, तो उसके घरवालों की आँखों में आँसू थे — दर्द के नहीं, दुआओं और राहत के। वर्षों बाद उनके चेहरे पर सुकून दिख रहा था।
कभी-कभी इलाज सिर्फ ऑपरेशन नहीं होता… किसी के 17 साल पुराने दर्द का अंत भी होता है।
मेरे लिए यह सिर्फ एक सर्जरी नहीं, एक ज़िंदगी की वापसी है।