@KanpuriyaFeed@BJP4UP Ye saale kaun log hai jo swagat k liye jaate hai, inke pass kaam dhanda nai hai kya. Aur aise aise logo ka swagat karne ki jarurat ho kya hai, 80 percent janta isko jaanti bhi nai hogi.
ट्रैफिक पुलिस कर्मी ने मुझे सहायता केंद्र ले जाकर पीटा है...मेरे 3000 रुपए छीन लिए.. ऑटो का 7000 Rs का चालान कर दिए..!
इतना ही नहीं मुझे और मेरी मां को भद्दी भद्दी गालियां भी दी है..!
पीड़ित रोहित कह रहा है...क्या ऑटो चालक इंसान नहीं होते...किसी की मां को गाली देंगे ये पुलिसकर्मी.....?
ये मामला यूपी के कानपुर का है..पूरी घटना के बारे में पीड़ित रोहित से जानिए..👇👇👇
आज लाठी चार्ज कैसे हुआ ?
गौर से देखें।
क्योंकि बिल्कुल संयमित व अनुशासन के साथ संवैधानिक तरीके से रैली निकाले जा रहे थे।
लेकिन एक RPS अधिकारी की करतूत...!!
@KanpuriyaFeed@OfficeOfNG@NHAI_Official Lekin toll tax pura liya jayega 600 hai ya kuch upar neeche, uski gudwatta me koi kami nai hogi. Nitin gadkari ko politics chhod deni chahiye kama liye jitna kamana tha, ab desh pe reham khani chahiye unko.
@kanpursneed Ab to kisi bhi sarkari vibhag wale ko dekh lo to din hi kharab ho jaye aisa halat ho gaya hai, inse seedha muh baat bhi karne ka Mann nai hota. Aur police to ab khud hi gunda bani ghoom rahi
सुनेंगे तो कलेजा काँप जाएगा!
अयोध्या पुलिस की कहानी।
अतिक्रमण हटाने के नाम पर सरजू तट पर पानी बेचने वाले दीपक कुमार सिंह को इस कदर दौड़ाया कि गिरने से मौत हो गई।
अपनी गोद में मासूम बच्चे को लिए उनकी पत्नी मनीषा देवी फूट फूटकर रोते हुए दर्द बयां कर रही हैं।
आप नोट कर लीजिए। न कोई जांच होगी, न कार्यवाही।
कल सुबह से फिर खुलेगी भाषणों की डिस्पेंसरी, बटेंगी अकबर-बाबर की दवाई!!
Mohammad Zahid recorded an objectionable video of a Class 7 Hindu girl and made it viral in Ballia, UP.
The girl’s father alleged that Inspector Ismail Sheikh took a bribe and didn’t acted and the girl committed suicide.
Her father, who is abroad, is begging Yogi Adityanath for action.
गरीब ई रिक्शा चालक का साहब ने नो एंट्री में प्रवेश बताकर 20000 का चालान कर दिया..!
युवक साहब से कह रहा है नो एंट्री का बोर्ड कहां है..चालान को कर दिए 20k का..!
आरोप ये भी है कि प्राइवेट लोगों द्वारा रिक्शा रुकवाकर वसूली करवाई जाती है.. आरोप की जांच तो प्रशासन करेगा..!
दिल्ली वासी ही बता पाएंगे कि क्या सच में आरोप सही है.. मेरा सवाल तो बस इतना सा है कि -
मैने कभी प्रभावशाली व्यक्ति का इस प्रकार इतना भारी भरकम चालान होते नहीं देखा..ऐसा क्यों..?
गरीब है कमजोर है बेबस है क्या ही करेगा..इसका फायदा उठाया जाता है क्या..?
काले शीशे नम्बर प्लेट गायब सड़को पर फुल टशन।
लगता है पुलिस और आम जनता दोनों के लिए ट्रैफिक नियमों की 2 अलग अलग किताबें छापी गयी है।
@dtptraffic कार्यवाही ?
यूपी में युवक कार में बैठा था सड़क के किनारे लगाकर तभी 2 यूपी पुलिस के जवान आकर उसकी वीडियो बनाने लगते है। 🤯
कार में बैठा युवक पूछता है,आप मेरी वीडियो क्यों बना रहे है। पुलिस वाले ने बोला हम गश्त लगा रहे है।
फिर कार वाले युवक ने कहा वैसे हेलमेट तो अपने भी नहीं पहना है।
आज @tehseenp को हाउस अरेस्ट किया गया। क्यों? क्योंकि शांतिपूर्ण तरीके से, सारी अनुमतियों के साथ, संविधान के वृत्त में, मौलिक अधिकारों के साथ प्रदर्शन करने वालों से सरकार को भय लगता है?
हाउस अरेस्ट के प्रोविजन्स क्या हैं? क्या इसका कोई लीगल प्रावधान है? @DelhiPolice क्या चाहती है? अब लोग प्रदर्शन के अधिकार के लिए भी कोर्ट से अनुमति लें?
यूजीसी पर दो बार अनुमति दे कर रोका गया। इथेनॉल पर तीन बार तहसीन पूनावाला को रोका गया। क्यों? क्योंकि हमारे हाथ में पेट्रोल बम नहीं है? क्योंकि हम केवल बात कहना चाहते हैं?
@PMOIndia इस अंधेरे में न रहे कि जनता इसे मोदी जी की रीलबाजी से भूल जाएगी। इस पूरे वर्ष का लेखा-जोखा हम उचित समय पर निकालेंगे। तुम्हें भी पता है कि ठाकुर-ब्राह्मण की स्थिति, स्थानीय भ्रष्टाचार, जनता के विषयों के फुनसी का बवासीर तुम बना चुके हो।
ऐसी हर एक मूर्खता, तुम्हारे लिए कर्ण की भाँति मुख्य युद्ध में चक्का धँसने और मंत्र भूलने जैसे श्राप साबित होंगे। कोई रील, कोई चाटुकारों की पोस्ट काम नहीं आएगी। हम सड़कों पर अभी नहीं उतरेंगे, पर जब जीना हराम कर दोगे, तब देख लेंगे।
चुनाव में प्रतिनिधित्व सबसे सटीक तरीका होता है। जिसकी जनसंख्या अधिक, उसके नेता को उतने वोट। लेकिन विडम्बना देखिए कि यहाँ वास्तव में एकमात्र मापदंड मेरिट ही है।
आपने किसी लोकसभा/विधानसभा चुनाव में कभी सुना है कि सवर्ण प्रत्याशी को 90,000 वोट आने पर भी, सातवें नंबर पर 53,000 पाने वाले दलित को सांसद/विधायक बना दिया गया हो?
जब तुम यहाँ कटऑफ कम नहीं करते, तो परीक्षाओं में क्यों?
What the hell?!
A central minister is openly threatening social media platforms merely because people are speaking over reservation?!
@narendramodi ji, this can’t be allowed.
Pls look into this.
अगर सोनम वांगचुक के लिए आँसू बहाए थे, तो एक बार महिपाल सिंह मकराणा के बारे में भी सोचिए।
वह पिछले 20 दिनों से नंगे पाँव, भूखा-प्यासा लगभग 650 किलोमीटर की पदयात्रा पर है। वह दावा करता है कि यह संघर्ष आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के लिए है।
#Reservationhatao#Reservationend