बिहार विधानसभा चुनाव में प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज एक भी सीट नहीं जीत पाई थी उनकी पार्टी ने कुल 243 में से 238 सीटों पर चुनाव लड़ा था
कई सीटों पर तो इसके उम्मीदवार से अच्छा प्रदर्शन' (NOTA) ने किया चुनाव के नतीजे बताते हैं कि जन सुराज को चुनावी मैदान में पूरी तरह से हार का सामना करना पड़ा था
किसी भी राजनीति पार्टी के पास उसका कोर voter होता BJP के सवर्ण RJD के पास यादव मुस्लिम पिछड़ी जाति हैं।
जेडीयू के पास कोइरी कुर्मी हैं LGPR के पास पासवान वोटर है लेकिन प्रशांत किशोर को अब तक अपना कोर voter नहीं मिला है।
सवर्ण समाज के पास मौका हैं जनसुराज पार्टी का कोर voter बनने का बांकीपुर उपचुनाव में खुल कर सवर्ण समाज को प्रशांत किशोर को वोट करना चाहिए।
बाँकीपुर में सवर्ण यादव मुस्लिम अतिपछड़ा यह वोट जिसको मिल जाय उसको हराने से कोई नही रोक सकता है। मुझे लगता है इसमें से अधिकतर वोट इसबार जनसुराज को मिलेगा। ग्राउंड रिपॉर्ट फीडबैक यही कहता है। भजपा से लोग बहुत ज्यादा नाराज है।।
2025 के विधानसभा चुनाव में ब्राह्मण, भूमिहार और राजपूत समाज ने एकजुट होकर BJP को वोट किया जिससे बीजेपी फायदा हुआ.
तीन अगड़ी जातियों को इस बार जन सूरज पार्टी को वोट करना चाहिए बांकीपुर उपचुनाव में।
प्रशांत किशोर जी ब्राह्मण हैं. बिहार में ब्राह्मण समुदाय की आबादी 3.65 है. ब्राह्मण समाज के अलावा भूमिहार 2.8% और राजपूत 3.4% हैं.
बिहार के सवर्ण समाज को परंपरागत तरीके से वोट नही करना चाहिए. इस बार प्रशांत किशोर को अपना नेता बनाए..
बीजेपी को सबक सिखाना जरूरी है 🔥
भरत तिवारी को मुंह बन्द करने के लिए 4 करोड़ के ऑफर दिए गए थे इस वीडियो में इन्होंने सभी लोगों का नाम लिया है जो इनका मुँह बन्द करने और जान से मारने की धमकी देते थे सुनिये पूरी सच्चाई
इस बार बिहार में भाजपा विधानसभा उपचुनाव हार सकती है क्योंकि लोगों में बहुत ज्यादा नाराजगी है
भरत तिवारी इनकाउंटर के बाद सवर्ण समाज बहुत ज्यादा नाराज चल रहा है जिसका फायदा प्रशांत किशोर जी को मिल सकता है।
आप किसे समर्थन करेंगे?
१. BJP
२. RJD
३. प्रशांत किशोर
बिहार के वरिष्ठ पत्रकार संतोष सिंह कहते हैं कि भरत तिवारी को शहीद कहने में अब मुझे गुरेज़ नहीं है। जिस जवनिया गाँव के निचले इलाक़े में बसाए गए बाढ़ पीड़ित ग़रीबों के घर के पास मिट्टी भराने और नल लगाने के लिए भरत तिवारी ने गोली खा लिया।
आज दर्जन भर ट्रैक्टर, मिट्टी भराई के काम में लगा है। 26 ग़रीबों को जमीन का पर्चा भी मिल गया, जिसको लेकर भरत आए दिन आन्दोलन करता रहता था। चापाकल, पम्प सब लग गया, जिसको लेकर भरत का एसडीएम से आए दिन विवाद होता था।
गाँव वाले रो - रो कह रहे थे भरत बाबू के सामने ये सब हो गया रहता तो उनका मरना नहीं पड़ता!
वो तो इनकी सोच थी की “भरत तिवारी को मार के इसका प्रमोशन कर देंगे बदली कर देंगे”
ये भरत तिवारी के माँ के शब्द है
सरकार ने शाहपुर के तत्कालीन एसडीपीओ राजेश कुमार को मद्य निषेध विभाग में डीएसपी के पद पर तैनात कर दिया है !!
राजेश शर्मा उन्हीं अधिकारियों में शामिल हैं, जिनके खिलाफ भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में आरोप लगे है !!
राजेश की नई तैनाती के बाद विपक्ष ने सरकार पर फिर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं
वहीं भरत तिवारी के परिवार ने भी इस फैसले पर नाराजगी जताई है
क्या भजन लाल शर्मा, शुभेंदु अधिकारी, हेमंता बिस्वा शर्मा या फिर देवेंद्र फडणवीस अपने ब्राह्मण समाज के लिए ऐसी टिप्पणी करने की हिम्मत रख सकते है ?
या भाजपा में ये छूट सिर्फ 'सम्राट चौधरी' जैसे नेताओं को है ?
यादव-सवर्ण एकता जिंदाबाद | अहीर रेजिमेंट हक है हमारा ✊ आवाज दो हम एक है
साथियों, जिस तरह यादव समाज ने हर सुख-दुख में सवर्ण समाज का कंधे से कंधा मिलाकर साथ दिया है, अब समय है कि हम सवर्ण समाज भी उनके हक की लड़ाई में उनके साथ खड़े हों।
"अहीर रेजिमेंट" सिर्फ यादव समाज की मांग नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति का सम्मान है। जब देश की रक्षा के लिए अहीर शौर्य ने बार-बार इतिहास रचा है - 1962 रेजांग ला युद्ध इसका गवाह है - तो उन्हें अपनी अलग रेजिमेंट का हक मिलना ही चाहिए।
हम सवर्ण समाज यादव भाइयों की इस वर्षों पुरानी न्यायोचित मांग का खुलकर समर्थन करते हैं। सरकार से हमारी एक स्वर में मांग है: "अहीर रेजिमेंट का गठन तुरंत किया जाए"
यह लड़ाई किसी एक जाति की नहीं, सामाजिक समरसता और फौजी सम्मान की है। जब समाज एक होगा, तभी देश अजेय होगा।
जय जवान, जय किसान
जय यादव, जय माधव
यदि जितना चन्द्रशेखर रावण का समाज उसका साथ देता है उसका 50% भी हमारा समाज साथ दे दे तो क्रांति ला दूँगा ब्राह्मणों पर कोई आँख दिखाने की हिम्मत नहीं करेगा ।