पिछले दस साल से यही हाल है। आंदोलन कर कर के हम शिक्षक थक गये ... पर आज भी हम बिन वेतन हैं। आखिर क्यों ? कब हम निगम शिक्षकों की सैलरी एक तारीख को हर महीने मिलेगी ?
मेरे पास बोलने के लिये यही है डीडीए का रोड़ है जो केंद्र सरकार के पास है लेकिन सिर्फ़ इस चीज़ के लिये जनता ज़िम्मेदार है क्यूकी वोट दिया है इन निकम्मों को जनता ने।
6 month में कार के चारों टायर पंक्चर हो होकर बर्बाद हो गये इस रोड पर ।रोड पर कार या बाइक ऐसे चलती है ,मानो रेगिस्तान मे camel ride ...इतना गुस्सा आता है यहां से रोज गुजरते हुए.....कि हमारे टैक्स का पैसा आखिर जाता कहां है। हम लाखों रुपए टैक्स में देते है ऐसे ही सड़क पर चलने के लिए
मेरे पास बोलने के लिये यही है डीडीए का रोड़ है जो केंद्र सरकार के पास है लेकिन सिर्फ़ इस चीज़ के लिये जनता ज़िम्मेदार है क्यूकी वोट दिया है इन निकम्मों को जनता ने।
Sta buses using Sector 6 dwarka as shortcut to avoid road 224, using service lane of sector 10 to merge Aman chowk red light and then towards Sectoe 6 mini market. Totally illegal route .@DCPDwarka@dtptraffic @Dwarkafederati1 @chauhanshobhit_@ManchNajafgarh@najafgarhconfes
यदि आप किसी भी professional skill से परिपूर्ण हैं,रिटायर हैं और अपना कुछ समय, देश के भविष्य, स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के साथ गुजारने की इच्छा रखते हैं तोआपके लिए सुनहरा अवसर है समाज और देश के लिए और कुछ सेवा करने का, योगदान देने का....@VidyanjaliDelhi
प्लीज़ 4 दिसंबर को 4am to 4am (5 दिसंबर) 24 घंटे मेट्रो का परिचालन कीजिए ताकि पूरी दिल्ली से चुनाव प्रक्रिया खत्म कर कर्मी खासकर महिलाएं सुरक्षित अपने घर पहुंच जाएं।
On the day of Municipal Corporation of Delhi election i.e., 4th December 2022 (Sunday), Delhi Metro train services on all Lines will start from 4 AM from all terminal stations with a frequency of 30 minutes till 6 AM. After 6 AM, trains will run as per normal Sunday timetable.
महिला चुनाव कर्मी की सुरक्षा को देखते हुए 4dec को पूरी रात मेट्रो चलना चाहिए ताकि वो सही सलामत रात में अपने घर पहुंच जाएं। 40 से 50 किमी दूर तक चुनाव ड्यूटी आई है। @OfficialDMRC@MCTA_RN_SOLANKI
महिला चुनाव कर्मी की सुरक्षा को देखते हुए 4dec को पूरी रात मेट्रो चलना चाहिए ताकि वो सही सलामत रात में अपने घर पहुंच जाएं। 40 से 50 किमी दूर तक चुनाव ड्यूटी आई है। @OfficialDMRC@MCTA_RN_SOLANKI
बिल्कुल सही कहा आपने सर।ऐसे बच्चों को सबसे ज्यादा प्यार की जरूरत होती है,इमोशनल और सायकोलोजिकल सपोर्ट की जरूरत होती है।इनका बचपन लौटाना हम सबकी जिम्मेदारी है।आपने इस पर चर्चा की है, इसे अपने विचारों मे शामिल किया है,इसके लिए आपकी प्रशंसा करती हूं।इस सपने को सच होते देखना चाहूंगी।
ट्रैफ़िक लाइट पर खड़े बच्चों की तरफ़ आज तक किसी सरकार ने ध्यान नहीं दिया, वो इसलिए क्योंकि वो “वोट बैंक” नहीं होते।
हम उनका ध्यान रखेंगे। हमारी सरकार उन बच्चों के लिए शानदार स्कूल बनाएगी, वो वहीं रहेंगे, वहीं पढ़ेंगे। हम उन्हें एक बेहतर नागरिक बनाएँगे।
ट्रैफ़िक लाइट पर खड़े बच्चों की तरफ़ आज तक किसी सरकार ने ध्यान नहीं दिया, वो इसलिए क्योंकि वो “वोट बैंक” नहीं होते।
हम उनका ध्यान रखेंगे। हमारी सरकार उन बच्चों के लिए शानदार स्कूल बनाएगी, वो वहीं रहेंगे, वहीं पढ़ेंगे। हम उन्हें एक बेहतर नागरिक बनाएँगे।
Great initiative sir
आपका बहुत बहुत धन्यवाद सर, आपने कम से कम सोचा तो इस दिशा में।मै इस पूरी प्रक्रिया में शामिल होना चाहूंगी सर। पिछले 6 वर्षों से मै ट्रैफिक लाइट से बच्चों को स्कूल तक पहुंचाने की कोशिश कर रही हूं और काफी सफलता मिली है। ये योजना मेरे सपने को साकार होने जैसा है