लखनऊ की सड़कों पर युवाओं की आवाज गूंज रही है 60 हजार शिक्षक भर्ती दो!
योगी सरकार युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बंद करे। 11 हजार नहीं, 60 हजार शिक्षक भर्ती का विज्ञापन जारी करो।
2027 में युवा हिसाब भी लेगा और जवाब भी देगा।
#रोजगार_दो_या_सत्ता_छोड़ो#60हजार_शिक्षक_भर्ती_दो
सरकार ने बेसिक में साढ़े 11 हजार पदों पर भर्ती निकाली।
लड़के आज लखनऊ में प्रदर्शन कर रहे। मांग है कि 60 हजार पदों पर भर्ती हो।
पिछले 8 सालों से यूपी में कोई भी भर्ती नहीं हुई। इतने कम प�� आने से नौजवान निराश है।
आज ���्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का जन्मदिन है। ऐसे दिन अगर युवा शिक्षक भर्ती के अपने हक़ के लिए धरने पर बैठे हैं, तो यह सिर्फ़ एक रोजगार का सवाल नहीं, उनके भविष्य का सवाल है।
शायद इससे बेहतर जन्मदिन का संदेश उन युवाओं के लिए कुछ और नहीं हो सकता कि उनकी आवाज़ सुनी जाए और शिक्षक भर्ती को लेकर एक ठोस फैसला लिया जाए।
क्योंकि किसी युवा को रोजगार की उम्मीद देना ही नहीं, उसके भविष्य को दिशा देना भी सरकार की जिम्मेदारी है।
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आशीर्वाद का दिया जलाने के लिए आह्वान करने वालो से बेरोजगार युवा पूछ रहे हैं कि हमारे घर में जो 8 सालों से बेरोजगारी का अंधेरा है उसे मिटाने के लिए हम कौन सा दिया जलाएं।
कड़ी धूप में, भूख-प्यास को भूलाकर।
पढ़े लिखे युवाओं को अपनी जायज मांग, हक, अधिकार के लिए धरना देना पड़ रहा है।
इससे बड़ा दुर्भाग्य किसी देश और प्रदेश का क्या हो सकता है।
युवाओं को उनके मांग के अनुसार सम्मानजनक शिक्षक भर्ती का विज्ञापन जारी होना चाहिए और पुरानी नियमावली पर ही TGT/PGT की भर्ती प्रक्रियाओं को पूर्ण किया जाना चाहिए।
@myogiadityanath@BasicShikshaUP@UPGovt@upessc
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योगी जी, गाँव के स्कूलों में शिक्षक चाहिए और पढ़-लिखकर बैठे युवाओं को नौकरी। फिर भर्ती में इतनी कंजूसी क्यों?
सालों के इंतज़ार के बाद सिर्फ़ 11,508 पद? 60 हजार भर्ती की माँग कर रहे युवाओं को इससे क्या जवाब देंगे?
शिक्षक देंगे नहीं तो पढ़ाई कैसे होगी? और पढ़ाई नहीं होगी तो बच्चे स्कूल क्यों आएँगे? फिर कम बच्चों का हवाला देकर स्कूल बंद करना कितना आसान हो जाएगा!
#60_हजार_शिक्षक_भर्ती
8 साल के लंबे इंतज़ार के बाद शिक्षक भर्ती आई, लेकिन युवाओं के हाथ फिर निराशा लगी। करीब 60 हजार पदों की भर्ती की मांग को लेकर अभ्यर्थी धरने पर बैठे हैं, जबकि सरकार की ओर से महज 11,508 पदों का अधियाचन भेजा गया है।
सवाल उन परिवारों के न्याय के लिए है जिनके बच्चे सालों से इस भर्ती का इंतजार कर रहे है जब स्कूलों में हजारों पद खाली हैं और योग्य युवा वर्षों से तैयारी कर रहे हैं, तो भर्ती को इतने कम पदों तक सीमित क्यों रखा गया?#60k_शिक्षक_भर्ती
इंकलाब जिंदाबाद 🔥
सभी साथी अधिक से अधिक संख्याबल में आज SCERT लखनऊ पहुंचे 🔥
आज का संख्याबल ही आपका आगामी भविष्य तय करेगा। एक ही मुद्दा एक ही नारा ---
11000 में दम नहीं 60 हजार से कम नहीं
11000 भर्ती के विज्ञापन पर स्पष्ट है कि रिक्तियों की संख्या घट बढ़ सकती है। इसलिए साथियों ग्रामीण संवर्ग की रिक्तियां जुड़वाने के लिए कल हर ह���ल में SCERT लखनऊ पहुंचे 🙏🔥
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बीजेपी सरकार की भर्ती का गणित देखिए—
पद खाली: 1,93,000
भर्ती: 11,508
यानी बेरोजगारों के लिए ऊंट के मुंह में जीरा!
8 साल इंतजार के बाद भी युवाओं के हाथ क्या आया?
बस एक और निराशा।
#अनपढ़_रहेगा_इंडिया_तभी_तो_अंधभक्त_बनेगा_इंडिया
यूपी में सहायक अध्यापक की पोस्ट पर भर्ती आई, बड़ी खबरें चली हैं.
लेकिन आपको पता है कि साल 2024 में ही प्रदेश सरकार ने विधानसभा में जवाब दिया था कि यूपी में प्रधानाध्यापक और सहायक अध्यापक के 85,152 पद खाली हैं.
लेकिन एक डेढ़ साल पहले यूपी में स्कूलों का मर्जर भी किया गया, जिसके बाद स्��ूलों में टीचर्स की संख्या को कैलिबरेट शायद नहीं किया गया.
ऐसे में साढ़े 11 हज़ार पोस्ट पर भर्ती निकालने को स्टूडेंट्स पचा नहीं रहे हैं.
हमसे बातचीत में स्टूडेंट्स ने कहा - "हम कल लखनऊ में प्रोटेस्ट करेंगे."
1,93,000 पद खाली… भर्ती सिर्फ 11,508!
8 साल बाद आई बेसिक शिक्षा की भर्ती ने सरकार की मंशा पर सवाल खड़े कर दिए।
युवाओं को नौकरी नहीं, चुनावी ��ॉलीपॉप दिया जा रहा है।
मोदी-योगी सरकार से सवाल है—
बाकी पदों का क्या होगा?
#अनपढ़_रहेगा_इंडिया_तभी_तो_अंधभक्त_बनेगा_इंडिया
सोचिए… जिस प्रदेश में 1 लाख 93 हजार शिक्षक पद खाली पड़े हैं, वहां सरकार ने 8 साल के लंबे इंतजार के बाद भर्ती निकाली भी तो सिर्फ 11,508 पदों की!
जरूरत 1 लाख 93 हजार की, भर्ती सिर्फ 11 हजार 508 की।
ये भर्ती नहीं, बेरोजगार युवाओं के साथ मजाक है।
मोदी-योगी का नारा है— “अनपढ़ रहेगा इंडिया, तभी तो अंधभक्त बनेगा इंडिया!”
#अनपढ़_रहेगा_इंडिया_तभी_तो_अंधभक्त_बनेगा_इंडिया