This is the official account of Lalan Kumar | Member of the Indian National Congress | Elected Member of AICC | MLA Candidate~ UP Assembly Election (2022)
सच बोलने वाला हमेशा आवाज़ उठाता है, और गुनाहगार सच्चाई सामने आते ही खामोश हो जाता है।
आज मोदी @narendramodi जी की ख़ामोशी यही बता रही है कि मामला सिर्फ़ इल्ज़ाम नहीं, बल्कि चोरी का सबूत है।
— श्री राहुल गांधी @RahulGandhi जी
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने केंद्र की मोदी सरकार पर बड़ा निशाना साधा है, उन्होंने US नेवी के हमले में जान गंवाने वाले नाविकों और ओमान के बंदरगाह पर खड़े एक पोत पर सवार एक भारतीय की बीमारी की वजह से मौत मामले को लेकर लिखा- "Compromised PM के राज में एक भारतीय होने का मतलब दुर्गति है. विदेशी ताकत हमारे नागरिकों को मारती है. हमारी सरकार एक आज्ञाकारी नौकर की तरह चुप-चाप आदेश मान लेती है - और हमारे नागरिक सड़ने के लिए छोड़ दिए जाते हैं"
#RahulGandhi #IranWar #StraitOfHormuz #ABPNews
मेगा जॉब फेयर में रजिस्ट्रेशन करने का तरीका 👇
● रजिस्ट्रेशन कोड को स्कैन करने पर IYC की वेबसाइट खुलेगी- जहां आप फॉर्म भर सकते हैं
● आप खुद को ऑफलाइन भी रजिस्टर करवा सकते हैं
● अगर आप रजिस्ट्रेशन नहीं करवा पाए हैं, तो 19 जून को मेगा जॉब फेयर में पहुंचकर भी रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं
मेगा जॉब फेयर में रजिस्ट्रेशन बिल्कुल मुफ्त है।
: यूथ कांग्रेस अध्यक्ष @UdayBhanuIYC जी
📍 दिल्ली
भूखा पेट, घर वालों के ताने और लीक होते पेपर; लखनऊ के इको गार्डन में गूंजा 6 हजार प्रतियोगी छात्रों का दर्द, भाजपा सरकार पूरी तरह मौन!
"7 साल से तैयारी कर रहे हैं, भीड़ में खड़े होकर भी घर वालों से झूठ बोलते हैं कि ट्रेन में सीट मिल गई, भूखे पेट रहकर भी कह देते हैं कि खाना खा लिया... लेकिन बदले में हमें क्या मिलता है? सिर्फ तारीखें और लीक हुए पेपर!" यह दर्द लखनऊ के इको गार्डन में प्रदर्शन करने आए उन हजारों प्रतियोगी छात्रों का है, जिनका भविष्य भाजपा सरकार की नाकामियों की भेंट चढ़ चुका है। 'एग्जामपुर' के फाउंडर विवेक कुमार के नेतृत्व में 6 हजार से अधिक अभ्यर्थियों ने प्रदेशव्यापी आंदोलन कर सरकार के खिलाफ हुंकार भरी।
प्रयागराज सहित यूपी के कोने-कोने से आए इन युवाओं की बेबसी और आंखों के आंसू भाजपा के 'रोजगार और सुशासन' के दावों की पोल खोल रहे हैं। पेपर लीक माफियाओं पर मेहरबान और युवाओं को मानसिक अवसाद में धकेलने वाली यह सत्ता आखिर इन आंसुओं का क्या हिसाब देगी?
मुस्कुराइए... यह 'नए उत्तर प्रदेश' के 'नए लखनऊ' की गोमती नदी है।
नदी कम, नाला ज़्यादा लग रही है। लेकिन सरकार के विज्ञापनों में सब चकाचौंध है।
@myogiadityanath@CMOfficeUP
Compromised PM के राज में एक भारतीय होने का मतलब दुर्गति है।
विदेशी ताकत हमारे नागरिकों को मारती है। हमारी सरकार एक आज्ञाकारी नौकर की तरह चुप-चाप आदेश मान लेती है - और हमारे नागरिक सड़ने के लिए छोड़ दिए जाते हैं।
इस भारतीय को घर लाइए। अभी।
“This is the dead body of our second officer. He died two days ago and his body is decomposing. We reached out to the Indian Embassy but haven’t got a positive response. Our company is hiding from us,” says Indian captain of MT Celestial anchored in Oman
Compromised PM के राज में एक भारतीय होने का मतलब दुर्गति है।
विदेशी ताकत हमारे नागरिकों को मारती है। हमारी सरकार एक आज्ञाकारी नौकर की तरह चुप-चाप आदेश मान लेती है - और हमारे नागरिक सड़ने के लिए छोड़ दिए जाते हैं।
इस भारतीय को घर लाइए। अभी।
अमेरिकी हमलों में तीन भारतीय नाविकों की हत्या के चंद दिन बाद - न अफ़सोस, न माफ़ी। उल्टा, अमेरिका ने आदेश देना जारी रखा है।
उनके शब्द पढ़िए: “अमेरिकी सेना के आदेश तुरंत मानें।” कोई उल्लंघन “बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
एक आज़ाद देश इस तरह की भाषा कभी नहीं सहेगा। लेकिन हमारे Compromised PM? चुप। एक आज्ञाकारी नौकर की तरह सुनते हैं, और आदेश मान लेते हैं।
Compromised PM देश के सम्मान की रक्षा नहीं करेगा - क्योंकि जो देश का अपमान करते हैं, वो उन्हीं के वश में हैं।
जब भारत के तीन नाविक हमले में मार दिए गए हों
जब भारत के 5 वायु सैनिक हादसे में मारे गए हों
तब किस बात का जश्न है ये? मना किया जा सकता था कि मौक़ा ठीक नहीं है। ज़रूरी विदेश है तो सादगी से होने दें। शासन सत्ता की भी कोई संवेदनशीलता होती है!
ख़ैर। ऐसी कोई तस्वीर अगर नेता विपक्ष राहुल गांधी की आ जाती तो गोदी चैनल डिबेट करने लगते!
अमेरिकी हमले में तीन भारतीय नाविकों की हत्या के बाद मोदी सरकार का मौन शर्मनाक है। अमेरिका इन हत्याओं पर अफसोस जताने और माफी मांगने की जगह धमकी और आदेश की भाषा इस्तेमाल कर रहा है।
अमेरिका को सख्ती से यह बताने की जरूरत है कि भारत एक संप्रभु और स्वतंत्र देश है जो अपनी संप्रभुता की रक्षा करना जानता है। लेकिन हमारे Compromised प्रधानमंत्री न देशवासियों की सुरक्षा कर पा रहे हैं, न ही देश की संप्रभुता की।
भारत को जोड़ने का रास्ता संविधान, सामाजिक न्याय और बराबरी से जाता है, न कि विभाजन, भेदभाव और श्रेष्ठता की राजनीति से।
कल्याण कर्नाटका के लिए Article 371 (J) जैसे कदमों ने लाखों लोगों को अवसर दिए, लेकिन आज भी सबसे बड़ी लड़ाई संविधान की उस भावना को बचाने की है जो हर भारतीय को समान अधिकार और सम्मान देती है।
जो विचारधारा समाज को जोड़ने के बजाय बाँटने का काम करती है, वह देश को मजबूत नहीं, कमजोर करती है। भारत की असली ताकत उसकी विविधता, समावेशिता और भाईचारे में है।
#DilSeWithKapilSibal
कई साथियों ने INDIA गठबंधन की बैठक में मेरे भाषण का हिंदी अनुवाद मांगा था - यह रहा, ज़रूर सुनें।
8 जून को INDIA गठबंधन की बैठक में 20 से भी ज़्यादा नेताओं के भाषणों और बातों को सुनने के बाद आखिर में मैंने इस भाषण से उन्हें संबोधित किया।
जब भारत की सोच, देश की आत्मा पर संकट हो... जब संस्थाओं पर कब्ज़ा हो... जब जनता की आवाज़ दबाई जाए...तब सिर्फ़ एकता के साथ प्रतिरोध काम आता है।
मैं फिर से कह रहा हूँ - 2024 का चुनाव हम हारे नहीं थे और 2029 का चुनाव हम जीत चुके हैं।
हम एकजुट रहेंगे, जन-जन को संगठित करेंगे और प्रतिरोध की ताकत से BJP और उसके भारत के संस्थानों पर कब्ज़े को हराएंगे।
https://t.co/JkKgow6pi7
डॉ मनमोहन सिंह कमजोर नहीं थे
2013 में अमेरिका में कार्यरत राजनयिक देवयानी खोबरागड़े को उनकी नौकरानी द्वारा लगाए गए वीजा धोखाधड़ी और कम वेतन देने के आरोपों में अमेरिकी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था।जिसके बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने विरोध में नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास के बाहर लगे सुरक्षा बैरिकेड्स हटा दिए,अमेरिकी राजनयिकों के विशेष पहचान पत्र और विशेषाधिकार वापस ले लिया था और आज 3 भारतीयों की हत्या पर हमारी सत्ता अमेरिका के सामने बेबस है !
हमारे नेता प्रतिपक्ष श्री राहुल गांधी जी ने बिल्कुल सही कहा है कि जब लोकतांत्रिक संस्थाओं पर दबाव हो, जनता की आवाज़ को दबाने का प्रयास हो और संविधान की मूल भावना पर आघात हो, तब विपक्ष की सबसे बड़ी जिम्मेदारी एकजुट होकर जनहित की लड़ाई लड़ना होती है।
2024 के चुनाव ने यह साबित कर दिया कि देश की जनता बदलाव चाहती है और लोकतंत्र को मजबूत देखना चाहती है। अब हमारा संकल्प है कि हम गांव-गांव, घर-घर जाकर जनता की आवाज़ को और मजबूत करेंगे, संविधान, सामाजिक न्याय और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।
INDIA गठबंधन की एकता ही देश के भविष्य की शक्ति है। हम सब मिलकर जनता के अधिकारों, युवाओं के रोजगार, किसानों के सम्मान और देश के लोकतांत्रिक संस्थानों की मजबूती के लिए संघर्ष करते रहेंगे। @INCIndia@INCUttarPradesh
कई साथियों ने INDIA गठबंधन की बैठक में मेरे भाषण का हिंदी अनुवाद मांगा था - यह रहा, ज़रूर सुनें।
8 जून को INDIA गठबंधन की बैठक में 20 से भी ज़्यादा नेताओं के भाषणों और बातों को सुनने के बाद आखिर में मैंने इस भाषण से उन्हें संबोधित किया।
जब भारत की सोच, देश की आत्मा पर संकट हो... जब संस्थाओं पर कब्ज़ा हो... जब जनता की आवाज़ दबाई जाए...तब सिर्फ़ एकता के साथ प्रतिरोध काम आता है।
मैं फिर से कह रहा हूँ - 2024 का चुनाव हम हारे नहीं थे और 2029 का चुनाव हम जीत चुके हैं।
हम एकजुट रहेंगे, जन-जन को संगठित करेंगे और प्रतिरोध की ताकत से BJP और उसके भारत के संस्थानों पर कब्ज़े को हराएंगे।
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