माननीय @SultanpurDm@CDOSultanpur
क्या किसी बड़ी दुर्घटना की प्रतीक्षा करना उचित होगा?
ग्राम कुम्हई (ग्राम पंचायत निरसहिया) में शक्ति बाबा धाम से लगभग 50 मीटर आगे सार्वजनिक सड़क पर पशु बांधने एवं गंदगी के कारण आवागमन बाधित है। स्कूली बच्चों, ग्रामीणों तथा आपातकालीन सेवाओं की सुरक्षा प्रभावित हो रही है। कृपया तत्काल निरीक्षण कर सड़क को अवरोधमुक्त कराने की कार्रवाई करें।
#Sultanpur #RoadSafety #SwachhBharat
@myogiadityanath@CMHelpline1076@myogioffice@neetenbiswas1@PMOIndia@BandBajaateRaho
ग्राम कुम्हई, मुख्य मार्ग, शक्ति बाबा धाम से लगभग 50 मीटर आगे, ग्राम पंचायत निरसहिया, विकास खंड कुड़वार, तहसील सदर, जनपद सुल्तानपुर।
@UPPCLLKO@UPPCL
रामनगर-पलहीपुर फीडर की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल।
01:08 am बजे तक पावर हाउस के स्टेटस में “All Feeders Running” दिखाया जा रहा था।
मैंने 1912 बजे शिकायत दर्ज की।
इसके ठीक 2 मिनट बाद ग्रुप में मैसेज कर दिया गया कि लाइन “Breakdown” में है
सवाल यह है कि जब उपभोक्ता शिकायत कर रहा था, तब सिस्टम में “All Feeders Running” क्यों दिखाया जा रहा था? शिकायत के तुरंत बाद ही लाइन “Breakdown” कैसे हो गई?
रामनगर-पलहीपुर फीडर के JE और उनके स्टाफ द्वारा शिकायतों को इसी तरह बंद किए जाने की समस्या लंबे समय से चल रही है। लोग शिकायत करते-करते परेशान हो जाते हैं, लेकिन शिकायत का समाधान करने के बजाय उसे बंद कर दिया जाता है।
और मामला सिर्फ शिकायत बंद करने तक सीमित नहीं है। स्थानीय स्तर पर जो स्थिति है, उसकी सही जानकारी ऊपर के अधिकारियों, एक्सईएन और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों तक भी नहीं पहुँचाई जाती और उन्हें अलग जानकारी दी जाती है।
मेरे पास इसके स्क्रीनशॉट और शिकायतों का रिकॉर्ड मौजूद है, जिसमें स्टेटस, शिकायत का समय और उसके तुरंत बाद दिया गया “Breakdown” का अपडेट साफ दिखाई देता है।
अगर लाइन पहले से Breakdown में थी तो “All Feeders Running” क्यों दिखाया गया?
अगर फीडर Running था तो शिकायत के दो मिनट बाद Breakdown कैसे हो गया?
शिकायतों को बिना समाधान के बंद करने की जिम्मेदारी किसकी है?
और वरिष्ठ अधिकारियों को वास्तविक स्थिति की जानकारी कौन देगा?
@myogiadityanath @AKSharmaBJP @UPGovt@CMOfficeUP
दावे और रिकॉर्ड कुछ और, जमीन पर हकीकत कुछ और। आखिर रामनगर-पलहीपुर फीडर की इस व्यवस्था की जवाबदेही किसकी है?
अभी रामनगर पावर हाउस में पल्हीपुर फीडर को लेकर बात हुई। बताया गया कि लाइन बार-बार ट्रिप हो रही है और करीब एक घंटे ही चला पाए। अब आज रात ठीक नहीं होगी—“जो होगा कल होगा।”
लेकिन रामनगर पावर हाउस का रिकॉर्ड यही बताता है कि रात में समस्या आए तो “कल” का मतलब अक्सर अगले दिन दोपहर 12–2 बजे होता है।
यानी लगभग 48 घंटे तक बिजली सप्लाई की उम्मीद न रखें?
24×7 सेवा और युद्धस्तर पर काम के दावों की जमीनी हकीकत यही है क्या?
@UPPCLLKO@UPPCLLKO@PowerCorpUP@CMOfficeUP@UPGovt #Sultanpur #UPPCL #Bijli #PowerCut #RuralUP
@myogiadityanath@CMOfficeUP@UPGovt@EMofficeUP@AKSharmaOffice@aksharmaBharat@UPPCLLKO
UPPCL की 24×7 “बेहतर कार्यप्रणाली” का एक और LIVE उदाहरण।
कल दोपहर 12 बजे से बिजली गुल है। विभाग के ताजा अपडेट के हिसाब से अगर रात 12 बजे तक सप्लाई बहाल होती है तो लगभग 36 घंटे की बिजली कटौती होगी।
8 पोल टूटे हैं, लेकिन सवाल यह है कि क्या ये पोल कल चली महज 15–25 km/h की तेज हवा/आंधी को भी नहीं झेल पाए?
क्या इन पुराने पोलों की उम्र, मजबूती और condition की नियमित जांच होती है?
क्या कमजोर पोलों की पहचान करके उन्हें समय रहते बदला जाता है?
या maintenance सिर्फ कागजों में पूरी हो जाती है?
क्योंकि इसका खामियाजा जनता भुगत रही है
घरों में पीने का पानी नहीं
मोबाइल चार्ज नहीं
खेती-बाड़ी ठप
छोटे कारोबार ठप
बच्चों के Half-Yearly Exams चल रहे हैं, लेकिन पढ़ने के लिए बिजली नहीं।
और विभाग के अपडेट देखिए—
कल: “कल पोल लग जाएगा।”
आज सुबह: “शाम तक सप्लाई मिलने की संभावना।”
आज शाम: “रात 12 बजे तक बहाल होने की संभावना।”
यानी बिजली के साथ restoration time भी हर कुछ घंटे में बदल रहा है।
मैं किसी राजनीतिक दल का पक्ष नहीं ले रहा, लेकिन अपने अनुभव की बात जरूर कहूंगा—अखिलेश यादव सरकार के समय कम से कम गांवों में 12-12 घंटे की शिफ्ट में बिजली मिलती थी और स्थानीय स्तर पर लाइनमैन से संपर्क करके रात-दिन छोटी-मोटी खराबियां जल्दी ठीक हो जाती थीं।
आज स्थिति यह है कि रात में लाइनमैन काम करने को तैयार नहीं होते, और ग्रामीण उपभोक्ता घंटों नहीं बल्कि कई बार 30–40 घंटे तक बिजली का इंतजार करते हैं।
सवाल सरकार से है, राजनीति से नहीं:
जब बिजली व्यवस्था को बेहतर बनाने के इतने दावे होते हैं, तो ग्रामीण क्षेत्रों में ground-level maintenance और emergency restoration इतना कमजोर क्यों है?
जनता को 24×7 आश्वासन नहीं, 24×7 reliable electricity चाहिए।
#UPPCL #UPPower #Electricity #PowerCut #RuralUP #UttarPradesh #Sultanpur #SultanpurUP #PowerCrisis #Bijli #BijliSankat #UPGovt #UPNews #RuralIndia #Infrastructure #PowerInfrastructure #ElectricityCrisis
@UPPCLLKO का 24×7 काम करने का तरीका वाकई काबिले-तारीफ है! 👏
दावा: 18 - 24 घंटे निर्बाध बिजली
हकीकत: शाम तक बिजली का इंतज़ार… और फिर पता नहीं कब आएगी। 😄
शायद यही है UPPCL का “बेहतर काम करने का तरीका”
काम 24×7 दिखाना, लेकिन बिजली अपनी सुविधा से देना।
सोशल मीडिया पर दावे दमदार,
ग्राउंड पर बिजली गायब।
ग्राउंड ज़ीरो की ज़मीनी हकीकत:
• 24 घंटे से बिजली ठप: मेरे यहाँ पिछले 24 घंटे से लाइट नहीं आ रही है और आने वाले 12 से 24 घंटों में आएगी या नहीं, इसका भी कोई जवाब नहीं है।
• पीने का पानी नहीं: बिजली न होने से समरसेबल और मोटर बंद हैं, जिससे घरों में पीने का पानी तक खत्म हो चुका है।
• अंधेरे में डूबते घर: भीषण उमस में पूरा इलाका अंधेरे में रहने को मजबूर है।
• पढ़ाई पर ब्रेक: बच्चों के हाफ ईयरली (आधे-सालाना) एग्जाम चल रहे हैं, लेकिन अंधेरे में पढ़ाई करना नामुमकिन हो रहा है।
• व्यापार ठप: दुकानदारों और व्यापारियों का कामकाज पूरी तरह ठप हो चुका है।
क्या यही है उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन का क्लेम कि हम 24 घंटे सातों दिन जनता के लिए काम करते हैं?
वाह UPPCL, वाह प्रशासन!
@yadavakhilesh
cc: @UPPCLExpert @EnergyMinisterUP @CMOfficeUP@myogiadityanath@PVVNLHQ@MVVNLHQ@DVVNLHQ@PUVVNLHQ@UPGovt
#UPPCL #PowerCut #UttarPradesh #PowerCrisis #UPElectricity #UPGovt #PublicIssues
@mla_tahirkhan@RambhualNishad@yadavakhilesh
सुल्तानपुर के गाँवों में 24–40 घंटे बिजली गायब रहे, सड़कें बदहाल हों और ग्रामीण लगातार मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान होते रहें…
तो एक सवाल अपने जनप्रतिनिधियों से भी है—
क्या चुनाव जीतने के बाद गाँवों के प्रति जिम्मेदारी भी “आउट ऑफ कवरेज एरिया” हो जाती है? 😏
विधानसभा 187 इसौली हो या पूरा सुल्तानपुर लोकसभा क्षेत्र—गाँवों के लोग भी वोट देते हैं, बिल देते हैं और देश के विकास में अपना योगदान देते हैं।
सिर्फ चुनाव के समय गाँव याद करने से काम नहीं चलेगा।
दावे और भाषण अपनी जगह हैं, लेकिन जनता को जमीन पर बिजली, सड़क और बुनियादी सुविधाएँ चाहिए।
क्या माननीय जनप्रतिनिधि बताएंगे कि इन गाँवों की लगातार बिजली कटौती और बदहाल सड़कों को लेकर उनकी जिम्मेदारी और कार्रवाई क्या है?
#Sultanpur #Isauli #Sultanpur187 #UP #VillageIndia #RuralIndia #Bijli #UPPCL
@BJP4India@BJP4UP@UPGovt@myogiadityanath@narendramodi@PMOIndia@UPPCLLKO@AKSharmaOffice
एक सीधा सवाल है—
क्या “विकसित भारत” में देश के गांवों और किसानों का कोई योगदान नहीं है?
अगर है, तो फिर सुल्तानपुर के रामनगर पावर हाउस के पलहीपुर फीडर से जुड़े ग्रामीण इलाकों को बार-बार 36–40 घंटे तक बिजली के बिना क्यों रहना पड़ता है?
सिर्फ 8–9 बिजली के पोल की मरम्मत में 36 घंटे से ज्यादा लग चुके हैं और अभी तक बिजली बहाल नहीं हुई।
शहरों और कस्बों में बिजली बहाल हो जाती है, लेकिन गांव इंतजार करता रहता है।
हर बार वही दावा—
“व्यवस्था बेहतर है।”
“युद्धस्तर पर काम हो रहा है।”
“ग्रामीण क्षेत्रों को पर्याप्त बिजली दी जा रही है।”
लेकिन जमीन पर 36–40 घंटे का अंधेरा!
तो सवाल यह है—
क्या विकास सिर्फ शहरों तक है?
क्या किसान सिर्फ चुनाव और भाषणों में महत्वपूर्ण है?
क्या गांव के बच्चों की पढ़ाई, परिवार का पानी और किसान की खेती महत्वपूर्ण नहीं है?
देश की कृषि एवं संबद्ध गतिविधियां राष्ट्रीय आय का करीब 1/5 हिस्सा देती हैं और लगभग 46.1% workforce इससे जुड़ी है।
फिर भी गांव के लोगों को बिजली के लिए 36–40 घंटे इंतजार करना पड़े—
क्या यही विकसित भारत है?
सिर्फ दावे करने से विकास नहीं होता।
ग्राउंड पर सुविधा पहुंचाने से विकास होता है।
कागज पर बिजली की उपलब्धता कुछ भी हो,
लेकिन जिस घर में 36 घंटे बल्ब नहीं जलता,
जिस मोटर से पानी नहीं निकलता,
और जिस बच्चे को परीक्षा की तैयारी मोमबत्ती में करनी पड़ती है—
उस परिवार से पूछिए कि उसे “विकास” कैसा दिखाई देता है।
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सवाल सिर्फ बिजली का नहीं है।
सवाल है—विकसित भारत में गांव और किसान की जगह आखिर कहाँ है?
#ViksitBharat #Sultanpur #Palhipur #Ramnagar #UPPCL #Kisan #Farmers #RuralIndia #VillageIndia #Electricity #PowerCut #GroundReality #UttarPradesh #UPGovernment #BJP
#BJP4ViksitBharat #Bjp_मतलब_भरोसा_और_न्याय
@yadavakhilesh
@narendramodi@myogiadityanath@aksharmaBharat
EV को बढ़ावा दीजिए, खूब दीजिए…
लेकिन एक छोटा सा सवाल है—
@UPPCLLKO
जब गाँव में 36-36 घंटे बिजली नहीं होगी, तो EV चार्ज कहाँ होगी?
@yadavakhilesh
शायद अब अगली सरकारी योजना ये होनी चाहिए—
“EV खरीदिए और साथ में अपना निजी पावर प्लांट भी लगाइए।”
EV का भविष्य तो electric है,
बस बिजली का भविष्य अभी पता नहीं… @BJP4UP
#EV #ElectricVehicle #ElectricMobility #EVIndia #PowerSupply #Electricity #UPPCL #UttarPradesh #RuralIndia #SmartMobility #GreenMobility #GroundReality #Development #Infrastructure
@myogiadityanath@CMOfficeUP@UPGovt@EMofficeUP@AKSharmaOffice@aksharmaBharat@UPPCLLKO
UPPCL की 24×7 “बेहतर कार्यप्रणाली” का एक और LIVE उदाहरण।
कल दोपहर 12 बजे से बिजली गुल है। विभाग के ताजा अपडेट के हिसाब से अगर रात 12 बजे तक सप्लाई बहाल होती है तो लगभग 36 घंटे की बिजली कटौती होगी।
8 पोल टूटे हैं, लेकिन सवाल यह है कि क्या ये पोल कल चली महज 15–25 km/h की तेज हवा/आंधी को भी नहीं झेल पाए?
क्या इन पुराने पोलों की उम्र, मजबूती और condition की नियमित जांच होती है?
क्या कमजोर पोलों की पहचान करके उन्हें समय रहते बदला जाता है?
या maintenance सिर्फ कागजों में पूरी हो जाती है?
क्योंकि इसका खामियाजा जनता भुगत रही है
घरों में पीने का पानी नहीं
मोबाइल चार्ज नहीं
खेती-बाड़ी ठप
छोटे कारोबार ठप
बच्चों के Half-Yearly Exams चल रहे हैं, लेकिन पढ़ने के लिए बिजली नहीं।
और विभाग के अपडेट देखिए—
कल: “कल पोल लग जाएगा।”
आज सुबह: “शाम तक सप्लाई मिलने की संभावना।”
आज शाम: “रात 12 बजे तक बहाल होने की संभावना।”
यानी बिजली के साथ restoration time भी हर कुछ घंटे में बदल रहा है।
मैं किसी राजनीतिक दल का पक्ष नहीं ले रहा, लेकिन अपने अनुभव की बात जरूर कहूंगा—अखिलेश यादव सरकार के समय कम से कम गांवों में 12-12 घंटे की शिफ्ट में बिजली मिलती थी और स्थानीय स्तर पर लाइनमैन से संपर्क करके रात-दिन छोटी-मोटी खराबियां जल्दी ठीक हो जाती थीं।
आज स्थिति यह है कि रात में लाइनमैन काम करने को तैयार नहीं होते, और ग्रामीण उपभोक्ता घंटों नहीं बल्कि कई बार 30–40 घंटे तक बिजली का इंतजार करते हैं।
सवाल सरकार से है, राजनीति से नहीं:
जब बिजली व्यवस्था को बेहतर बनाने के इतने दावे होते हैं, तो ग्रामीण क्षेत्रों में ground-level maintenance और emergency restoration इतना कमजोर क्यों है?
जनता को 24×7 आश्वासन नहीं, 24×7 reliable electricity चाहिए।
#UPPCL #UPPower #Electricity #PowerCut #RuralUP #UttarPradesh #Sultanpur #SultanpurUP #PowerCrisis #Bijli #BijliSankat #UPGovt #UPNews #RuralIndia #Infrastructure #PowerInfrastructure #ElectricityCrisis
@UPPCLLKO@MVVNLHQ@mvvnlsultanpur@MVVNLmd
24×7 बिजली व्यवस्था और बेहतरीन सेवा के दावे सोशल मीडिया पर खूब करता है। लेकिन ज़रा गाँवों की ground reality भी देखिए।
बारिश या तूफान आते ही ग्रामीण इलाकों में 30–40 घंटे तक बिजली गायब रहना आम हो जाता है। आज भी दोपहर 1 बजे से बिजली नहीं है और यह तक पता नहीं कि कब आएगी।
सोशल मीडिया पर 24×7, लेकिन गाँव में 24–40 घंटे बिना बिजली।
@UPPCLLKO @PowerCorpOffice @uppclorg
क्या यही है 24×7 power supply और युद्धस्तर पर काम करने का दावा?
@AKSharmaOffice@SultanpurTimes
@MVVNLHQ@UPPCLLKO@mvvnlsultanpur@MVVNLmd Complain already the fir new Complain kyo?
bina kisi status ke Complain close kyo ke jaa rahi hai?
No power supply from yesterday 1 pm
हर 3–4 महीने में नदी, नाले और सीवर साफ होने का दावा।
ड्रेनेज सिस्टम दुरुस्त होने का दावा।
बाढ़ से निपटने की पूरी तैयारी का दावा।
फिर बारिश आती है…
गोमती अपना रास्ता मांगती है…
और लखनऊ के कई इलाके पानी में नजर आने लगते हैं।
शायद सफाई कागजों पर इतनी अच्छी हुई है कि पानी को वो कागज दिखाई नहीं दे रहे!
अब सुल्तानपुर में भी गोमती का जलस्तर बढ़ रहा है और नदी किनारे के निचले इलाकों में पानी लगना शुरू हो गया है।
और यही कहानी सिर्फ बाढ़ की नहीं है।
UPPCL भी 24×7 व्यवस्था और बेहतर बिजली आपूर्ति के बड़े-बड़े दावे करता है, लेकिन गांवों में ग्राउंड रियलिटी कई बार इन दावों से बिल्कुल अलग नजर आती है।
यानी समस्या एक ही है—
दावे कुछ और, जमीन पर नतीजे कुछ और।
तो शासन-प्रशासन से सवाल है:
क्या सुल्तानपुर में भी पहले बाढ़ आने दी जाएगी और उसके बाद तैयारी दिखाई जाएगी?
बाढ़ आने के बाद राहत-बचाव जरूरी है, लेकिन उससे पहले पानी को आगे बढ़ने का रास्ता देना ज्यादा जरूरी है। नदी, नालों और जलनिकासी के रास्तों में जहां अनावश्यक रुकावट है, उसे समय रहते हटाना होगा।
क्योंकि पानी को भाषण, दावों और कागजों से नहीं, रास्ता देकर आगे बढ़ाया जाता है।
अब देखना यह है कि इस बार
दावे पहले चलते हैं या पानी?
#Sultanpur #Gomti #FloodAlert #UPPCL #GroundReality #UttarPradesh #lucknow
@myogiadityanath@UPGovt@DoWRRDGR_MoJS@BJP4UP
@UPPCLLKO का 24×7 काम करने का तरीका वाकई काबिले-तारीफ है! 👏
दावा: 18 - 24 घंटे निर्बाध बिजली
हकीकत: शाम तक बिजली का इंतज़ार… और फिर पता नहीं कब आएगी। 😄
शायद यही है UPPCL का “बेहतर काम करने का तरीका”
काम 24×7 दिखाना, लेकिन बिजली अपनी सुविधा से देना।
सोशल मीडिया पर दावे दमदार,
ग्राउंड पर बिजली गायब।
ग्राउंड ज़ीरो की ज़मीनी हकीकत:
• 24 घंटे से बिजली ठप: मेरे यहाँ पिछले 24 घंटे से लाइट नहीं आ रही है और आने वाले 12 से 24 घंटों में आएगी या नहीं, इसका भी कोई जवाब नहीं है।
• पीने का पानी नहीं: बिजली न होने से समरसेबल और मोटर बंद हैं, जिससे घरों में पीने का पानी तक खत्म हो चुका है।
• अंधेरे में डूबते घर: भीषण उमस में पूरा इलाका अंधेरे में रहने को मजबूर है।
• पढ़ाई पर ब्रेक: बच्चों के हाफ ईयरली (आधे-सालाना) एग्जाम चल रहे हैं, लेकिन अंधेरे में पढ़ाई करना नामुमकिन हो रहा है।
• व्यापार ठप: दुकानदारों और व्यापारियों का कामकाज पूरी तरह ठप हो चुका है।
क्या यही है उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन का क्लेम कि हम 24 घंटे सातों दिन जनता के लिए काम करते हैं?
वाह UPPCL, वाह प्रशासन!
@yadavakhilesh
cc: @UPPCLExpert @EnergyMinisterUP @CMOfficeUP@myogiadityanath@PVVNLHQ@MVVNLHQ@DVVNLHQ@PUVVNLHQ@UPGovt
#UPPCL #PowerCut #UttarPradesh #PowerCrisis #UPElectricity #UPGovt #PublicIssues
@UPPCLLKO यह केवल बिजली चोरी का मामला नहीं, बल्कि जन सुरक्षा का गंभीर खतरा है।
जिला सुल्तानपुर – रामनगर पावर हाउस (पलहीपुर फीडर), ग्राम कुम्हई (ग्राम पंचायत निरसहिया) में तिलक सिंह के घर (शक्ति बाबा धाम) के पास लगभग 100 मीटर खुले बिजली के तार आज भी लगे हुए हैं।
इसी स्थान पर बार-बार कटीया लगाकर अवैध बिजली चोरी की जाती है। अत्यधिक लोड के कारण पिछले लगभग 4 महीनों में इसी स्थान पर 4–5 बार LT लाइन टूट चुकी है। कई बार टूटे हुए तार जमीन पर गिरने से लोगों की जान जोखिम में पड़ चुकी है। सौभाग्य से अब तक कोई बड़ी दुर्घटना नहीं हुई।
यदि समय रहते इस स्थान पर ABC Cable नहीं लगाई गई और अवैध कनेक्शन नहीं हटाए गए, तो भविष्य में किसी भी गंभीर दुर्घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
कृपया स्थानीय स्तर पर पूर्व सूचना देने के बजाय उच्च अधिकारियों द्वारा औचक निरीक्षण कराया जाए तथा तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जाए।
@UPPCLLKO@ChairmanUppcl@upponlinemx@EMofficeUP@myogiadityanath@CMHelpline1076
#Sultanpur #UPPCL #PublicSafety #BijliChori #Electricity
कुम्हई–नीरसहिया रोड की हालत बेहद खराब है।
इस सड़क से रोज़ स्कूल जाने वाले बच्चे, किसान, महिलाएँ, बुजुर्ग और ग्रामीण गुजरते हैं। बारिश में सड़क पर कीचड़ और जलभराव के कारण पैदल चलना और दोपहिया वाहन से निकलना तक मुश्किल हो जाता है।
बच्चों को स्कूल पहुँचने में परेशानी होती है, मरीजों को अस्पताल ले जाना मुश्किल होता है और किसानों को अपनी उपज व कृषि सामग्री लाने-ले जाने में दिक्कत होती है।
गाँव की सड़क सिर्फ सड़क नहीं होती—यह स्कूल, अस्पताल, बाजार और रोज़गार तक पहुँचने का रास्ता होती है।
कुम्हई–नीरसहिया क्षेत्र, सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश
प्रशासन से अनुरोध है कि सड़क की तत्काल स्थलीय जांच कराकर जलनिकासी, मरम्मत एवं उचित सड़क निर्माण की कार्रवाई की जाए।
@UPGovt@CMOfficeUP@sultanpurpolice@DmSultanpur@InfoDeptUP@homeupgov@MoRD_GoI
गाँव के बच्चों और ग्रामीणों को भी सुरक्षित और अच्छी सड़क का अधिकार है।
@SultanpurDm@CdoSultanpur
बच्चों ने आज जिलाधिकारी सुलतानपुर और प्रशासन से एक सीधा सवाल पूछा है — आखिर सड़क क्यों नहीं ठीक होती?**
यह वीडियो मेरे बच्चों ने खुद बनाया है। उन्होंने
कटाव।– कुम्हई मुख्य मार्ग और ग्राम कुम्हई की अंदरूनी सड़क की खराब स्थिति को दिखाते हुए अपनी बात रखी है और जिलाधिकारी सुलतानपुर @dmsultanpur से सवाल किया है।
वीडियो में सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे और खराब सड़क की स्थिति साफ दिखाई दे रही है। यह रास्ता आम लोगों के साथ-साथ स्कूल वैन और बच्चों के आने-जाने का महत्वपूर्ण मार्ग है।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि रास्ते के लगभग 1 किलोमीटर हिस्से में आसपास कोई घर नहीं है और रात में स्ट्रीट लाइट भी नहीं है।**
अगर रात में इस सुनसान रास्ते पर किसी बाइक, कार या वैन के साथ दुर्घटना हो जाए, तो आसपास तत्काल मदद मिलने की स्थिति क्या होगी?
बच्चों का सवाल बिल्कुल सीधा है — जब गांव की सड़क पर रोज लोगों और बच्चों का आना-जाना है, तो सड़क की मरम्मत समय पर क्यों नहीं होती?
विज्ञापनों और प्रचार पर खर्च होने वाले पैसे के साथ-साथ गांव की बुनियादी सुविधाओं और सुरक्षित सड़कों पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।
माननीय जिलाधिकारी सुलतानपुर से अनुरोध है कि कटावन–कुम्हई मुख्य मार्ग तथा ग्राम कुम्हई की सड़कों की वास्तविक स्थिति का स्थलीय निरीक्षण करवाकर संबंधित विभाग को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए जाएं।**
स्थान:कटावन–कुम्हई मुख्य मार्ग एवं ग्राम कुम्हई, थाना कुरवार, जनपद सुलतानपुर, उत्तर प्रदेश
यह बच्चों की आवाज़ है। उम्मीद है प्रशासन इस आवाज़ को सुनेगा।**
@DM_Sultanpur @sultanpurpolice@UPGovt@CMOfficeUP@UPGovt@myogiadityanath@UPPCLLKO @UPPCL_Tweet @InfoUPFactCheck
#सुलतानपुर #कुम्हई #कुरवार #सुलतानपुर_सड़क #गांव_की_सड़क #RoadSafety #RoadCondition #UPRoads #Sultanpur #SultanpurNews #SchoolVan #RoadSafetyIndia #UttarPradesh #ग्रामीण_सड़क #सड़क_सुरक्षा #बच्चों_की_आवाज़ #जिलाधिकारी_सुलतानपुर
@yadavakhilesh@danikbhaskarup@SultanpurNews
@UPPCLLKO यह केवल बिजली चोरी का मामला नहीं, बल्कि जन सुरक्षा का गंभीर खतरा है।
जिला सुल्तानपुर – रामनगर पावर हाउस (पलहीपुर फीडर), ग्राम कुम्हई (ग्राम पंचायत निरसहिया) में तिलक सिंह के घर (शक्ति बाबा धाम) के पास लगभग 100 मीटर खुले बिजली के तार आज भी लगे हुए हैं।
इसी स्थान पर बार-बार कटीया लगाकर अवैध बिजली चोरी की जाती है। अत्यधिक लोड के कारण पिछले लगभग 4 महीनों में इसी स्थान पर 4–5 बार LT लाइन टूट चुकी है। कई बार टूटे हुए तार जमीन पर गिरने से लोगों की जान जोखिम में पड़ चुकी है। सौभाग्य से अब तक कोई बड़ी दुर्घटना नहीं हुई।
यदि समय रहते इस स्थान पर ABC Cable नहीं लगाई गई और अवैध कनेक्शन नहीं हटाए गए, तो भविष्य में किसी भी गंभीर दुर्घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
कृपया स्थानीय स्तर पर पूर्व सूचना देने के बजाय उच्च अधिकारियों द्वारा औचक निरीक्षण कराया जाए तथा तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जाए।
@UPPCLLKO@ChairmanUppcl@upponlinemx@EMofficeUP@myogiadityanath@CMHelpline1076
#Sultanpur #UPPCL #PublicSafety #BijliChori #Electricity
@UPPCLLKO@SultanpurDm
पूरे क्षेत्र में ABC Cable का कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन केवल यही लगभग 100 मीटर का हिस्सा कुछ स्थानीय लोगों के विरोध के कारण आज तक ABC Cable से नहीं बदला जा सका। इसी खुले हिस्से पर आज भी कटीया लगाकर अवैध बिजली चोरी की जा रही है, जिससे लाइन पर अत्यधिक लोड पड़ता है और तार बार-बार टूटकर नीचे गिर जाते हैं।
तिलक सिंह के घर (शक्ति बाबा धाम) से लगभग 100 मीटर बिजली की खुली LT लाइन आज भी लगी हुई है।
JE श्री यादव एवं लाइनमैन श्री महेश यादव को इस स्थिति की जानकारी होने के बावजूद अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। यदि समय रहते अवैध कनेक्शन नहीं हटाए गए और पूरी लाइन पर ABC Cable नहीं लगाई गई, तो किसी भी दुर्घटना की जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी।
@EMofficeUP@aksharmaBharat@mvvnlsultanpur@BJP4UP@myogiadityanath@ChairmanUppcl@CdoSultanpur
जिला सुल्तानपुर
रामनगर पावर हाउस- पलहीपुर फीडर पर ग्राम कुम्हई, (ग्राम पंचायत निरसहिया)
तिलक सिंह के घर (शक्ति बाबा धाम)
@upponlinemx
#Sultanpur #UPPCL #BijliChori #PublicSafety #Electricity #UttarPradesh
यह किसी व्यक्ति का नहीं, पूरे गांव के भविष्य का प्रश्न है
यह लेख किसी व्यक्ति विशेष के विरुद्ध नहीं है।
यह गांव के प्रत्येक बच्चे, महिला, बुजुर्ग, किसान और आम नागरिक के सुरक्षित आवागमन तथा स्वस्थ वातावरण की चिंता को सामने रखने का प्रयास है।
मेरा उद्देश्य केवल इतना है कि—
सार्वजनिक सड़कें सभी नागरिकों के लिए सुरक्षित रहें।
सड़कों पर अवरोध समाप्त हों।
स्वच्छ भारत मिशन की भावना के अनुरूप सार्वजनिक स्थान स्वच्छ रहें।
भविष्य में होने वाली संभावित दुर्घटनाओं को समय रहते रोका जा सके।
जनसुनवाई शिकायतों पर समयबद्ध एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित हो।
उत्तर प्रदेश शासन एवं जिला प्रशासन से विनम्र निवेदन
मैं माननीय उत्तर प्रदेश शासन, जिला प्रशासन तथा संबंधित विभागों से विनम्र अनुरोध करता हूँ कि इस विषय को केवल एक शिकायत के रूप में नहीं, बल्कि जन सुरक्षा, सार्वजनिक स्वास्थ्य, स्वच्छता और ग्रामीण नागरिकों के मौलिक हितों से जुड़े विषय के रूप में देखा जाए।
कृपया—
- शीघ्र स्थलीय निरीक्षण कराया जाए।
- सार्वजनिक सड़क एवं ग्राम पंचायत की भूमि को अवरोधमुक्त कराया जाए।
- सड़क किनारे पशु बांधने की समस्या का स्थायी एवं व्यावहारिक समाधान सुनिश्चित किया जाए।
- सार्वजनिक सड़क एवं नालियों की स्वच्छता बनाए रखने हेतु आवश्यक कार्रवाई की जाए।
- जनसुनवाई शिकायत संख्या 40017926032221 एवं 92617900034989 पर समयबद्ध एवं प्रभावी निर्णय लिया जाए।
क्योंकि...
एक दुर्घटना होने के बाद की गई कार्रवाई केवल रिकॉर्ड पूरी करती है।
समय पर की गई कार्रवाई ही वास्तव में किसी नागरिक का जीवन बचा सकती है।
जनहित सर्वोपरि है।
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