इस मोहतरमा ने भाजपा के सभी मंत्रियों पर मानो तमाचा जड़ते हुए सबको हिंदू विरोधी बता दिया और यह तक कह दिया कि @BJP4India के किसी भी मंत्री को हिंदुस्तान से प्रेम नहीं है, क्योंकि उनके 4 बच्चे नहीं हैं।
यहाँ भाजपा के कैबिनेट मंत्रियों की सूची है। इस सूची में किसी भी मंत्री के चार बच्चे नहीं हैं।
@navneetravirana, अब आपके अनुसार आपके सभी मंत्रियों हिंदुस्तान विरोधी हो गए। इसके बारे में देश के सामने जवाब देना पड़ेगा।
नरेंद्र मोदी – 0 बच्चे
राजनाथ सिंह – 3 बच्चे
अमित शाह – 1 बच्चे
नितिन गडकरी – 3 बच्चे
जे. पी. नड्डा – 2 बच्चे
शिवराज सिंह चौहान – 2 बच्चे
निर्मला सीतारमण – 1 बच्चा
एस. जयशंकर – 3 बच्चे
मनोहर लाल खट्टर – 0 बच्चे
पीयूष गोयल – 2
धर्मेंद्र प्रधान – 2 बच्चे
अश्विनी वैष्णव – 2 बच्चे
ज्योतिरादित्य सिंधिया – 2 बच्चे
सुना है यह ऊपर से पपीता, अंदर से संतरा, मैदान छोड़कर भाग गया है। कहाँ चला था राघोपुर से चुनाव लड़ने? इसे मालूम था कि इसको राघोपुर से 100 वोट भी नहीं मिलते, तो उसका राजनीतिक करियर शुरू होने से पहले ही खत्म हो जाता।
News 24 के कॉन्क्लेव में बीजेपी नेता सम्राट चौधरी की ऐसी पोल खुली कि महीनों तक सो नहीं पाएंगे।
जो पोल खुली, वह एक अपराध की है फर्जी डिग्री के अपराध की।
नेताओं का पढ़ा-लिखा होना जरूरी नहीं है; वे जनता के प्रतिनिधि होते हैं। अगर वे राजनीतिक रूप से समझदार हैं और जनता के मुद्दों से वाकिफ हैं, तो वह पर्याप्त है।
लेकिन फर्जी डिग्री बनवाना या फर्जी डिग्री बताना एक बहुत बड़ा अपराध है।
यह अपराध बीजेपी के कई बड़े नेताओं ने किया है।
खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी फर्जी डिग्री बनवाई थी। जब “Entire Political Science” की डिग्री फर्जी निकली, तो उसे अदालत के माध्यम से दबा दिया गया।
बीजेपी के एक नेता तो बिहार में उपमुख्यमंत्री हैं और पूर्व बीजेपी अध्यक्ष भी रह चुके हैं उन्होंने भी फर्जी डिग्री बनवाई थी।
यह एक ऐसा अपराध है, जिसके चलते उन्हें जेल में होना चाहिए था,
पर वे उपमुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री बने बैठे हैं।
वाह रे सिस्टम का खेल!
यह गोडसे द्वारा बनाया गया पोस्टर है, जिसमें रावण की जगह गांधी जी, पटेल जी, नेहरू जी और सुभाषचंद्र बोस जैसे महानायकों की तस्वीर लगाई गई है। यही गोडसे गांधी जी का हत्यारा है।
आज गोडसेवादी गांधी जी का जन्मदिन मना रहे हैं। है न यह कितना विचित्र?
लोग इस खेल को नहीं समझ रहे हैं कि पांडे सबसे ज़्यादा हमला सम्राट चौधरी और अशोक चौधरी पर क्यों कर रहा है।
यह इसलिए कर रहा है क्योंकि पिछले विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव में कुशवाहा और दलित वोटर आरजेडी की ओर खिसक गए थे। सम्राट चौधरी स्वयं को कुशवाहा नेता बताते हैं और अशोक चौधरी स्वयं को दलित नेता।
इन दोनों पर जितना हमला होगा, कुशवाहा और दलित वोटर उतना ही भाजपा के पक्ष में मज़बूत होंगे। यह अभी से दिखने भी लगा है। जो लोग सोशल मीडिया पर पहले आरजेडी के लिए लिखते थे, वही लोग अब सम्राट चौधरी के समर्थन में लिख रहे हैं।
खेल साफ़ है, भाजपा इन पर कोई कार्रवाई नहीं करेगी। पांडे हमला करेगा तो कुशवाहा वोट की सहानुभूति भाजपा को मिलेगी। पांडे अदालत या एफआईआर कराने नहीं जाएगा, बस चर्चा का विषय बनाए रखेगा। और चुनाव में अतिपिछड़ा और मुसलमान उम्मीदवार उतारकर आरजेडी और जेडीयू को नुकसान पहुँचाने की कोशिश करेगा।
सवर्ण जातियाँ भले ही पांडे के समर्थन में लिखें, लेकिन वोट भाजपा को ही देंगी।