@sinh_singh@riskyyadav41@TeamRajanyas@grok गुर्जर प्रतिहार सुना है।मुगलों के आने से पहले सभी गुर्जर प्रतिहार वंश का ही थे।यानि हर्षवर्धन के बाद मुगलों के आने तक उत्तर भारत में गुर्जरों का शासन था।
@iamarunsinghydv जब यही सही नहीं हैं तो इनके द्वारा प्रस्तुत प्रमाण कहां से सही होगें।वेदों,पुराणों में वर्णन पूछो तो खुद को क्षत्रिय बता देगा। यादव कैसे हो तो जादौन,भाटी का नाम बता देगा।जादौन,भाटी यदुकुल है और यह खुद रघुकुल। वाह क्या मजाक है।
@thakurmonu216 क्षत्रिय और ठाकुर तो तू बना फिर रहा है जबकि तू राजपूत है।सबको पता है क्षत्रिय और ठाकुर सामाजिक रूतबा पाने के लिए तुने खुद को कहना शुरू किया।जबकि ठाकुर भगवान को और क्षत्रिय योद्धा को कहा जाता है,किसी विशेष जाति को नहीं। हर लड़ने वाली जाति क्षत्रिय है।
@Dpsing8182@iamarunsinghydv@grok यादव तो तू तभी ही बन सकता है जब खुद को राजपूत या ठाकुर की जगह यादव कहना शुरू कर दे।क्योंकि यादव इस देश के कण-कण में व्याप्त है और यादव कहने से श्रीकृष्ण के कुल का बोध होता है और यादव को ही लोग गोप , ग्वाला अहीर ही समझते हैं,राजपूत,मुगलपूत या दासीपूत नहीं।इसलिए यादव टाइटल लगा ले।
@Dpsing8182@iamarunsinghydv तुम क्षत्रिय हो ही नहीं।क्षत्रिय एक वर्ग है जो योद्धा को कहा जाता है।यह सारी दुनिया जानती है।तुम राजपूत हो।पहले तुम भी बकरी चरवाहे थे।मुगलों और अंग्रेजों के समय राजा बने।तुम्हारी पैदाइस ही 11वीं-12वीं सदी में हुआ है।यह सबको पता है।
@nalin_sing79437@iamarunsinghydv दरअसल मुगलों के समय ही तुमलोगों का वजूद सामने आया।इसलिए मुगलों और अग्रेजों के समय का वर्णन तो दिखता है पर वेदों ,पुराणों से गायब है।लाचारी में खुद को कभी क्षत्रिय,कभी ठाकुर,कभी जादौन,कभी भाटी बतलाते रहते हो।
@nalin_sing79437@iamarunsinghydv तुमने खुद ठाकुर बाद में कहना शुरू किया।क्योंकि तुम्हें डर था कि राजपूत कहने से लोग कहीं दासीपूत न कहने लग जाए।आखिर तुम्हारा इतिहास-भूगोल वेदों,पुराणों में क्यों नहीं मिलता।मूगलों के समय ही क्यों दिखाई देता है।यहां तक कि चाणक्य के समय भी तुम्हारा वजूद नहीं था।
@Dpsing8182@iamarunsinghydv जोड़ता वही है जो नकली होता है।असली को कुछ करने की क्या जरूरत।इसलिए मुगलों और अग्रेजों के समय कभी राम से तो कभी कृष्ण से खुद को जोड़वाता रहा।जबकि मुगलों के अलावा तुम लोगों का कहीं ठौर-ठिकाना नहीं है।
@riskyyadav41@TeamRajanyas@grok इनका रक्त संबंध राम से नहीं, शकों,हूणों,यवनों और मुगलों से है।11वीं-12वीं सदी में पैदा हुआ भगवान राम का वंशज कैसे हो जाएगा।