जो डलहौज़ी न कर पाया वो ये हुक्काम कर देंगे
कमीशन दो तो हिंदुस्तान को नीलाम कर देंगे
सुरा व सुंदरी के शौक़ में डूबे हुए रहबर
दिल्ली को रंगीलेशाह का हम्माम कर देंगे
सदन को घूस देकर बच गई कुर्सी तो देखोगे
अगली योजना में घूसख़ोरी आम कर देंगे
@RamdasAthawale एक bmw में घूमने वाला sc st या गांव में मजदूरी करने वाला sc st किसको आरक्षण मिलना चाहिए? ews किसे मिलना चाहिए? क्रीमी लेयर में फर्जी आय प्रमाण पत्र बनवाने वालों को आरक्षण मिलना चाहिए? अगर अपात्र व्यक्ति आरक्षण का अवैध तरीके से लाभ ले तो वो समाज के लिए कैंसर है और भीख ले रहा है।
@arakshan_hatao1 आरक्षण के सबसे बड़े दुश्मन अपनी ही जाति के लोग है जो हमेशा ऊपर की मलाई खा जाते है और नीचे दबे हुए गांव में रहने वाले लोग जिनको वास्तविकता में आरक्षण मिलना चाहिए उनको कभी नहीं मिल पाता ये बार बार आरक्षण का फायदा उठाते है जबकि इन्हें नहीं मिलना चाहिए और आरक्षण की सीमा 20से30% होनी
Why is the Global Media completely silent on civilian protests across Pakistan Occupied Jammu & Kashmir (PoJK) and killings by Pakistan Military? International live coverage on protests in democratic India but complete mute spectator to Army ruled Pakistan’s atrocities in PoJK.
@abhinaymaths reservation keval 20% se 30% hona chahiye .... par ab sab tarah ke reservation ko count kro to kuchh jagah 80% se v upr tak pahuch jata hai mamla
@highereduminmp@CMMadhyaPradesh@Indersinghsjp@JansamparkMP बच्चे और प्रोफेसर आज तक नहीं समझ पाए इस शिक्षा नीति को हर साल इसका सिलेबस चेंज कर दे रहे हो एक बार मेजर माइनर समझा तो mdc ले आए फिर फाउंडेशन में और पेपर बढ़ा दिए अरे एक बार में करो जो करना है जब स्ट्रक्चर नहीं है तो किस मतलब की शिक्षा नीति? पहले कॉलेज की हालत देखिए छत टपक रही
इस इस्तीफे से अभिजीत कोई बड़े नेता नहीं बनेंगे कुछ दिन बाद कोई भी नहीं पूछने वाला ठीक उसी तरह जिस तरह किसान आंदोलन के बाद टिकैत को कोई नहीं पूछ रहा।
छात्र एकता जिंदाबाद
सभी को बधाई, लोकतंत्र का भविष्य उज्जवल है।
#DharmendraPradhan#EducationMinister#NEETExamProtest
@Shubhamshuklamp ये बस शुरुआत है अगर लोकतंत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही नहीं आती तो निश्चित तौर पर आंतरिक गृह युद्ध जैसी भयावह परिस्थितियां बन सकती है। इतना सब कुछ होने के बावजूद देश के प्रधानमंत्री का चुप रहना और सत्ता पक्ष द्वारा स्टूडेंट प्रोटेस्ट को राजनीतिक करार देना दुर्भाग्यपूर्ण है।