Mohandas Gandhi turns 157 today. The more they hate him (on the left and right) the bigger he will emerge, almost like a deep idea that keeps giving. A man nowhere near perfect, but brave enough to think out loud his imperfections, a man wedded to ideals and willing to experiment and update them, a man arguably conscious about his place in history yet always in tune with the pulse of the awam.
In the era of outrage and judgement, Orwell sums it up well: "... but regarded simply as a politician, and compared with the other leading political figures of our time, how clean a smell he has managed to leave behind."
Happy birthday Bapu!
When most journalists & TV anchors are busy carrying the ruling party’s brief, @RitikaChopra__ is doing her job quietly .
No theatrics. No manufactured noise.
Just digging the truth, asking uncomfortable questions, following the evidence and putting the story out. 🫡
UGC रोल बैक को लेकर सरकार पर भड़के महिपाल सिंह मकराना, ���ताया पूरा गणित
बोले ; "ये है सरकार का पर प्रचंड बहुमत"...लड्डू खाकर राजी हो ल��, लड्डू तो आपको हम खिलाएंगे...
देखिए क्या कुछ कहा 👇
Rapid Fire with @shashankmanibjp
Making politics more humane, one leader at a time :)
From his bathroom song and favourite movie to the advice he would give Rahul Gandhi. A fun, unfiltered conversation that brings out the person behind the politics.
Because politics can be serious without always being serious. Let’s make politics more fun, human and relatable.
No filters. No rehearsals. Just rapid fire.
@isd2047
न��ा मुक्त युवा, विकसित भारत का मजबूत आधार!
नशे की गिरफ्त से युवाओं को कैसे बचाया जाए?
नशे का मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर क्या असर पड़ता है? और Fitness व Healthy Lifestyle युवाओं को नशे से दूर रखने ��ें कितने कारगर हैं?
इन्हीं अहम सवालों पर DD News Rajasthan के खास कार्यक्रम #AGENDA में देखिए विशेषज्ञों से खास बातचीत।
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सावन आते ही राजस्थान के बाजारों में छाया लेहरिया!
महिलाओं के श्रृंगार से लेकर त्योहारों और पारिवारिक आयोजनों तक, लेहरिया राजस्थान की खास पहचान बन जाता है।
देखिए संवाददाता अर्निशा डाबले की खास रिपोर्ट
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भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ का विश्व आदिवासी दिवस को “भेड़चाल” कहना एक असावधान राजनीतिक वक्तव्य ही नहीं है; यह उस आदिवासी महत्ता को छोटा करना भी है, जिसके भीतर जल, जंगल, ज़मीन, भाषा, संस्कृति और सदियों के प्रतिरोध का इतिहास जीवित है।
9 अगस्त भारत के किसी राजा की जयंती या किसी भारतीय घटना की तारीख नहीं है, ये बात सही है। लेकिन इसलिए उसका भारत से “कोई लेना-देना नहीं” नहीं हो जाता। यह तर्क ही विचित्र और आत्मघाती है। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 1994 में बाकायदा प्रस्ताव 49/214 के जरिए 9 अगस्त को विश्व के इंडिजिनियस पीपल्स के अंतरराष्ट्रीय दिवस के रूप में घोषित किया था। यह तारीख 1982 में इंडिजिनियस पॉपुलेशन पर संयुक्त राष्ट्र कार्यसमूह की पहली बैठक की स्मृति से जुड़ी है।
क्या विश्व पर्यावरण ���िवस के लिए घटना भारत में होना जरूरी है? क्या अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस, मानवाधिकार दिवस अथवा मजदूर दिवस की सार्थकता हमारी राष्ट्रीय सीमा तय करेगी? और अगर राठौड़ के तर्क को मान लिया जाए तो फिर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को दुनिया क्यों मनाए? क्योंकि वह तो दुनिया में घटा नहीं है। वह तो भारत में घटा है। आदिवासी दिवस किसी की कृपा से म��ला उत्सव नहीं है। यह आदिवासी मनुष्य का यह कहने का दिन है कि हम केवल जनगणना की एक श्रेणी, चुनाव का वोट-बैंक या जंगलों के बीच विकास की बाधा नहीं हैं। हम भाषाओं, ज्ञान-परंपराओं, प्रकृति-दृष्टि और अपनी स्वतंत्र सांस्कृतिक स्मृति वाले समुदाय हैं।
जिसे सत्ता “भेड़चाल” समझ रही है, वह दरअसल अपनी पहचान के साथ खड़े होने की सामूहिक चेतना है। राजनीति को आदिवासियों को यह बताने के बजाय कि उनका दिवस कौन-सा होना चाहिए, यह बताना चाहिए कि उनके जंगल, उनके जल और वन किस तरह सुरक्षित रहेंगे? आदिवासी को कैलेंडर का पाठ नहीं, बराबरी और सम्मान चाहिए। और अगर आप इतना ही भारतीयता के प्रेम से ओतप्रोत हैं तो क्यों ओरण की ज़मीनें कार्पारेट्स को दे रहे हैं? क्यों चारागाहों को नष्ट करने दे रहे हैं? क्यों खेजड़ी वृक्षों का विनाश होने दे रहे हैं? क्यों ��ह रास्ता पकड़ रहे हैं, जिसे हमारे बुजु़र्गों ने बनाया था और इसके बिना गौएं, भेडें, बकरियां, ऊँट और न जाने क्या क्या नष्ट हो जाएगा!
#BreakingNews | Sonam Wangchuk breaks his fast in the presence of Union Ministers @JPNadda and @DrJitendraSingh following discussions with the government.
AC कोच में सफर करने वाले वीआईप�� कंबल, चादर, तकिया चुरा रहे हैं. पिछले चार साल की सभी चोरियां जोड़ लें तो इसकी वजह से रेलवे को 100 करोड़ रुपए से भी ज़्यादा का नुकसान हुआ है. किस डिवीजन में सबसे ज्यादा क्या चोरी होता है? जानने के लिए देखिए पूरी रिपोर्ट-
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🌱 रेगिस्तान के धोरों में महक रहा सफेद चंदन!
राजस्थान के किसान अब पारंपरिक खेती के साथ सफेद चंदन की खेती अपनाकर आय के नए अवसर तलाश रहे हैं।
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रेतीली धरती पर हरियाली और समृद्धि की नई कहानी लिखी जा रही है।#WhiteSandalwood#ChandanKheti #RajasthanFarming #DesertFarming #AgriInnovation #Kisan #RajasthanNews
धार्मिक आदमी धर्म भीरू होता है, वो धर्म के नाम पर नफरत नहीं कर सकता, अपने धर्म के आगे दंडवत होगा तो दूसरे के धर्म को गाली देने की हिम्मत नहीं कर सकता।
लेकिन साम्प्रदायिक आदमी इसका उलट होता है।
आज के भा��त से धार्मिकता नदारद लगती है और साम्प्रदायिक का हर तरफ बोलबाला दिखाई देता है।
आइए राजस्थान आपको ज़मीन कब्जाने के लिए कैसे गौशाला का प्रयोग होता है, वो बताता हूं। 21/08/2025 को देव गौशाला सेवा संस्था शाहपुरा का रजिस्ट्रेशन हुआ जिसमें सचिव बने शाहपुरा, भीलवाड़ा विधायक लालार��म बैरवा। फिर समिति के अध्यक्ष बने विधायक के बेटे चिनार देवतवाल। बारी आई कोषाध्यक्ष की तो विधायक ने यह जिम्मेदारी अपने दूसरे बेटे जतिन देवतवाल को दी और सह सचिव बनाया अपने भाई के बेटे कुंदन देवतवाल को। ऐसे ये गौशाला लगभग एक परिवार की हुई।
अब गौशाला रजिस्टर करके एक ज़मीन कब्जाने का खेल शुरू हुआ। शाहपुरा से 2 किलोमीटर दूर जहां केकड़ी - जयपुर - भीलवाड़ा - मांडल एक्सप्रेसवे प्रस्तावित है वहां एक ���ारागाह की जमीन चिन्हित की गई। जमीन माता जी का खेड़ा पंचायत की चारागाह भूमि थी। गौशाला के नाम पर उस जमीन पर पट्टा जारी करवाने के लिए तैयारी हुई और SDM व कलेक्टर तक संपर्क साधा गया।
अब अगर गौशाला को किसी जमीन पर पट्टा जारी करवाना है तो नियमानुसार गौशाला 3 साल पुरानी होनी चाहिए। हालांकि ये गौशाला 2025 में बनी थी तो मामला अटका और कलेक्टर ने मना कर दिया। तो फिर गौशाला वाला प्लान ड्राप करके ��ेंसिंग की गई और XEN को कहा गया कि इस जमीन पर बिजली कनेक्शन जारी कर दो। XEN ने भी मना कर दिया क्योंकि मामला नियमों के विरुद्ध था तो तत्कालीन XEN APO कर दिया गया और नए XEN की नियुक्ति ने बिजली कनेक्शन भी दिलवा दिया। अब पूरा शाहपुरा चिल्ला रहा है कि विधायक जी ने जमीन हड़प ली है लेकिन यह बात जयपुर अमले के कान तक पहुंच कर भी अनसुनी है।
उधर शाहपुरा भीलवाड़ा के भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी विधायक के इस कृत्��� से नाराज़ हैं, पार्टी फोरम में दबे मुंह बोल भी रहे हैं लेकिन विधायक ने कब्जाई जमीन पर छत डाल ली है। बोरिंग हो गई है, बिजली कनेक्शन भी हो गया है और बाकी काम जोरों शोरों से शुरू है।
सब मिलकर @BhajanlalBjp को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं जबकि सरकार इतनी अच्छी चल रही है कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में 2028 में रिपीट भी हो जाएगी।
@lalarambairwaa @narendramodi @AmitShah
आपातकाल के 50 वर्ष पूरे होने पर राजस्थान में लोकतंत्र सेनानियों ने साझा किए संघर्ष, जेल जीवन और लोकतंत्र की रक्षा की यादें। बीकानेर से जयपुर तक कार्यक्रमों में गूं���ा लोकतंत्र का संदेश।
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