उत्तर प्रदेश: POCSO मामले में शुक्रवार को हाजी सलमान की अदालत में पेशी हुई। सुनवाई के बाद अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। उन्हें अब 25 सितंबर तक जेल में रहना होगा।
कोर्ट के बाहर हाजी सलमान ने कहा, झूठे मुकदमे ज्यादा दिन नहीं चलते, सब भाई सपोर्ट करें। उनके समर्थन में कुछ लोग और वकील भी अदालत परिसर पहुंचे थे।
अगर मुसलमानों को देश से निकालने की बात करने वाला हिंदू नहीं है तो मोहन भागवत जी बताएं, ऐसे लोगों को @RSSorg अपने संगठन से बाहर क्यों नहीं करती?
मुसलमानों और ईसाइयों के खिलाफ नफरत फैलाने, मॉब लिंचिंग और हिंसा का समर्थन करने, आर्थिक एवं सामाजिक बहिष्कार की अपील करने, मस्जिदों, मदरसों एवं शिक्षण संस्थानों को निशाना बनाने तथा मुसलमानों की नागरिकता और संवैधानिक अधिकारों को संदेह के घेरे में लाने वाले आखिर कौन लोग हैं? उनके खिलाफ RSS ने अब तक क्या कार्रवाई की है?
अमेरिका में एकता, भाईचारे और सभी धर्मों के सम्मान की बात करना स्वागत योग्य है, लेकिन इस संदेश की असली जरूरत आज भारत में है। यदि मोहन भागवत अपने इस विचार को वास्तव में अमल में लाना चाहते हैं, तो उन्हें नफरत फैलाने वालों से खुले तौर पर दूरी बनानी चाहिए और उनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करके यह साबित करना चाहिए कि यह केवल विदेश में कही गई बात नहीं है।
भारत किसी एक धर्म का नहीं, बल्कि सभी धर्मों को मानने वालों का साझा वतन है। किसी भी विचार की सच्चाई भाषणों से नहीं, बल्कि उसके अमल से साबित होती है। इसलिए सवाल सीधा है—नफरत फैलाने वालों पर कार्रवाई कब होगी और संविधान में मिले समान अधिकारों की रक्षा जमीन पर कब दिखाई देगी?
#ArshadMadani
#India #RSS #MohanBhagwat #ReligiousHarmony #UnityInDiversity
Rahul Gandhi जी पर FIR इस बात का सबूत है की देश मे और प्रदेशो मे #दलित विरोधी सरकारे काम कर रही है |
मोहन भागवत को अमरीका मे ये बात बोलना चाहिए था की भारत मे उनके लोगो के द्वारा दलितों और पिछडो के जाने के बाद उन जगहों का शुद्धि करण किया जाता है |
और राहुल गाँधी पर की गयी FIR इस बात का प्रमाण है,
India’s freedom was not a gift or a favour granted to us by anyone. It was earned through the countless sacrifices, imprisonments, hardships, and martyrdoms endured by our elders and scholars in their struggle against British rule.
Our Muslim scholars consistently opposed the partition of the country and upheld Hindu-Muslim unity as the true strength and foundation of India. Their sacrifices, courage, and unwavering commitment to a united nation remain an enduring part of our shared history and heritage.
#ArshadMadani
#IndependenceDay
#HinduMuslimUnity
जो कुछ नहीं कर सकता वो कम्बख्त #गीबत बहुत अच्छी करता है...
#Uptak के सभी सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर एक साथ प्रसारित हो चूका है
देखिये और समझिये की मैंने क्या और क्यों और किसको जवाब दिया है
वंदे मातरम् बिल: संविधान और धार्मिक स्वतंत्रता के खिलाफ, चुनावी राजनीति तथा जनता के मूल मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश।
हमें किसी के "वंदे मातरम्" पढ़ने या गाने से कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन मुसलमान केवल एक अल्लाह की इबादत करता है और अपनी इबादत में किसी दूसरे को साझी नहीं ठहरा सकता। "वंदे मातरम्" के कुछ हिस्से इस्लामी आस्था के अनुरूप नहीं हैं। इसलिए किसी भी मुसलमान को इसे गाने या स्वीकार करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।
भारतीय संविधान का अनुच्छेद 25 हर नागरिक को धार्मिक स्वतंत्रता और अपने धर्म का पालन करने का अधिकार देता है, जबकि अनुच्छेद 19 अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की गारंटी देता है। किसी भी नागरिक को उसके धार्मिक विश्वास के विरुद्ध किसी नारे, गीत या विचार को अपनाने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता।
आज देश बेरोज़गारी, महंगाई, आर्थिक चुनौतियों, किसानों की समस्याओं और युवाओं के भविष्य जैसे गंभीर मुद्दों का सामना कर रहा है। ऐसे समय में विवादास्पद विषयों को प्राथमिकता देने के बजाय संसद को जनता के वास्तविक और महत्वपूर्ण मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।
#VandeMataramBill
#ReligiousFreedom
#ConstitutionOfIndia
#Article25 #Article19
#ArshadMadani
“अगर दोबारा यहां आए, तो तुम्हारी जेब में 50-50 ग्राम पाउडर डाल दूंगा, फिर पूरी जिंदगी खत्म हो जाएगी नो ज़ामिन “
वायरल वीडियो में पुलिस अधिकारी छात्रों को ऐसी धमकी दे रहा है !
ये पुलिसवाला कहा से लाएगा पाउडर? पहले भी कभी किसी के साथ किया है ऐसा? इस की जाँच करना ज़रूरी है।
इस पुलिसवाले को तत्काल निलंबित कर कानून सख़्त करवाई करनी चाहिए लोकतंत्र में छात्रों को डराकर नहीं, कानून के अनुसार व्यवहार किया जाना चाहिए।
सलाम है इन Gen Z को जिन्होंने इसको एक्सपोज़ किया।
@CMOMaharashtra@CPMumbaiPolice
It was such a peaceful movement, feel so sad that it had to take a violent turn. My heart goes out to the students and their families who were hurt. Paper leak is a very serious issue, and I am glad to know n see that the kids of our country have come together for a better educational system, and their parents supported them.
I truly appreciate the stand they have taken, showing dedication, sincerity, and keenness to study hard n make their future and a greater, educated India. This andolan, this protest, is the right way to go abt it, n the students have done this peacefully. So courageous and brave. Driven and motivated towards education, this generation will make India proud.
This issue is between the students and the educational system, it should not be hijacked politically, the credit should only go to the students of our country, and I am sure the government will also give them all the support n make it a stronger educational system. It’s a win-win situation. Hoping n praying for a positive decision. God bless all of you who wanna be educated.
Education should be the next trend and fashion, and should get trendier n more fashionable yr by yr, itna k bahar se log come to India to study and India becomes an educational hub.
श्री सोनम वांगचुक जी को ‘बल-प्रयोग’ करके, ज़बरदस्ती उनके आमरण अनशन स्थल से उठाकर ले जाना अत्यंत निंदनीय समाचार है। आज सुबह घटी ये घटना थोड़ी ही देर में पूरे देश और संपूर्ण विश्व में फैल चुकी है। सारी दुनिया और देशभर में श्री सोनम वांगचुक जी को लेकर गहरी चिंता है और भाजपा सरकार के ख़िलाफ़ आक्रोश भी। जो लोग सादी वर्दी में इस कार्रवाई को अंजाम देने के लिए धोखे से अचानक घुसे थे, उनकी पहचान सार्वजनिक की जाए।
ये हमारी पुरज़ोर माँग है कि श्री सोनम वांगचुक जी की चिकित्सा ‘न्यायिक निगरानी’ में हो क्योंकि श्री सोनम वांगचुक जी का जीवन मानवता, पर्यावरण-संरक्षण, लोकतांत्रिक मूल्यों, युवा ऊर्जा की प्रेरणा, साइंस और इनोवेशन के लिए अनमोल है।
हमारे देश की जनता व समस्त विश्व इस समय भाजपा सरकार को संदेह और सवाल भरी संदिग्ध नज़र से देख रहा है। दमनकारी राजनीति करनेवाली भाजपा सरकार की इस अवांछनीय कार्रवाई ने इंटरनेशनल लेवल पर हमारे देश की मानवीय और डेमोक्रेटिक इमेज को बेहद धूमिल और खंडित करने का काम किया है।
भाजपा ने न कभी गांधी जी में विश्वास किया, न कभी उनके गांधीवादी तौर-तरीक़ों में।
भाजपा की नकारात्मक विचारधारा ही ‘विवाद’ की है; संवाद की नहीं।
भाजपा निराशा का पर्याय बन चुकी है।
भाजपा सरकार नहीं, अहंकार है!
भाजपा की सोच दरारवादी है, इसीलिए जहाँ भी एकता, सौहार्द और एकजुटता होती है, भाजपा डरकर प्रतिक्रियावादी बनकर आंदोलनों को तितर-बितर कर देती है लेकिन भाजपा भूल गयी है कि आज की नई पीढ़ी ‘डिजिटल यूनिटी’ के माध्यम से वैचारिक क्रांति लाने में सक्षम है. ऐसा हुआ है, हो रहा है और होगा भी…
@Wangchuk66
इस देश की आज़ादी मुसलमानों की कुर्बानियों और संघर्ष से भी रोशन है। हमारे बुज़ुर्गों ने अंग्रेज़ी हुकूमत के सामने कभी सिर नहीं झुकाया। आज उनकी वफ़ादारी पर सवाल उठाना इतिहास और देश—दोनों के साथ नाइंसाफ़ी है। याद रखिए, हुकूमत हमेशा एक ही के पास नहीं रहती, लेकिन सच और इतिहास हमेशा ज़िंदा रहते हैं।
https://t.co/oXB2k2xO6j
मिल्लत टाइम्स के बहादुर पत्रकार मोहम्मद सिराज को गाज़ियाबाद में रिपोर्टिंग के दौरान एक ऐसे तथाकथित पत्रकार का सामना करना पड़ा, जो अक्सर मुसलमानों के सामने माइक लगाकर भड़काऊ और एकतरफा सवाल पूछता रहता है।
उसने मोहम्मद सिराज के साथ भी बदतमीज़ी करने और दबाव बनाने की कोशिश की, लेकिन सिराज ने पूरे आत्मविश्वास और साहस के साथ अपनी बात लोगों के सामने रखी। तथ्यों और दमदार तर्कों के सामने उसकी कोशिशें नाकाम रहीं और आखिरकार उसे वहां से वापस जाना पड़ा।
हम अपनी टीम के बहादुर पत्रकार मोहम्मद सिराज को सलाम करते हैं।