सलाम है उन सच्चे पत्रकारों को! जिनके कारण जंतर मंतर की आवाज़ दुनिया तक पहुँची।
अगर ये न होते तो देश अभी तक बच्चों पर हो रहे सरकार के अत्याचारों से अनजान रहता। देश सच नहीं देख पता ॥
इन्होंने सच्ची पत्रकारिता का झंडा बुलंद रखते हुए पूरे देश को जगाया है।
ऐसे बेबाक और ईमानदार
27 दिन बाद सोनम वंचूक जी ने आज अपना अनशन तोड़ दिया!!
अनशन तोड़ने के बाद सोनम वंचूक जी फिर वापिस आये दिल्ली जंतर मंतर पर!!!
अभीजीत दीपके ओर सोनम वंचूक आये जंतर मंतर पर वापिस!!
सोनम वंचूक जी के आने पर युवाओं ने लगाए इंकलाब जिंदाबाद के नारे!!
@Wangchuk66@abhijeet_dipke
"वर्दी सत्ता की नहीं, संविधान की होती है।"
आर्मी ऑफिसर के बीवी ने वर्दी का क्या धर्म ओर क्या फ़र्ज़ होता है ये खूबसूरत तरीके से समझाया
"आपके कंधों के सितारे ताकत नहीं, जिम्मेदारी का प्रतीक हैं। अशोक चिन्ह याद दिलाता है कि आपकी निष्ठा किसी सरकार से नहीं, संविधान और देश की जनता से है।
लाठी आवाज़ दबाने के लिए नहीं, कानून की रक्षा के लिए है। वर्दी का सम्मान उसके कपड़े से नहीं, उसे पहनने वाले के चरित्र से होता है।
वर्दी का धर्म: सेवा, संयम और संविधान।" 🇮🇳
मोदी जी, अहंकार छोड़िए।
छात्रों की गूंज सुनिए, उनकी 3 मांगें पूरी कीजिए।
- नाकाम शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से तत्काल इस्तीफा लीजिए।
- छात्रों पर बर्बरता करने वाले गुनहगारों की जवाबदेही तय कीजिए।
- छात्रों के साथ हुए हर अन्याय के लिए उनसे माफ़ी मांगिए।
मैं, कांग्रेस पार्टी और पूरा विपक्ष छात्रों और उनकी इन मांगों के साथ मजबूती से खड़े हैं।