Big Breaking 🚨
अब ये पक्का हो चुका है कि
एथेनॉल सिर्फ़ 2 कंपनियाँ बना रही हैं,
और ये दोनों कंपनियाँ निखिल गडकरी और सारंग गडकरी (नितिन गडकरी के बेटे) की हैं
अब सवाल ये है कि सरकार
पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने की ज़िद क्यों हो रही है..?
क्या वाक़ई ये पॉलिसी पब्लिक इंटरेस्ट के लिए है
या फिर फैमिली बिज़नेस को फायदा पहुँचाने के लिए..?
यानी जनता की जेब खाली और घर बैठे फायदा केवल अपने बेटों को..?
ताकि आम जनता महँगा पेट्रोल खरीदे
और करोड़ों का फायदा सिर्फ़ बेटों की कंपनियों को मिले
यानी जनता का पैसा
सीधा फैमिली बिज़नेस में..
आप लोग फैसला करो कि
क्या ये नीति है या परिवार की प्रॉपर्टी.?
पथ के शूल, फूल बन जाएं, राह सरल हो तेरी
तू न थके ,मंजिल थक जाए,यही कामना है मेरी
आप सभी अभ्यर्थियों से वादा है कि आपके हक के लिए जरूरी सब कुछ करेंगे और वेटिंग लिस्ट जरूर आएगी चाहे न्याय के किसी भी दरवाजे तक जाना पड़े।
#UPP_SCORE_CARD#UPP_WAITING_LIST 🙏
📢 🛑निम्न आंकड़ों पर ध्यान दें 🛑
भर्ती खाली रही सीटें
41520 कांस्टेबल 5348
49568 कांस्टेबल 6510
8055 लेखपाल 2000+
9534 दारोगा 1000+
अगर कई कई साल बाद भर्ती आने के बाद भी यदि असंवैधानिक नियम के कारण लगभग 10-15% सीटें खाली चली जाएं तो कितनी गलत बात है। इसलिए नहीं कि टैलेंट उपलब्ध नहीं है बल्कि इसलिए की नियम असंवैधानिक हैं। ये खाली रही सीटें 5 साल बाद कैरी फॉरवर्ड होती हैं। घोर अन्याय है ये।
Railway, Delhi police सभी में वेटिंग लिस्ट का प्रावधान है पर उत्तर प्रदेश में ही नहीं है। इस नियम को हटाना सरकार के हाथ में है। हम माननीय मुख्यमंत्री जी से प्रार्थना करते हैं कि 60244 भर्ती की वेटिंग लिस्ट के लिए आदेश करें
क्योंकि
बहुत स्टूडेंट्स मेडिकल में आउट होंगे
बहुत से पुलिस सत्यापन में बाहर होंगे
कुछ लोग ज्वाइन नहीं करेंगे
कुछ ट्रेनिंग अधूरी छोड़ देंगे
कम से कम 7000-8000 वेकेंसी खाली रह जाएंगी। ऐसे में उन अभ्यर्थियों को मौका मिलना चाहिए जिन्होंने सारे चरण क्लियर किए हैं।
वेटिंग लिस्ट जारी न करने का प्रावधान असंवैधानिक है, संसाधन की बर्बादी है। कृपया मानवीय दृष्टिकोण से संज्ञान लें 🙏🙏🙏🙏
#UPP_WATING_LIST
#UPP_SCORE_CARD
@myogiadityanath@upprpb@CMOfficeUP@myogioffice@Rajeevkrishna69 🙏🙏🙏🙏
आज यूपी पुलिस का रिज़ल्ट आया और इस रिज़ल्ट में
OBC की कटऑफ 199
और
EWS की कटऑफ 187
है, यानि कोई यादव, पटेल, कुशवाहा या मौर्या 199 नंबर पर सेलेक्ट होगा तो कोई
ब्राह्मण, राजपूत या बनिया जो EWS में हैं वह 187 नंबर पर सेलेक्ट होंगे,
मुझे इससे कोई भी दिक्कत नहीं है, संसद ने यह नियम लागू किया है तो हमें भी इसपर कोई दिक्कत नहीं मगर
अब तो प्लीज यादव, कुर्मी और मौर्यों जैसी तमाम OBC जातियों को आरक्षण का ताना देना बंद करो🙏
आज जो आरक्षण यह सब जातियां ले रहीं हैं उससे ज़्यादा फ़ायदा आपको मिल रहा है तो
अब तो आरक्षण को कोसना बंद कर दो, ये कहां का न्याय है कि
आरक्षण लेकर कम नंबर से सेलेक्ट भी होना है और आरक्षण को गरियाना भी है।
एक विधवा बहू ने अपनी सास को बताया कि, वह तीन माह के गर्भ से है. परिवार में हंगामा मच गया।
समाज में भूचाल आ गया, लोगों ने पंचायत जुटाई और उस बहू से बच्चे के बाप का नाम जानना चाहा, भरी पंचायत में बहु ने बताया कि, तीन माह पूर्व मैं प्रयाग राज, त्रिवेणी संगम स्नान करने गई थी, स्नान के समय मैंने गंगा का आहवान करते हुए तीन बार गंगा जल पिया था, हो सकता है
उसी समय किसी ऋषि महात्मा,महापुरुष का गंगा में वीर्य अस्खलन हो गया और वो आहवान के साथ मैं पी गयी, उसी से मैं गर्भवती हो गई,
सरपंच जी ने कहा, यह असंभव है, ऐसा कभी हो नहीं सकता कि, किसी के वीर्य पी लेने से कोई गर्भवती हो जाय, उस महिला ने सरपंच को जवाब दिया और कहा.. हमारे धर्म ग्रंथों में यही बात तो दिखाई गई है कि,
विभँडक ऋषि के वीर्य स्खलन हो जाने से श्रृंगी ऋषि पैदा हुए,
हनुमान जी का पसीना मछली ने पी लिया, वह गर्भवती हुई और मकरध्वज पैदा हुए,
सूर्य के आशीर्वाद से कुंती गर्भवती हो गई और कर्ण पैदा हुए,मछली के पेट से मत्स्यगंधा (सत्यवती)पैदा हुई, खीर खाने से राजा दशरथ के तीनों रानियां गर्भवती हई और चार पुत्र पैदा हो गये,जमीन के अंदर गड़े हुए घडे से सीता पैदा हुई!
जब ये सारी बातें संभव है, तो मेरी बात असंभव कैसे ?
वैसे मैं बताना चाहती हूं कि मैं गर्भवती नहीं हूं,मैंने यह नाटक इसलिए किया था कि, इस पाखंडी समाज की आंख खुल जाय,आप लोग ऐसे धर्म पुस्तकों को आज के समाज को जरूरत नहीं है जिससे कि पाखंड, अविश्वास एवं अज्ञानता परोसा जाए, जिसमे ऐसी कहानियॉ लिखी गयी है!
आप लोग चाहें तो मेरा मेडिकल परीक्षण कर सकते हैं!।
हमारे समाज को वैज्ञानिक एवं तार्किक सोच की जरूरत है, अंधविश्वास, पाखंडी एवं अंधभक्ति से मुक्त हो...!
अगले दो दिनों में सभी दुर्गा पूजा कमेटियों से थाना, सर्किल और जनपद स्तर पर संवाद कर लिया जाए। कहीं भी सड़क खोद कर पंडाल न बनाया जाए। पंडाल बनाते समय यातायात की सुगमता का पूरा ध्यान रखा जाए।
प्रतिमा की ऊंचाई एक सीमा से अधिक न हो। फूहड़ अथवा कान-फोड़ू गीत-संगीत-नृत्य नहीं होना चाहिए। कमेटी द्वारा पंडाल व आस-पास साफ-सफाई का माहौल बना कर रखना होगा। साथ ही, फायर सेफ्टी के संबंध में आवश्यक प्रबंध होने चाहिए : #UPCM @myogiadityanath
उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी जी के सजातीय गुंडों का आतंक चरम पर पहुंच चुका है। अब सत्ता का संरक्षण प्राप्त सामंतियों ने ललितपुर जिले के नाराहट थाना अंतर्गत पिछड़े वर्ग के कुर्मी समाज के भाई इंदल पटेल को घर में घुसकर जिंदा जला दिया।
इंदल पटेल ने गांव गौना के गुड्डू ठाकुर के साथ पार्टनरशिप में ईंट का व्यवसाय किया था। जातीय दंभ में चूर गुड्डू ने सारी ईटें बेचकर पूरा पैसा खुद ही हड़प लिया।
जब इंदल पटेल ने गुड्डू से अपना हिस्सा मांगा तो गुड्डू और उसके सामंती मानसिकता के गुर्गों ने इंदल पटेल के घर में घुसकर तोड़ फोड़ की इतने से भी मन नहीं भरा तो भाई इंदल पटेल पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी, पीड़ित की हालत गंभीर है वो जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है। मैं भाई इंदल पटेल के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रकृति से प्रार्थना करता हूं।
इस तरह के मामलों (जब आरोपी मुख्यमंत्री जी का सजातीय हो) में सख्त मुख्यमंत्री जी की सख्त पुलिस और सख्त STF कहां छुप जाते हैं।
मैं और पूरी @AzadSamajParty इस दुख की घड़ी में पीड़ित पटेल परिवार के साथ खड़ी है।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath भाई इंदल पटेल को सरकारी खर्चे पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराएं और हमलावर गुंडों पर सख्त से सख्त कार्यवाही करें।
28 अगस्त की रात
गांव विशनपुर जट्टा के नजदीक
ओंकार सिंह नाम का व्यक्ति लहूलुहान अवस्था में शव मिला।
पुलिस ने खुलासा करते हुए बताया कि...
मृतक ओंकार सिंह ने 2015 में
एक नाबालिग बच्ची के साथ रेप किया था
जिसे इस जुर्म के लिए 10 वर्ष की सजा हुई थी।
लेकिन कोरोना काल में उसकी सजा समाप्त करके उसे रिहा कर दिया गया।
घटना के कुछ दिन बाद रेप पीड़ित बच्ची की मौत हो गई थी और इसी सदमे के चलते उसके पिता का भी देहांत हो गया था।
इस घटना की रंजिश लड़की के भाई लवप्रीत सिंह के मन में थी जो उस वक्त सिर्फ 10 वर्ष का था।
28 अगस्त की रात लवप्रीत सिंह ने मौका देखकर तेजधार वाले हथियार से ओंकार सिंह की हत्या (वध) कर दी।
गिरफ्तारी के बाद कोर्ट में ले जाते समय का वीडियो देखिये, चेहरे पर विजय का भाव और बदला पूर्ण होने की तृप्ती साफ दिखाई दे रही है।
दिल पर हाथ रखकर बताना...
क्या इस नाबालिग बच्चे ने सही किया?
और क्या इसे सजा मिलनी चाहिए?
अरे ये क्या! अपना दल (S) प्रमुख अनुप्रिया पटेल एक बार फिर अपनी ही सरकार (NDA) पर हुईं हमलावर। आउटसोर्सिंग के ज़रिए हो रही भर्तियों पर खड़े किए सवाल, कहा: आरक्षण के नियमों का पालन नहीं हो रहा है।
#ApnaDal#AnupriyaPatel#NDA