उज्जैन जैसे पवित्र धार्मिक नगर में श्मशान घाट पर जलती चिता से मानव मांस निकालकर खाने का वायरल वीडियो बेहद घृणित, अमानवीय और शर्मनाक है। आस्था, धर्म या तंत्र-मंत्र के नाम पर ऐसी वीभत्स हरकत किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जा सकती। मृतक की गरिमा और परिजनों की भावनाओं से खिलवाड़ करने वालों पर तत्काल निष्पक्ष जांच हो और दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
मुख्यमंत्री बिष्ट ठाकुर आदित्यनाथ के सिंह इज़ किंग मानसिकता वाले ठाकुर सामंती मानसिकता वाली पुलिस वाले खुलकर दलितों पिछड़ों को दबाते हैं, डराते हैं और उनके ऊपर अत्याचार करते हैं और विरोध करने पर मूंछें ऐंठकर धमकाते हैं तथा कहते हैं कि जो उखाड़ना है, उखाड़ लो
अरे साहब आपका कोई क्या उखाड़ पाएगा? आप तो खुद 9 साल से संविधान को ताक पर रखकर दलितों पिछड़ों ब्राह्मणों को उखाड़ रहे हैं, क्योंकि आपको यह शक्ति ठाकुरवादी अपराधिक साम्राज्य चला रहे मुख्यमंत्री ठाकुर बिष्ट आदित्यनाथ ने दी है
हालांकि इस गुंडाराज का अंत जल्द होगा क्योंकि PDA अब जाग गया है
2014 के बाद इतिहास में ये भी पहली बार हुआ है कि एक 6 साल का बच्चा अपने मां बाप के लिए BJP सरकार के ख़िलाफ़ धरने पर बैठा है!
ये सरकार जब एक बच्चे को सजा नहीं दे पाई तो इस सरकार ने इसके मां बाप को टारगेट बनाया! 💔
हरियाणा के हिसार में पिछले 27 दिनों से अपनी जायज मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे सफाई कर्मचारियों के साथ पुलिस की धक्का-मुक्की और एक महिला सफाई कर्मचारी के निजी अंग पर लात मारने का वीडियो बेहद शर्मनाक और अमानवीय है।
प्रधानमंत्री @narendramodi जी चुनाव के समय इन्हीं सफाई कर्मचारियों के पैर धोने का दिखावा करते हैं और इन्हें “स्वच्छता सैनिक” कहते हैं, लेकिन आज उन्हीं महिला सफाई कर्मचारियों के साथ धक्का-मुक्की और निजी अंग पर लात मारकर उन्हें अपमानित किया जा रहा है। यह सम्मान के नाम पर किए जाने वाले राजनीतिक दिखावे और जमीनी हकीकत के बीच का फर्क साफ दिखाता है।
भाषा की भी छुआछूत होती है। अपने अधिकारों के लिए सड़क पर उतरी महिला सफाई कर्मचारी को प्रशासन की ओर से “तू” जैसे अपमानजनक संबोधन देना भी उसी सामाजिक मानसिकता को दर्शाता है, जिसमें मेहनतकश और वंचित समाज के सम्मान को छोटा समझा जाता है।
राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग और राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग की चुप्पी भी गंभीर सवाल खड़े करती है। हरियाणा सरकार दमन का रास्ता छोड़कर तत्काल सफाई कर्मचारियों से बातचीत करे। महिला कर्मचारी के साथ हुए दुर्व्यवहार की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाए और उनकी सभी जायज मांगों का सम्मानजनक समाधान निकाला जाए।
भीम आर्मी-आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) हरियाणा के अपने सफाई कर्मचारियों के संघर्ष, सम्मान और अधिकारों के साथ मजबूती से खड़ी है।
@NCWIndia@ncsk_mosje_goi@NCSC_GoI@India_NHRC@cmohry@NayabSainiBJP
अभी यूपी के जौनपुर जिले में तैनात कांस्टेबल संदीप यादव का एक वीडीओ सामने आया था जिसमें ओ बड़े सलीके से दो पक्षों में मेड़ काटनें के विवाद को समझा के उनको भविष्य में होनें वाले मुकदमाबाजी के नुकसान से बचाया,
और आज मैनपुरी में तैनात CO अशोक सिंह अपनी मूछों को ताव देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव जी को वीडीओ भेजनें की धमकी दिया,
यादव जाति के कांस्टेबल समाज में बराबरी और आपस में मुकदमा लड़के समय और पैसा ना बर्बाद करने का संदेश दिया,
वहीं दूसरी तरफ़ ठाकुर CO अपनी सामन्ती सोच को समाज में दिखा दिया,
वैसे भी यादव समाज सामाजिक भाई चारा के माध्यम से सामन्ती सोच को लगभग पाट दिया है ।
कुछ अशोक सिंह मी तरह अभी बच गए हैं ।
"बना लो वीडियो और अखिलेश यादव को दिखा देना ये देखो मेरा नाम मैं आजमगढ़ का रहने वाला हूं।"
इतना कहने के बाद मूंछों पर ताव देते हुए रौब झाड़ने लगते हैं।
ये CO साहब हैं जो अपनी सोच के साथ पूरे सोशल मीडिया पर वायरल हैं इनकी ठाट बाट देखने लायक है।
जब एक पूर्व मुख्यमंत्री के लिए ऐसी भाषा का प्रयोग कर रहे हैं CO साहब to आम जनमानस जो दलित पिछड़ा होगा उसके साथ कैसा व्यवहार करते होंगे?
जब कोई अजीत भारती सरकारी में आरक्षण का विरोध करेगा,
किसी उमा भारती से हम प्राइवेट में आरक्षण की बात मनवा लेंगे।
इसलिए पहले दिन से मना कर रहे हैं ये खेल मत खेलो बालकों
आप जितनी बकवास करेंगे, दलित पिछड़ों को उतने हक अधिकार मिलेंगे।
“आरक्षण था, आरक्षण है और आरक्षण रहेगा।” - सपा प्रमुख @yadavakhilesh
जब BJP-RSS के इर्द-गिर्द आरक्षण के ख़िलाफ़ माहौल बनाने, सामाजिक न्याय को कमज़ोर करने और ‘सुधार’ के नाम पर अधिकारों पर सवाल खड़े करने की राजनीति तेज़ हो, तब अखिलेश यादव का यह स्पष्ट ऐलान महत्वपूर्ण है।
OBC-SC-ST को अब सिर्फ़ आरक्षण बचाना नहीं है, बल्कि पूरा आरक्षण, पूरा प्रतिनिधित्व और आबादी के अनुपात में सत्ता-संसाधनों में हिस्सेदारी भी सुनिश्चित करनी है।
जो सामाजिक न्याय के साथ खड़ा होगा, PDA समाज भी उसके साथ मज़बूती से खड़ा होगा।
मर्दों की जिंदगी भी कितनी कठिन होती है💔
ये लड़का घर से दूर मजदूरी करने आया था। काम करते-करते जब उसे भूख लगी तो वह बैठकर खाना खाने लगा। तभी जब मालिक को अपनी तरफ आते देखा तो डरकर अपना खाना छुपा लिया।
मालिक ने जब खाना दिखाने को कहा, तो सामने सिर्फ प्याज और सुखी रोटी थी।
मर्द की जिंदगी भी अजीब होती है… पेट की भूख भी छुपानी पड़ती है और मजबूरी भी।
“बना लो, बना लो, वीडियो बना लो, अखिलेश यादव को दे देना।”
यह सीओ की CO है भाई, अशोक सिंह की। गुंडाराज में इसी गुंडई को लॉ एंड ऑर्डर कहते हैं। और जिससे यह कह रहे हैं, वह प्रदर्शन कर रहे हैं। ये सीओ हैं या बीजेपी के कार्यकर्ता?