@Jairam_Ramesh ये लड़ाई जनता को उनका हक देने की जिनको तुमने अपनी सवार्थी पन क़े कारण रोका था हर रुकवाट टूटेगी जनता और हर नारी को इसमें भाग लेने का मौका मिलेगा
संविधान की किताब का मज़ाक क्यों उड़ा रहे हो तुम्हारी पार्टी तो संविधान की किताब जेब मैं रखती है आरएसएस को ये सकती संविधान क़े अनुच्छेद 19(1)(c) ही देता है गन्दी और ओछी राजनीती क़े लिए तुम संविधान की धज्जियाँ उड़ा रहे हो ये दोगलपन कभी भी जीत नही दिलवा सकता है आरएसएस देश को मजबूत karne🥧वाला बहुत मजबूत संगठन है
@TheIncNews आवाज हैं पर सुधरना होगा तुष्टिकरण, अहंकार, बदतिमीजी, फरेबी, चालबाजी, गाली, नालायकी सब से दूर होना होगा कई बरस लगेंगे पर होगा चुनाव जितने क़े लिए जाती विरादरी, धर्म, की राजनीती का तिरस्कार करना होगा तब जनता सोच सकती है ये मुँह से नही कर्मो मैंने दिखना चाहिए
@indiatvnews@journosachinc ये खुद नहीं रहे अपनी स्वर्गीय श्री बाळासाहेब ठाकरे जी की विचारधारा पर जो लोग इनसे जुड़े थे उक्त को लेकर ये बदल गए जो छोड़ क़े जा रहे हैं बह अपनी मूल विचारधारा मैं ही है
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तृतीय सरसंघचालक, पूजनीय बालासाहब देवरस जी को उनकी पुण्यतिथि पर नमन।
राष्ट्रसेवा, सामाजिक समरसता और युवाओं के चरित्र निर्माण के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले बालासाहब देवरस जी अस्पृश्यता को सबसे बड़ा अभिशाप मानते थे। आपातकाल के कठिन दिनों में भी संघ को आकार देने वाले और युवाओं को लोकतंत्र की रक्षा के लिए प्रेरित करने वाले बालासाहब हम सभी की प्रेरणा बने रहेंगे।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघाचे तृतीय सरसंघचालक, पूजनीय बाळासाहेब देवरस जी यांना त्यांच्या पुण्यतिथीनिमित्त विनम्र अभिवादन.
राष्ट्रसेवा, सामाजिक समरसता आणि तरुणांच्या चरित्र निर्मितीसाठी आपले जीवन समर्पित करणारे बाळासाहेब देवरस जी अस्पृश्यतेला सर्वात मोठा अभिशाप मानत असत. आणीबाणीच्या कठीण काळातही संघाला दिशा देणारे आणि लोकशाहीच्या रक्षणासाठी तरुणांना प्रेरित करणारे बाळासाहेब आपल्या सर्वांसाठी नेहमीच प्रेरणास्थान राहतील.
कोचिंग सेंटर पर पूरी तरह ताला जड़ा जाए और जो स्कूल मैं पढ़ाई हो उसी पर सवाल होने चाहिए देश की बड़ी बड़ी परीक्षाओं मैं उक्त मैंने जो भी चुनौती हो स्वीकार कर निपटा दी जाए बिना लाग लपेट
@madhavi_agarwal हाथों में हाथ रहे, दिलों में सदा सम्मान रहे,
भारत और फ्रांस की दोस्ती का ऊँचा आसमान रहे।
गले मिलकर बढ़ाया कदम दोनों देशों ने आगे,
यह आपसी विश्वास और प्रेम सदा गतिमान र
हाथ से लिखी स्क्रिप्ट जो राष्ट्रीहित और जनसमान्य हितों और नेतृत्व क्या करना चाहता है क़े लिए लिखी जाती हैं पिछली सरकारों क़े बड़े प्रधानमंत्री और नेता करते रहे हैं क्योंकि टेलीपक्रॉम्पटर का प्रादुभाव भारत मैं नही था अब की सरकार इसका प्रयोग बखूबी कर रही है हाथ से लिखी को कागज देककर पढ़ना पड़ता था और टेलीपक्रॉम्पटर का प्रयोग आइकॉन्टेक्ट रखते हुए स्क्रीन देखकर पढ़ना होता है इससे ज्यादा कुछ नही है परन्तु आप केवल और केवल अपनी गन्दी और ओछी मानसिकता क़े कारण मुद्दा मान रही हैं जो जनता को पता है की आप पर कोई मुद्दा नही है