@PNRai1 बीजेपी ने ऐसे मुद्दों पर जरूरत से ज्यादा बढ़ावा दिया जिससे इनके हौसले बढ़ गए ,सख्ती से कुचलना चाहिए था इनका मंसूबा जग जाहिर था ये राष्ट्रविरोधी ताकते हैं।
बीजेपी को याद रखना चाहिए
"भय बिनु होय ना प्रीत "
फिलहाल इनमें कोई भय नज़र नहीं आ रहा ना ही फर्जी किसानों में कोई भय हैं
“राजस्थान की हमारी सरकार में पेपर लीक एक बड़ी समस्या है, ये समस्या पूरे देश में है, मुख्यमंत्री गहलोत जी ने इसे रोकने का बड़ा प्रयास किया परंतु फिर भी बार-बार हुआ”
~ प्रियंका गांधी वाड्रा जी 😎
एक तरफ सोनम वांगचुक दिल्ली में आंदोलन के नाम पर रार मचा रहे हैं, तो दूसरी तरफ उनकी संस्था SECMOL का FCRA लाइसेंस क T गया है और विदेशी फंडिंग की जांच भी चल रही है।
ध्यान भटकाने की ये चाल साफ दिख रही है।
21 जुलाई को संसद शुरू हो रहा था, जहां गृह मंत्री FCRA विधेयक पेश करने वाले थे।
अब समझ आ रहा है ना पूरा खेल?
देश को बांटने वाले ऐसे एजेंडे का मुंह तोड़ जवाब देना चाहिए! 🔥
दिल्ली में हुए हुड़दंग को ध्यान से देखें...👇
चाहे चंडीगढ़ का फन्ने_खान हो या सीलमपुर का मकोका अपराधी हाजी_अफजाल किसी के सिर पर टोपी नहीं थी...
भीड़ में पहचान छिपाने और नैरेटिव सेट करने का यह खेल कोई 'संयोग' नहीं, बल्कि एक सोंचा-समझा 'प्रयोग' है।
सावधान रहें, सतर्क रहें, गद्दा *रों की सच्चाई को उजागर करते रहें...🙏🚩
ये आत्ममुग्ध बौना कह रीया है केस से मत डरना
जब इसकी झाड़ू इसी के pitch वाड़े में डाल के मोर बनाया गया था तब कितने वकील लाया था ये शराब घोटाले वाले केस में ?
दूसरे के बच्चों को bh ड़का रहा है कोई इससे पूछे इसके खुद के बच्चे प्रोटेस्ट में सबसे आगे क्यों नही खड़े हैं
अवश्य ध्यान से पढियेगा अंत तक 🙏🏻👇👇
ऐसा नहीं है कि बीजेपी या आरएसएस, हिन्दू संगठनों के पास कम लोग हैं।
आज मोदीजी कह दें कि दिल्ली आकर सबक सिखाओ तो दो दिनों के अंदर ये नजर तक नहीं आयेंगे...!
आज भीड़ के दबाव में अगर एक मंत्री का इस्तीफा हुआ,
तो कल कोई दूसरा,
इसी तरह 10-20 हज़ार लोगों को जुटाकर दूसरे किसी मंत्री का इस्तीफा मांगेगा।
इन्होंने शुरू किया धर्मेंद्र प्रधान से और फिर मोदी का इस्तीफा मांगने लगे।
गडकरी तो हैं ही निशाने पर.....
जिन 24 करोड़ लोगों ने वोट दिया है उनका कोई महत्व नहीं है क्या ....?
सिर्फ़ इन्हीं 5-10 हज़ार लोगों का Thinks है,
क्योंकि ये तोड़फोड़ कर सकते हैं...!
रही पेपर लीक की बात तो एक ऐसी सरकार बताएं जिसमें पेपर लीक नहीं हुआ हो।
क्या कांग्रेस राज में पेपर लीक नहीं होते थे?
हमने बिहार का लालूराज के दौरान भी देखा है बिहार में शिक्षा का खेल...!
वहां बिहार बोर्ड की परीक्षाओं में क्या होता था,
किसे नहीं मालूम।
मीसा भारती कितनी बड़ी मेडिकल टॉपर हैं और कैसे हैं,
ये किसे नहीं पता?
आज तेजस्वी यादव भी धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा मांग रहे हैं।
उत्तर प्रदेश में राजनाथ सिंह मुख्यमंत्री थे।
उन्होंने नकल विरोधी सख़्त कानून बनाया ।
मुलायम सिंह यादव उस नकल विरोधी कानून के खिलाफ़ धरने पर बैठ गए।
उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि अगर छात्रों को नक़ल नहीं करने दिया तो सरकार को उखाड़ कर फेंक देंगे।
आज मुलायम सिंह का बेटा धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा मांग रहा है...
और उसकी बहु राम मंदिर पर बुलडोजर एक्शन चाहती है .....!
बंगाल में Teachers Recruitment Scam पर एक शब्द नहीं बोलने वाली महुआ मोइत्रा शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए हिंसा करने को कह रही हैं।
इस बीच मोदी सरकार Higher Education Bill लेकर आई है।
इसमें प्रतियोगिता परीक्षाओं को कैसे leak proof बनाया जाय,
इसके लिए बहुत कड़े नियम हैं।
बाकी इन लोगों को Solution नहीं बताना है,
सिर्फ़ समस्याएं गिनाकर देश में अराजकता फैलाना है।
जंतर मंतर गया में
ज्यादातर हिंसक लोग हैं इस प्रोटेस्ट में....
अराजकता फैलाना चाहते हैं केवल ...
जिनके कहने पर ये-
'so called students'
धरना देने पहुँच गए, लाठी खायी, भूखे रहे, अपना समय बर्बाद किया, पैसा खर्च किया,
वो लोग कहाँ है ??
अपने प्रोपेगंडा को सिर्फ फ़ोन से ही चलाएंगे क्या ?
ग्राउंड में आकर अपनो की मदद क्यों नहीं कर रहे ????????
मैंने कल कहा था ना, आधे से ज्यादा लोग तो सोशल मीडिया कंटेंट बनाने वाले है जिनको स्टूडेंट्स के हित से कोई मतलब नहीं....
Instagram पर मुजरा करने वाले भी NEET के छात्र बन गए.
इससे पता चल रहा है यह कोई स्टूडेंट प्रोटेस्ट नहीं है, बल्कि मंच है, मुजरा, डूबती राजनीति, ट्रेंडिंग रील बनाने का एक हाइब्रिड प्लेटफार्म है।
इन्हें ही अरविंद केजरीवाल और राहुल गांधी अपना बच्चा कह रहे हैं..!!
इनके बच्चे तो विदेश में बैठ मज़े कर रहे हैं...
यहाँ, छात्र के नामपर गुंNडे बुलाये हुए है दंNगे करने के लिए
"मैं अपने दो बच्चों को लाई हूँ, इन्हें भी मा ₹ डालो।"
इस वीडियो में ड्रामा साफ झलक रहा है। यहाँ तक कि उसके बच्चे भी शर्मिंदा हो रहे हैं।
इन कम्युनिस्टों को क्या हो गया है और ये अपने बच्चों को हथियार की तरह क्यों इस्तेमाल कर रहे हैं?
क्या इन्होंने अपने G हा D भाइयों से सबक लिया है?
हम कुछ बोलेंगे तो चमचों को मिर्ची लग जाती है, कैसे सपोर्ट कर दें हम इन ग़द्दारों को?
अगर ये सच में शिक्षा के लिए लड़ रहे होते तो सब साथ देते इनका, लेकिन कर क्या रहे हैं ये लोग?
राम जी का अपमान, संतों का अपमान, देश को तोड़ने के नारे, बोल रहे जम्मू कश्मीर भारत का हिस्सा नहीं, 370 वापिस लेने की मांग... 🤷
घायल हुए आंदोलनकारियों से अस्पताल जा कर सब दलों के नेता मिल आए हैं --- ये अच्छा कदम है ----लेकिन अब घायल हुए पुलिसकर्मियों की भी कुछ सुध ली लेनी चाहिए ----वे भी इस देश की संतानें हैं ----
अब सच में बर्दाश्त की इंतहा हो गई है..
कुल 11 लाख 21 हज़ार 185 छात्रों ने इस वर्ष NEET की परीक्षा पास की है। ये कुल छात्रों का 56% है।
58% बच्चियों ने इस वर्ष NEET Exam clear किया है।
ये तेलचट्टी आंटी बुढ़िया बोल रही है कि "उन छात्र- छात्राओं की मां- बहन मोदी के साथ रात बिताई थी, इसलिए उनका रिजल्ट आया।"
अब बर्दाश्त से बाहर हो रहा है...सरकार इनकी नौटंकी बंद करे, वरना दूसरी तरफ के लोग उतर गए तो संभालना मुश्किल हो जाएगा..!
क्योंकि छात्रों के नाम पर निहायत घटिया गलीज गिरे हुए गंदे लोगों की भाषा गंदा चरित्र.. इस प्रदर्शन में शामिल चाहे वह कोई आदमी हो औरत हो लड़का हो या लड़की हो यही है इनकी असलियत गिरा हुआ घटिया गंदा बदबूदार गालीजकॉकरोच तो वैसे भी नाली में ही रहते हैं न..;