सोचो कैसे कीर्ति महावरदानी
हिरण्यकशिपु की भी ढल गई
ऐसा क्या अदने बालक में
प्रसंग त्योहार में बदल गई
सिर्फ़ होलिका, रंग गुलाल नहीं
इसका मतलब बड़ा गहरा है
जलादे इसमें अपनी बुराइयाँ सारी
तू अब तक वहीं क्यों ठहरा है।
(२/२)
#HappyHoli
अगर तुम शक्ति मद में हो
मूर्ख हो तुम जद में हो
अगर तुम अहम में हो
भटके हो वहम में हो
जो जल रही है होलिका
फिर आग मात्र है
खोया हुआ कथा में तुम्हारे
मुख्य प्रह्लाद पात्र है
सोचो क्यों होलिका
अदाह्य हो के भी जल गई
(१/२)
#HappyHolikaDahan#HappyHoli
@BatainDilki @MaltiVishwaka12 क़ाबू ना करना भी डिप्रेशन लाता है ..
बात आ जा के फिर वही पहुँचती है ..
कितना रोका जाये और कितना माना जाये
बस उतना पूरा कीजिए जितना ठाना जाये।