भगवान किसी को डिप्रेशन ना दे..!
सुकून छीन जाता है, नींद उड़ जाती है, भूख और प्यास मर जाती है, रोते हैं पर आंसू नहीं आते है, लोगों के बीच होकर भी तन्हाई महसूस होती है, बाहर से सामान्य और भीतर से बिल्कुल खोखलापन जैसा लगता है, चेहरे पर झूठी मुस्कान लिए भीतर से रोते फिरते है।
घर वाले मेरी शादी के लिए लड़का देख रहे है बोलकर मुझसे किनारा कर ली थी लेकिन इतने साल बीत गए अब तक शादी नहीं हुई तो समझ आया कि शादी तो सिर्फ मुझसे दूर जाने का एक बहाना था।
जीवन के उस पड़ाव पर हूं..!
जहां फोन बजता ही नहीं है। कोई मैसेज नहीं। कोई कॉल नहीं। कई-कई बार तो ऐसा होता है कि फोन ले जाना ही भूल जाता हूं। अगर कभी फोन बज भी जाए,वो बस लोगों के मतलब के लिए होता है लेकिन मैं मदद करने से कभी पीछे नहीं हटता हूं, निस्वार्थ भावना से मदद कर देता हूं।
जीवन के उस पड़ाव पर हूं..!
जहां फोन बजता ही नहीं है। कोई मैसेज नहीं। कोई कॉल नहीं। कई-कई बार तो ऐसा होता है कि फोन ले जाना ही भूल जाता हूं। अगर कभी फोन बज भी जाए,वो बस लोगों के मतलब के लिए होता है लेकिन मैं मदद करने से कभी पीछे नहीं हटता हूं, निस्वार्थ भावना से मदद कर देता हूं।
जीवन के उस पड़ाव पर हूं..!
जहां त्यौहार आने पर अंतर्मन में कोई उत्सुकता नहीं होती बल्कि पल-पल काटने को दौड़ता है। बस लगता है कि जल्दी से ये त्यौहार बीत जाए।
जीवन के उस पड़ाव पर हूं..!
जहां त्यौहार आने पर अंतर्मन में कोई उत्सुकता नहीं होती बल्कि पल-पल काटने को दौड़ता है। बस लगता है कि जल्दी से ये त्यौहार बीत जाए।
सही कहते हैं गुड्डू भईया "मिडिल क्लास आदमी; आदमी नहीं, चु८या होता है चु८या"! एक चीज की EMI खत्म नहीं होती है कि दूसरी जरूरत की चीज खरीदनी पड़ जाती है और मिडिल क्लास आदमी के पास उतने पैसे होते नहीं है कि इकट्ठे पैसे देकर एक बार में ही कोई भी महंगी चीज खरीद सके।
सही कहते हैं गुड्डू भईया "मिडिल क्लास आदमी; आदमी नहीं, चु८या होता है चु८या"! एक चीज की EMI खत्म नहीं होती है कि दूसरी जरूरत की चीज खरीदनी पड़ जाती है और मिडिल क्लास आदमी के पास उतने पैसे होते नहीं है कि इकट्ठे पैसे देकर एक बार में ही कोई भी महंगी चीज खरीद सके।
26/02/2026
आज मेरा जन्मदिन है लेकिन कोई उत्सुकता नहीं है।
जन्मदिन मनाए भी तो किसके साथ?
प्रेमिका ने नया प्रेमी ढूंढ लिया,पुराने दोस्त ने नए दोस्त और बचा मैं जिसने नया कुछ किया ही नही। किसी से कॉल-मैसेज की कोई उम्मीद भी शेष नही बची और किसी को याद भी नही होगा। उसे भी नहीं..!
खैर...