भाजपा को जंतर मंतर वाला पढ़ा लिखा युवा नहीं चाहिए..उसे ये वाला युवा चाहिए…ये वाला युवा कांवड़ निकालता है…ये वाला युवा सरकार से कुछ नहीं मांगता है..ये वाला युवा सरकार को किसी भी चीज के लिए जिम्मेदार भी नहीं ठहराता है…ये वाला युवा जो मांगता है भगवान से मांगता है…अच्छे बुरे के लिए भगवान को जिम्मेदार ठहराता है..ये वाला युवा हर चीज के लिए भगवान को उत्तरदायी मानता है..इसीलिए भाजपा इस वाले युवा के ऊपर फूल बरसाती है…और जंतर-मंतर वाले युवा पर बंदूकों से पैलेट दागती है..आंसू गैर के गोले दागती है..PRAGYA KA PANNA पर पूरी रिपोर्ट- कुछ देर में... https://t.co/HtlvGZ0lKk
🌹🌿 *It happens with children, that you tell them be Silent....Osho* 🌿🌹
In a better world, we can learn from children, but you are in such a hurry to teach them...
सरकार कह रही है कि देश में LPG की पर्याप्त मात्रा है…
फिर भी आम आदमी को सिलेंडर के लिए इतना इंतज़ार क्यों?
समस्या कमी की है या व्यवस्था की? 🤔
#LPGGasShortage#ModiGovernment
सरकार कह रही है कि देश में LPG की पर्याप्त मात्रा है…
फिर भी आम आदमी को सिलेंडर के लिए इतना इंतज़ार क्यों?
समस्या कमी की है या व्यवस्था की? 🤔
#LPGGasShortage#Bharatsarkar
इंटरनेशनल प्रेशर पैदा करने की ताकत आज हिंदुस्तान में है! 100 करोड़ का देश है. पूरी दुनिया पर हम प्रेशर पैदा कर सकते हैं.”
~ मोदी जी
#NarendraModi#IranIsraelWar
अरावली पहाड़ियों को जेसीबी मशीन के ऑपरेटरों ने पहाड़ उखाड़ने से मना कर दिया है, ऑपरेटरों में एकता हो रही है और कहा जा रहा है कोई भी नहीं जायेगा।।
अरावली बचाओ अभियान अब पूरे देश में फैल चुका है, कैसे भी करके अरावली को बचाना ही होगा।।
पहले कोटद्वार से दिउसा हमारे गांव के लिए दो बस जाया करती थी जो हमारे लोगों की मूलभूत सुविधा में से एक है और अब एक भी बस नहीं सरकार का कहना है यात्री नहीं हैइसमें नुकसान होता है डीजल का खर्चा भी नहीं निकलताऔर हमारी सरकारे अपनी ब्रांडिग के लिए लाखों करोड़ खर्च करती ये कहा तक सही है
जौनसार बावर क्षेत्र के गांव प्रतिनिधियों ने सर्वसम्मति से ये नियम बनाए हैं, ताकि शादी-विवाह फिर से सांस्कृतिक जड़ों की ओर लौट सकें और परिवारों पर आर्थिक बोझ न पड़े। नियम तोड़ने वाले को ग्राम पंचायत 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाएगी।
उत्तराखंड के चकराता क्षेत्र में करीब दो दर्जन गांवों ने सामूहिक रूप से शादियों में फास्ट फूड, महंगे तोहफे और दिखावे वाली रस्मों पर पूरी तरह रोक लगा दी है। इसका मकसद बढ़ते सामाजिक दबाव को कम करना और पुरानी परंपराओं को फिर से जीवित करना है।