Life time Golden words in a recent meeting from PM Sri @narendramodi for Karyakartas like me …
True Organisation is the one where “ worshipping of virtues ” is the norm .
A good organiser is the one who is “ worshiper of virtues ” .
@Profdilipmandal@DDNewslive हम तो ठहरे बौद्ध।अहिंसक व समन्वय के पुरोधा इसलिये, *मध्यम मार्ग*हमारा जरिया।दिलीप मंडल जी को अब हुये साक्षात्कार के लिये वे साधुवाद के पात्र है।इस साक्षात्कार के पीछे के राज से देश का आंबेडकरी अवगत होना चाहता है।
@Bahujan4India राजनीतिक आजादी की 80 वी वर्षगाँठ।बाबासाहब व उनके अनुयायियों के प्रति इतनी घृणा?साथियों!बाबासाहब विरोधी, ऐसे देशद्रोहियों के खिलाफ इंतकाम की चिनगारी जलाने,एक शहिद *माता दिन भंगी* ही काफी होता है।यह देश हम देशभक्तों का है,फिर देशद्रोहीयों को देश छोडना ही होगा।
@v_shrivsatish "छोट- बडो सब सम बसै,रैदास रहे प्रसन्न"संत शिरोमणि गुरु रविदास जी के 600-650 वर्ष पूर्व के ध्येय को स्वतंत्रता की 80 वी वर्षगाँठ मे साधने के लिये देश मे,'छोट- बडो सब सम बसै' इस मानसिकता को अपनी सर्वोच्च चरम सीमा तक विकसित करने हेतू देश की व्यवस्था को पूर्ण रूपसे चलो हम विकसित करे.
@AmitGorkhe लोकसंख्येनुसार13% आरक्षणाचे विभाजन करूनच टाका।आरक्षण व समाज चळवळीचा इतिहास माहित नसला कि,व्यक्तीगत लालसेने हवेतून हवेत उड्डानाच्या प्रयत्नात समाज पायदळी तुडवितात.स्वाभिमानाशिवाय गुलामाकडून उन्नतीच्या बाता ठोकल्या जातात.बिनपदाने सामाजिक अत्याचाराबाबत ब्र ही ऐकला नाही,ते थापाडे
@AmitGorkhe अमित जी, तुमच्या मांडणीशी मी अंशता सहमत आहे. लोकसंख्येप्रमाणे 13% आरक्षणाचे विभाजन करूनच टाका. कारण समाजाच्या चळवळी शिवाय पदे मिळाली की असंच होतय.समाजाच्या आई बहिणींवर होणाऱ्या अत्याचाराबाबत मुग गिळून बसणाऱ्या गुलामाकडून अजून काय अपेक्षा करावी. स्वाभिमाना शिवाय कसली उन्नती?
@AmitGorkhe मा. अमित जी, 'समान संधी' चा उलघडा झाला तर बरं होईल. 2011च्या जनगणनेनुसार मातंग, महार/ बौध्द , चर्मकार बांधवांची एकूण संख्या उपलब्ध आहे. त्या संख्येच्या प्रमाणात आरक्षणाची वाटणी होईल, याची हमी मिळाली कि,प्रश्नच सुटतो. 13.5% बौध्दांचा वाटा 7% च्या वर होतो।
भाई , जमिनी हकीकत दिखाना ,ठिक है। लेकिन जाती पूछकर वोट की बात करना, मतलब ,Pre Pole सर्वेक्षण के बराबर है। ताकि, राजनेता ल पार्टी ये ठिक से नियोजन कर सके कि, कहाँ घी के दिये लगाना है और कहाँ तेल के दिये।
अनिल का दर्द देखकर लग रहा है
जैसे किसी ने चित्रा जी का सत्य का माइक
अनिल की OBC की दुकान में ही
घुसा दिया हो!
भाई, चित्रा जी मैदान में जाकर ज़मीनी
हकीकत ही तो दिखा रही हैं,
अब तुम्हें तकलीफ़ इसलिए हो रही है
क्योंकि, वो RJD या कांग्रेसी गुलामों की
भाँड़ मंडली का हिस्सा नहीं हैं!🤣🤣
अनिल, जहाँ-जहाँ @chitraaum जी
जाती हैं वहाँ जनता बोलती है...
दीदी आओ, अबकी बार फिर मोदी सरकार!
लेकिन, अनिल यादव जैसे टुकड़खोर
Twitter पर बैठकर जात और बस्ती में
आग लगाने की कोशिश करते हैं।
भाई, चिंता मत कर!
जिस दिन जनता तुम्हारे जैसे मुफ़्तखोरों से
सवाल पूछना शुरू कर देगी,
तब अनिल नाम की ट्विटर ID भी
रिटायर होकर नया डाटा एंट्री जॉब ढूँढेगा!
'सबका साथ- सबका विश्वास- सबका विकास'
की ओर एक सकारात्मक व प्रभावी पहल
जाति निहाय जनगणना।
ओबीसी बंधुओ की तर्ज पर,
घुमंतु व अर्ध घुमंतु बंधुओं के लिये भी रहे,
स्वतंत्र कालम का प्रावधान
@AmitGorkhe मा.अमितजी,अश्या नव्हे तर यापेक्षा ही अधिक धक्कादायक व ह्रदयद्रावक घटना आपल्या देशात घडत असतात,अनेक बाया बापड्या तडफडून-तडफडुन प्राण सोडतात.पण हि वास्तविकता आपणास आपल्या स्विय सहायकाच्या कुटुंबावर घडलेल्या प्रसंगामुळे अनुभवास आली.रुग्णसेवेचा बुरखा ओडून बसलेल्यांचा पर्दाफास झाला.
साथियों, जयभिम!
वर्तमान में, जब किसी भी आंदोलन मे, फलाना - ढिकाना आगे बढो, हम आपके साथ है '
के नारे गुँजने लगे तो, समज लो कि,
अब आंदोलन के साथ कोई नही।
परिणाम: नेता, अर्श पर कार्यकर्ता फर्श पर
और आंदोलन स्मशान मे।
@NCSC_GoI@AmitShah@ikishormakwana समस्या व समाधान हेतू आयोग की सही पहल के लिये धन्यवाद। पहल फलदायी हो तथा
आयोग, जनमत के भावानुसार, आयोग सरकार के समक्ष उचित प्रस्ताव करते रहेगी, यही अपेक्षा।
@Mayawati ऐसे में, मा. प्रकाश आंबेडकर अपनी पत्नी और बेटे को, मा. जोगेंद्र कवाड़े अपने पुत्र को और आपने अपरिपक़्व भतीजे मा. आकाश आनंद को प्रथम अपना उत्तराधिकारी घोषित कर, आप महानुभाव लोकतंत्र का ढोल कैसे पिठ सकते है ।
अपना उत्तराधिकारी घोषित करना यह लोकशाही का नहीं तो, बादशाही का रिवाज है
@Mayawati बाबासाहब, सारे विश्व में लोकतंत्र के आदर्श। इसलिए, बाबासाहब ने अपने बेटे तथा मा. प्रकाश आंबेडकर जी के पिताजी मा. यशवंतराव आंबेडकर जी को अपना राजकीय उत्तराधिकारी घोषित नहीं किया। इतना ही नहीं तो, बाबासाहब ने अपने इस बेटे को अपने निजी संपत्ति का उत्तराधिकारी भी घोषित करने से नकारा