नोएडा की “स्मार्ट सिटी” में पुश्ता पार की जनता बिजली-पानी के लिए भूख हड़ताल पर बैठी है और सांसद, विधायक व प्रशासन मौन हैं। कल अनशन के दौरान कोई अनहोनी होती है तो उसकी सीधी जिम्मेदारी किसकी होगी? जवाबदेही तय कौन करेगा? जनता सिर्फ वोट बैंक नहीं है—उसके जीवन और बुनियादी अधिकारों की
➡️ नोएडा: डूब क्षेत्र में बिजली-पानी की मांग को लेकर हजारों लोग सड़क पर उतरे, भारी पुलिस बल तैनात।
➡️ भारतीय किसान परिषद अध्यक्ष सुखबीर खलीफा के नेतृत्व में पृथला गांव के पास प्रदर्शन।
➡️ एडीसीपी मनीषा सिंह ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों क�� समझाने की कोशिश की।
➡️ सड़क पर प्रदर्शन से भीषण जाम लगा, किसान नेता बोले—लिखित आश्वासन मिलने तक धरना जारी रहेगा।
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निरंतर शिकायतें, फिर भी कार्रवाई नहीं—सवाल तो बनता है!
#चोटपुर कॉलोनी में कथित बिजली माफिया, अवैध वसूली और भ्रष्टाचार को लेकर लंबे समय से लगातार शिकायतें की जा रही हैं। दावा है कि ट्विटर, सोशल मीडिया, ज्ञापन, जनहित याचिका और जिला न्यायालय समेत विभिन्न ��ाध्यमों से करीब 20,000 शिकायतें अधिकारियों और संबंधित विभागों तक पहुंचाई गईं।
इसके बावजूद यदि कार्रवाई नहीं हुई, तो सवाल सीधा है—आखिर कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
क्या मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी की Zero Tolerance Policy के दायरे में यह कथित भ्रष्टाचार नहीं आता? क्या नोएडा को माफिया-मुक्त अभियान से अलग समझा जा रहा है?
सबसे ��ंभीर आरोप यह है कि बिजली विभाग के कुछ अधिकारियों/कर्मचारियों पर कथित रूप से एक व्यक्ति को संरक्षण देने और शिकायतकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई कराने के आरोप लगाए जा रहे हैं। इन आरोपों की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच होना जरूरी है।
यदि शिकायतकर्ता द्वारा राजस्व चोरी, अवैध वसूली और कथित बिजली सिंडिकेट से संबंधित इतने गंभीर तथ्य लगातार सामने रखे गए हैं, तो शिकायतकर्ता को दबाने या उसके खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय पूरे नेटवर्क की जांच क्यों नहीं की जाती?
योगी जी से सीधी अपील
माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से मांग है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष SIT जांच कराई जाए और आवश्यकता होने पर CBI जैसी स्वतंत्र एजेंसी से भी जांच कराई जाए, ताकि दोषी बच न सके और कोई निर्दोष व्यक्ति फंसाया भी न जाए।
यह मामला केवल बिजली का नहीं है। आरोप है कि सरकारी राजस्व की ��ोरी और भ्रष्टाचार के खिलाफ एक व्यक्ति लंबे समय से अपनी जान की परवाह किए बिना आवाज उठा रहा है। उसके परिवार में व्यक्तिगत क्षति होने के बावजूद संघर्ष जारी है और सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई गई है।
सवाल यह है—
क्या किसी व्यक्ति को तब सुरक्षा मिलेगी, जब उसके साथ कोई अनहोनी हो जाएगी?
या फिर सरकार उससे पहले उसकी सुरक्षा और शिकायतों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करेगी?
भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले को अपराधी बनाने के बजाय, उन आरोपों की जांच होनी चाहिए जिनके खिलाफ वह लगातार शिकायत कर रहा है।
अब समय आ गया है कि पूरे मामले की बड़े पैमाने पर, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच हो और दोषी पाए जाने वालों पर कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाए।
चोटपुर की जनता जवाब चाहती है—इतनी शिकायतों के बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं?
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यह हादसा नहीं, व्यवस्था की विफलता से हुई एक मौत है।
श्याम वाटिका ��ॉलोनी के निवासी गोस्वामी जी अपने घर में बिजली की व्यवस्था करने के प्रयास में कल सुबह लगभग 6:30 बजे दुर्घटनाग्रस्त होकर गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें पहले सेक्टर-39 अस्पताल ले जाया गया, जहां से उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए सफदरजंग अस्पताल रेफर किया गया। दुखद रूप से दोपहर लगभग 11:30 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। अभी तक परिजनों को पोस्टमार्टम के बाद शव भी प्राप्त नहीं हुआ है।
सबसे बड़ा प्रश्��� यह है कि आखिर कब तक लोग अपने घरों को रोशन करने की कोशिश में अपनी जान गंवाते रहेंगे? वर्षों से मूलभूत सुविधा के रूप में बिजली कनेक्शन की मांग कर रहे नागरिकों को आखिर कब न्याय मिलेगा?
एक व्यक्ति अपने परिवार के लिए उजाला लाने निकला था, लेकिन उसकी अपनी जिंदगी का चिराग बुझ गया। यह केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि उन सभी ग��ीब और वंचित लोगों की पीड़ा है जो आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
क्या गरीब की जिंदगी का कोई मूल्य नहीं है? क्या शासन-प्रशासन तब जागेगा जब ऐसी घटनाएं किसी अधिकारी, कर्मचारी या प्रभावशाली व्यक्ति के घर में होंगी?
नोएडा जैसे महानगर में यदि नागरिकों को बिजली जैसी बुनियादी सुविधा के लिए अपनी जान जोखिम में डालनी पड़े, तो यह केवल एक दुर्घटना नहीं कही जा सकती। जिम्मेदारियों से लगा��ार मुंह मोड़ने वाली व्यवस्था को इस मौत का जवाब देना होगा।
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The establishment of the HCL-Foxconn semiconductor facility in Uttar Pradesh is a step towards technological self-reliance. It will boost India’s presence in the global chip ecosystem.
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मैं क्षेत्र की कुछ महत्वपूर्ण समस्याओं को सदन के माध्यम से पुनः उठाना चाहता हूँ। पूर्व में भी मैंने समय-समय पर मा० मुख्यमंत्री श्री @myogiadityanath जी से किसानों की समस्याओं के समाधान हेतु आग्रह किया, जिस पर उन्होंने संवेदनशीलता दिखाते हुए हाई पावर कमेटी का गठन किया, इसके लिए मैं उनका आभार व्यक्त करता हूँ।
मेरा आग्रह है कि कमेटी द्वारा प्रस्तुत सिफारिशों को शीघ्र लागू किया जाए, ताकि अन्य दलों की सरकारों से लंबित किसानों की समस्याओं का स्थायी समाधान हो सके।
@pahalvansukhbir एक खलीफा खड़ा है मैदान में लोगो के दर्द से नोएडा पुश्ता पार कॉलोनी के लाखों लोगों के लिए यह जनांदोलन निश्चित सुखबीर खलीफा जी को गिरने नहीं देगा लोग अपना हक़ ले कर रहेगे खलीफा साथ है तो क्या बात है दर्द से आधी में तूफान है खलीफा सबके लिए है सबके साथ है।।