पैग़म्बर मुहम्मद ﷺ ने फ़रमाया
जब लोग किसी पर अत्याचार होते देखें और ज़ालिम का हाथ न पकड़ें तो शीघ्र ही अल्लाह उस क़ौम के सभी लोगों को अपने प्रकोप में घेर लेगा । (अबू दाऊद)
CJP प्रोटेस्ट के समर्थन में व्हाट्सएप्प ग्रुप बनाने के आरोप में तीन मुस्लिम युवकों को गिरफ्तार कर लिया गया, मामला असम के लखीमपुर का है। गिरफ्तार युवकों के नाम असराफ़ुल इस्लाम, मंज़ूर रहमान और अब्दुल कासेम हैं। इन मुस्लिम युवकों पर आरोप है कि वे छात्रों के आंदोलन के समर्थन में एक शांतिपूर्ण प्रदर्शन आयोजित करने की कोशिश कर रहे थे। चलो मान लेते हैं कि ये प्रोटेस्ट कि तैयारी भी कर रहे हों तो अब सवाल ये उठता है कि अगर किसी ने हिंसा नहीं की, कानून नहीं तोड़ा, और सिर्फ़ लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने की तैयारी की, तो क्या उसे गिरफ्तार कर के जेल भेज देना न्याय है?
📍रामपुर, उत्तर प्रदेश
मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी को बचाने के लिए सिख समुदाय भी सड़क पर उतर आया।
मुश्किल वक्त में साथ खड़े होने वाली यह जिंदादिल कौम वाकई काबिल-ए-तारीफ़ है। ❤️
#MohammadAliJauharUniversity
पेपर लीक और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर जंतर-मंतर पर चले आंदोलन में शामिल लोगों की खिदमत करने वाले मोहम्मद जुनैद के गाजियाबाद स्थित घर पर पुलिस द्वारा छापा मारने और उनके पिता व छोटे भाई को हिरासत में लेने की खबर सामने आई है।
यूपी पुलिस की कार्रवाई पर मोहम्मद जुनैद ने कहा, शाम में मेरे घर पर पुलिस आई। मेरे पिता को उठाकर ले गई। वहीं, मेरठ में मेरी बहन रहती है। वहां उनके ससुर और उनके देवर को भी उठा लिया गया है।
जुनैद का दावा है, मेरे भाई-बहन समेत सभी की पासबुक और आधार कार्ड जब्त कर लिए गए हैं। पुलिस का कहना है कि मुझे (जुनैद) लाकर दो, तो उन्हें छोड़ देंगे।
पुलिस की इस कार्रवाई पर जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ (JNUSU) के संयुक्त सचिव दानिश अली ने जानकारी देते हुए सवाल उठाए।
छात्रों ने जंतर-मंतर पर एक बैनर लगाया जिस पर लिखा था:
“मीडिया भारत का सबसे बड़ा दुश्मन है, जो आतंकवादी से भी ज़्यादा खतरनाक है!”
उन्होंने विरोध स्थल पर 'गोदी मीडिया' के प्रवेश पर भी रोक लगा दी है और दीवार पर सुधीर, अमीश, अंजना, चित्रा और अर्णब की तस्वीरें चिपका दी हैं।
जंतर मंतर पर प्रोटेस्ट में शामिल लोगों को फ्री में खाना खिलाने वाले जुनैद भाई को इस नेक काम की सजा मिलना तो लाजिम था
यूपी पुलिस उनके घर जाती है उनके वालिद और उनके नाबालिग भाई को उठा ले जाती है। उनका पासपोर्ट और आधार कार्ड जप्त कर लेती है।
यूपी पुलिस हमसे कहती है कि "तुम दिल्ली से यूपी वापस आओ"
हद तो यह हो गई की जुनैद भाई की बहन की शादी जहां हुई थी यूपी पुलिस वहां पहुंचकर उनकी बहन के ससुर और देवर को भी उठा ले जाती।
आज़म खान से आपकी व्यक्तिगत लड़ाई हो सकती है, लेकिन 3,000 छात्रों के भविष्य से नहीं! नक्शा नहीं है तो फाइन ले लो, पर जौहर यूनिवर्सिटी तोड़ी तो यूपी की सड़कें सूनी नहीं रहेंगी।" – नगीना सांसद चंद्रशेखर आज़ाद @BhimArmyChief की सरकार को दोटूक चेतावनी। 🔥 👇 @priyanshu__63
धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे ने इतिहास रच दिया है . Gen Z ने मोदी को घुटनों के बल झुका दिया है .
इसके साथ ही सरकार को हमेशा कवर फायर देने न्यूज चैनलों का भी मुंह काला हुआ है .
बेशर्मी का लबादा ओढ़कर दिन रात मोदी की सत्ता की चाटुकारिता करने एडिटर, ऐंकर और रिपोर्टर इस प्रोटेस्ट के फ्लॉप होने का इंतज़ार कर रहे थे , इसे बदनाम करने की मुहिम में जुटे थे , वो सब आज सोने से पहले आईना में अपना चेहरा जरूर देखें
युवाओं के आंदोलन के बीच जंतर-मंतर पहुंचे इलाहाबाद विश्विद्यालय के छात्र नेता ने जौहर यूनिवर्सिटी को बचाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि एक आक्रांता ने नालंदा विश्विद्यालय जलाया था, और एक ये सरकार है जो जौहर यूनिवर्सिटी को गिराने पर आमादा है। उन्होंने कहा कि यह सरकार स्वाधीनता आंदोलन में मौलाना जौहर के किरदार को नहीं जानती, इसे बस यही चिड़ है कि ये यूनिवर्सिटी आज़म खाम ने बनाई और महान स्वतंत्रता सेनानी के नाम पर बनाई।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष अभिजीत दिपके ने कहा, "डरने की कोई ज़रूरत नहीं है। यह लोकतंत्र है। उन्होंने इस्तीफा दे दिया है, लेकिन हमारी दो और मांगें हैं...धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है लेकिन जिन बच्चों ने सुसाइड किया है, उनके परिवारों को एक करोड़ रुपए का मुआवज़ा मिलना चाहिए...