@ManojTiwariMP@mudit_aggarwal@Sharmistha_GK@ajaymaken आज मेरे ghar मेरे रिलेटिव आए और उनकी gadi रोड पर फँस गई उन्होंने मुझसे पूछा ये क्या हो रहा है तुम्हारे यहाँ उन्होंने कहा कि यहाँ ke सांसद kaun हैं मैंने कहा Tiwari जी उन्होंने कहा यह वही jo रंगारंग program में रहते हैं
Over two days, we held detailed discussions with AICC UP In-Charge Sh. Rajendra Pal Gautam, PCC President Sh. Ajay Rai ji, CLP Leader Smt. Aradhana Mishra ji, Secretaries, and AICC Observers, to finalise the new DCC Presidents for UP.
In the run up to the upcoming Assembly Elections, we are gearing up to revamp our organisation to further consolidate the Opposition’s position in UP.
As was seen in 2024, the people of UP have decided to throw out the BJP and the Congress will play a critical role in ensuring their defeat.
भाजपा और 'वोट चोरी आयोग' के तरीके बदलते रहते हैं, और बदलते रहेंगे - मकसद बस एक ही है: किसी भी क़ीमत पर BJP की जीत, और भारत के लोकतंत्र का अंत।
महाराष्ट्र 2024 - लोकसभा और विधानसभा चुनाव के बीच अचानक 39 लाख नए वोटर जुड़ गए। मैंने तब भी कहा था, आज भी कहता हूँ: यह वोट चोरी थी।
बंगाल 2026 - SIR में जिन नामों को काटा गया, उनमें से 91% नाम अपील के बाद वापस जोड़ने पड़े। यानी हर 10 में से 9 नाम गलत तरीके से काटे गए, और नाम चुनाव के बाद ही जोड़े गए। मैंने तब भी कहा था, आज भी कहता हूँ: यह वोट चोरी थी।
और अब महाराष्ट्र में 2.07 करोड़ मतदाताओं को ड्राफ्ट लिस्ट से बाहर कर दिया गया है - यानी हर पांचवां वोटर।
लोक सभा 2024: 9.29 करोड़
विधान सभा 2024: 9.7 करोड़
SIR 2026: 7.78 करोड़
कौन सी लिस्ट सही थी?
वोट चोरी से बनी सरकार के लिए जनता ज़रूरी नहीं है - यही कारण है कि ये BJP न जनता की सुनती है, न उनका आदेश मानती है।
दिल्ली NCR महिलाओं के लिए इतना असुरक्षित हो चुका है कि एक नाबालिग बच्ची के साथ एक स्लीपर बस में 47 किलोमीटर तक गैंगरेप हुआ - ग्रेटर नोएडा से दिल्ली तक।
हैरानी की बात है कि पूरी दिल्ली या नोएडा पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। यह बस नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे, दिल्ली का रिंग रोड, बॉर्डर - सब पार कर गई, बिना एक भी चेकपोस्ट पर रोके गए।
बस की सीटों पर पर्दे लगे थे, ताकि अंदर क्या हो रहा है कोई देख न सके। और अपराधियों में प्रशासन का कोई डर भी नहीं।
निर्भया के बाद इतने सालों में, इतनी घटनाओं के बाद भी ऐसी बसों की जाँच और निगरानी के नियमों का पालन क्यों नहीं हो रहा?
पर्दे सिर्फ़ उस बस में नहीं डाले गए थे - साल दर साल सरकार द्वारा प्रशासन की नाकामियों पर डाले गए पर्दों का नतीजा है कि देश की राजधानी में भी महिलाएं एक सुरक्षित सफर नहीं कर सकतीं।
और कितनी महिलाओं और बच्चियों के साथ ऐसा होना बाक़ी है, तब जाकर केंद्र और राज्य सरकारें इस व्यवस्था को ठीक करेंगी?
क्या अमित शाह के अधीन दिल्ली पुलिस और आदित्यनाथ के अधीन UP पुलिस की जवाबदेही तय की जाएगी? कोई गुंजाइश ही नहीं - इस अपराध पर भी एक पर्दा डाल दिया जाएगा।
दिल्ली की हवा हर रोज़ सरकार की नाकामी का हिसाब माँग रही है।
दिल्ली की साँस का आज का हिसाब 🚨
Anand Vihar में AQI 443, ‘गंभीर’ श्रेणी।
आँकड़ों की अवधि: 29 अगस्त सुबह 10 बजे से 30 अगस्त सुबह 10 बजे तक, यानी 24 घंटे का औसत, CPCB स्टेशन आँकड़ों पर। (CPCB का शाम 4 बजे वाला बुलेटिन अलग अवधि का है।)
तुलना पिछले साल के 15 दिनों के औसत से है, 23 अगस्त से 6 सितंबर 2025 तक, किसी एक दिन से नहीं। आज के 43 स्टेशनों में से 35 पिछले साल भी चालू थे, इसलिए दोनों साल के औसत इन्हीं 35 स्टेशनों के हैं।
• शहर AQI 129, जबकि WHO मानक AQI 25 है (population weighted 137)
• सबसे ख़राब: Anand Vihar 443, ‘गंभीर’, PM10
इस हवा में बच्चों, बुज़ुर्गों और साँस व दिल के मरीज़ों की तकलीफ़ बढ़ सकती है।
सरकार से माँग: PM10 के स्रोतों (निर्माण व सड़क-धूल) पर तुरंत कार्रवाई; Anand Vihar जैसे इलाक़ों में स्थानीय कदम; CAQM और DPCC की जवाबदेही तय हो, निष्क्रियता पर कार्रवाई हो।
साँस लेना मौलिक अधिकार है, सुविधा नहीं।
#DelhiAQI #AirQuality #CPCB #वायुप्रदूषण #दिल्ली
आज सुबह तेरह लाख साठ हज़ार लोग जिस चार किलोमीटर के भीतर उठे, वहाँ Anand Vihar का मॉनिटर 375 दिखा रहा था। सरकार के अपने बोर्ड की भाषा में यह हवा ‘बहुत ख़राब’ है, और उसी बोर्ड ने लिखा है कि लंबे समय तक इसमें रहने पर साँस की बीमारी हो सकती है।
और जिसे ‘मध्यम’ कहा जाता है, उस हवा पर भी उसी बोर्ड की चेतावनी है कि बच्चों, बुज़ुर्गों और दिल-फेफड़े के मरीज़ों को साँस की तकलीफ़ होगी। वह हवा आज दिल्ली के 81 प्रतिशत लोगों तक पहुँची।
हवा सरकार नापती है, और इसे रोकना भी सरकार को ही है।
सरकार से तीन माँगें:
1. निर्माण-धूल और सड़क-धूल पर आज ही सख़्ती।
2. Wazirpur के स्थानीय स्रोतों पर तुरंत कार्रवाई और स्वास्थ्य-चेतावनी।
3. AQI लक्ष्य WHO मानकों तक कड़े हों।
एक साल बीत गया। आज 36 में से 35 स्टेशन पिछले साल से ऊपर दर्ज हुए, नीचे सिर्फ़ एक।
साँस लेना मौलिक अधिकार है, सुविधा नहीं।
आज का पूरा हिसाब: https://t.co/o05GCfErKr
#हवाकाहिसाब #दिल्लीकीहवा #AnandVihar #DelhiAirQuality #साँसकाअधिकार
मुख्यमंत्री @Dev_Fadnavis जी,
महाराष्ट्र के अनेक आदिवासी छात्र 10 दिनों से अधिक से अपने अधिकारों के लिए भूख हड़ताल पर हैं।
पुणे में 'छात्रों की गूंज' के दौरान छात्राओं ने बताया कि छात्रावासों में 30 वर्ष की अनावश्यक उम्र सीमा, अपमानजनक नियम, असुरक्षित सुविधाएं और महिलाओं के लिए गर्भावस्था जांच जैसे अमानवीय प्रावधान लागू हैं।
सुदूर गांवों-कस्बों से आने वाले ये छात्र कोई दान नहीं, अपना अधिकार मांग रहे हैं। अपेक्षा है कि आप उनसे व्यक्तिगत रूप से मिलकर उनकी समस्याओं का तत्काल समाधान करेंगे।
Women are the strength of India - its foundation, its present, and its future.
You belong to no one but yourself.
Be loud. Be proud. Fight for your space.
Smash the patriarchy!
#ChhatronKiGoonj
आज साहिल लोचब के साथ, उनके साथ हुई पुलिस बर्बरता के खिलाफ FIR दर्ज कराने संसद मार्ग के DCP कार्यालय पहुँचा।
20 जुलाई को जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे साहिल पर पुलिस ने पैलेट गन से हमला किया। छर्रों से बुरी तरह घायल साहिल की एक आँख की रौशनी खतरे में है।
शांतिपूर्ण प्रदर्शन के खिलाफ ऐसी बर्बरता कोई कानूनी कार्रवाई नहीं, एक गंभीर अपराध है। इस क्रूरता के लिए न गृह मंत्री अमित शाह ने छात्रों को कोई सफाई दी, न प्रधानमंत्री ने उनसे माफ़ी मांगी।
अब जब साहिल न्याय के लिए FIR दर्ज कराना चाहता है तो वो भी नहीं करने दिया जा रहा। इस तरह संविधान और संवैधानिक अधिकारों को कुचला जा रहा है।
@AmitShah जी, न्याय से इतना क्यों घबरा रहे हैं? ये डर दिखा रहा है कि आप अपना अपराध कबूल कर रहे हैं।
FIR होगी। न्यायिक जाँच होगी। और ऊपर से नीचे तक जो भी इस बर्बरता के दोषी हैं, उन सभी पर कार्रवाई होगी।
साहिल और उसके जैसे पीड़ित हर छात्र को न्याय दिलाकर रहेंगे।
आज की हवा, आज का हिसाब 🚨
औसत AQI 110 पर शहर, और WHO मानक AQI 25 यानी PM2.5 का 15 μg/m³।
आँकड़ों की अवधि: 18 अगस्त सुबह 10 बजे से 19 अगस्त सुबह 10 बजे तक, यानी 24 घंटे का औसत, CPCB स्टेशन आँकड़ों पर। (CPCB का शाम 4 बजे वाला बुलेटिन अलग अवधि का है।)
• शहर AQI 110, जबकि WHO मानक AQI 25 है (population weighted 111)
• सबसे ख़राब: Wazirpur, मौसम हटाने पर AQI 130 (PM10 का इलाक़ा)
हम सरकार से माँगते हैं, carbon monoxide पर तुरंत कार्रवाई; Wazirpur जैसे इलाक़ों में स्थानीय कदम; हर स्टेशन का real-time AQI और जवाबदेही।
साँस लेना मौलिक अधिकार है, सुविधा नहीं।
#DelhiAQI #AirQuality #CPCB #वायुप्रदूषण #दिल्ली
केन-बेतवा परियोजना के खिलाफ सत्याग्रह कर रहे आदिवासी भाई-बहनों की समस्याएं, मांगें, संघर्ष और आपबीती - उनकी जुबानी।
सालों से सिर्फ़ अपने अधिकारों के लिए अन्याय और अत्याचार सह रहे ये बुंदेलखंड निवासी सम्मान और समर्थन के हक़दार हैं।
आदिवासी भाई-बहनों की इस लड़ाई में, मैं और कांग्रेस उनके साथ हैं।
मोदी सरकार के मंत्री कह रहे हैं कि “दिल्ली पुलिस की तारीफ करनी चाहिए।”
संसद से आधा किलोमीटर दूर, शांतिपूर्ण छात्रों पर पैलेट गन चली, कील लगी लाठियाँ चलीं, एक बच्चे की आँख चली गई, एक बच्ची का कान कट गया। इस बर्बरता की तारीफ करनी चाहिए?
मैं ख़ुद उन घायल बच्चों से मिला हूँ। हज़ारों वीडियो देश ने देखे हैं।
इस सरकार का मूल मंत्र ही असत्य और हिंसा है। पहले बच्चों पर लाठी चलाओ, फिर बोल दो कि कुछ हुआ ही नहीं।
पूरे सत्र “लापता” अमित शाह विपक्ष से भागते रहे। और प्रधानमंत्री ने आज तक छात्रों से माफ़ी नहीं माँगी।
सच्चाई यह है कि इस देश के लिए सबसे बड़ा ख़तरा यही दिमाग से खाली लोग हैं - जिन्हें न अपनी ग़लती दिखती है, और दिखने पर मानते नहीं।
देश के बच्चों से झूठ मत बोलिए। उनके पास आँखें हैं और याददाश्त भी।
Congratulations to @ndtv on the new identity, and best wishes to the entire team.
A name can change. A legacy must not.
For over three decades NDTV built its trust on something simple: the willingness to ask uncomfortable questions of whoever holds power, and to report the country as it actually is, not as the powerful would like it described.
That legacy belongs to the farmer, the daily wage worker, the student, the Dalit and Adivasi household, the minority family. To everyone whose life is decided by decisions they were never consulted on.
In a democracy, fairness is not equal airtime for the powerful and the powerless. It is holding the government of the day to account, and giving the Opposition the space that a functioning democracy demands. Anything less is stenography, not journalism.
And it can only be done free of pressure, from the government and from vested interests alike.
News really matters when it speaks for those who have no other voice. I hope the new NDTV carries that forward.
#WhenItReallyMatters
आज चाँदनी चौक ब्लॉक कांग्रेस कमेटी द्वारा आयोजित भव्य ध्वजारोहण कार्यक्रम में शामिल होने का सौभाग्य मिला।
देश की आन-बान-शान तिरंगे को नमन कर देश सेवा का संकल्प दोहराया।
शानदार आयोजन के लिए अध्यक्ष मनोज गुप्ता जी और ब्लॉक अध्यक्ष गुलफाम कुरैशी जी का धन्यवाद।
MCD प्रत्याशी अजय जैन जी, मंडल अध्यक्ष धर्मपाल वाल्मीकि जी व नरेंद्र पाल जी भी उपस्थित रहे। 🇮🇳✋#FlagHoisting #ChandniChowk #Congress
चाँदनी चौक विधानसभा के सराय फूस में समाजसेवी मनीष प्रजापति जी द्वारा आयोजित भव्य ध्वजारोहण कार्यक्रम में सम्मिलित हुआ।
स्थानीय जनता की गरिमामयी उपस्थिति में तिरंगा फहराकर देश की एकता, अखंडता और जनसेवा का संकल्प लिया। राष्ट्र की उन्नति और क्षेत्र का विकास ही हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
जय हिन्द! 🇮🇳#IndependenceDay #ChandniChowk
स्वतंत्रता दिवस की सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं! 🇮🇳
आज का दिन उन वीर शहीदों को नमन करने का है, जिन्होंने देश के लिए अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया।
आइए, हम सब मिलकर हमारे लोकतंत्र, संविधान और देश की एकता को और मजबूत करने का संकल्प लें।जय हिन्द! 🚩 #IndependenceDay