मैं इस स्टेटमेंट से बिल्कुल इत्तफाक नहीं रखता हूं। "जाके पाँव न फटी बिवाई, सो का जाने पीर पराई"। #UPS पूरी तरह धोखा है, इसकी मार सबसे ज्यादा छोटी सेलरी वाले उन कर्मचारियों पर पड़ रही है जिनकी सर्विस लेंथ 20 वर्ष से कम है। हजारों कर्मचारियों ने मजबूरन UPS लिया पर उनको भी आज तक पेंशन मिलनी तक शुरू नहीं हो पाई। दूसरी बात यह पेंशन नहीं बल्कि पे आउट है। सरकार पेंशन शब्द का इस्तेमाल कैसे कर सकती है, जब यह पे आउट देती है। पेंशन गारंटीड होती है और उसके लिए #डलहौजी की तरह हड़प नीति अपनाकर कर्मचारियों की जीवनभर की जमा पूंजी छीनी जा रही है। अगर सरकार को यह कदम उठाना ही था तो 01 अप्रैल 2025 से जितने OPS कर्मचारियों को वॉलंटरी रिटायरमेंट दिया है उनकी भी पेंशन बंद करे। सरकार ऐसा नहीं कर पाएगी क्योंकि वॉलंटरी रिटायरमेंट लेने वाले छोटे मोटे कर्मचारी नहीं होते बल्कि बड़े बड़े ब्यूरोक्रेट्स होते हैं और वे ही पॉलिसी बनाते हैं। इतना बड़ा अन्याय कोई सरकार कैसे कर सकती है? लाखों लोग अपना हक मांग रहे हैं, हम विकसित भारत बन रहे हैं, तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन रहे हैं और सड़कों पर कर्मचारी अपने वाजिब हक के लिए आंदोलन कर रहा है। ऐसे कैसे बनेगा मेरा देश विश्व गुरु? सरकारी नौकरियों में देश का एक ऐसा वर्ग अपना भविष्य सुरक्षित करता है जिसका और कोई ठिकाना नहीं, सरकार पेंशन छीनकर, सबसे बड़ा अन्याय कर रही है। #ManjeetSinghPatel
सैकड़ों लोगों और मीडिया कर्मियों के साथ किसी भी स्कूल में घुसकर जांच के नाम पर फोटो और वीडियोग्राफी द्वारा न केवल भय और अराजकता का माहौल तैयार किया जा रहा है बल्कि यह सीधे सीधे छोटे छोटे बच्चों की निजता और सुरक्षा भावना के साथ भी खिलवाड़ है। स्कूल में चेकिंग, इंस्पेक्शन आदि के लिए सभी पेरेंट्स, SMC, लोकल अथॉरिटीज, प्रशासन और अन्य तमाम एजेंसीज पहले से ही ऑथराइज हैं और उनका एक संवैधानिक विधिसम्मत तरीका होता है। लेकिन यह तरीका बिल्कुल जायज नहीं हो सकता। अगर किसी को जांच करनी है तो उसे संवैधानिक दायरे में रहकर करनी चाहिए। #चाइल्ड_सेफ्टीएक्ट 2016 और #पोक्सो जैसे कानून आखिर किसलिए बनाए गए हैं?
@indSupremeCourt@India_NHRC को इस मामले में अविलंब संज्ञान लेना चाहिए।
#ManjeetSinghPatel
धूम्रपान खतरनाक है.. यह आपको आपके प्रियजनों से दूर ले जाता है.. और एक दिन आपको केवल यह एहसास होता है कि
मैंने सब कुछ खो दिया.. बुरी आदतों से खुद को दूर रखें...
पति को बचाने के लिए महिला ने मगरमच्छ का वो हाल किया कि चार सौ किलो के दैत्य को धूल चटा दी, गांव वाले बोले शेरनी निकली बहू,,,
मवेशियों को पानी पिला रहे पशु पालक को चंबल नदी से मौत खींच ले गई। नदी में घाट लगाए बैठा मगरमच्छ एक ही पल में बाहर आया और उसके बाद पशु पालक का पैर दबोचा। फिर उसे गहरे पानी में खींच लिया गया। लेकिन पास ही मौजूद पशु पालक की पत्नी ने तुरंत नदी में छलांग लगा दी। मगरमच्छ के सिर पर धड़ाधड़ डंडे बरसाए और पति को मौत के जबड़े से खींच लाई। मामला करौली जिले के मंडरायल इलाके से होकर गुजरने वाली चंबल नदी का है।
पति बन्ने सिंह ने कहा- कि मैने सोच लिया था कि आज तो नहीं बचूंगा, लेकिन पत्नी ने नया जीवन दिया है।
पत्नी विमल बाई बोली, पति से बढ़कर क्या होता है, सारा डर भाग था, इन्हें बचाने के लिए अगर इनके साथ मेरी भी जान चली जाती तब भी मैं जान दे देती। पति को छुड़वाकर मैने भी दूसरा जन्म लिया है। मगरमच्छ मेरे पति को जबड़े में लेकर गहरे पानी में ले जा रहा था।
वाह भारतीय नारी तेरे भी रूप अनेक है!!
कल #8CPC के साथ आधिकारिक बैठक में सभी प्रकार के स्कूल शिक्षक समाज के लिए "एकभारत श्रेष्ठभारत" उद्देश्य हेतु निम्न सुधारों के लिए सुझाव रखे
✅ 14 CL, 30 EL, 20 Med. Leave
✅ Vice Principal पद पर दिल्ली के शिक्षकों के लिए 100% प्रमोशनल कोटा
✅ Principal पद पर विभागीय शिक्षकों के लिए 50% प्रमोशन कोटा और 25% परीक्षा कोटा
✅ Head of Subject का नया प्रमोशनल पद सृजित किया जाए जिसका ग्रेड 5400 एवं वाइस प्रिंसिपल को 6600 पर अपग्रेड किया जाय।
✅ सेवानिवृत्ति के समय DGEHS एवं CGEHS में से किसी एक स्वास्थ्य योजना का विकल्प प्रदान किया जाए ताकि रिटायरमेंट पर शिक्षक अपने गृहनगर लौट सकें और वही पर स्वास्थ्य सेवा ले सकें।
✅ शिक्षकों की सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष की जाए ताकि यूनिवर्सिटी टीचर्स के साथ साम्यता बनी रहे।
✅ पुरानी पेंशन व्यवस्था (OPS) को पुनः लागू किया जाए।
✅ सेवा के दौरान भी कैशलेस मेडिकल सेवा, और यदि केवल पुरुष नौकरी में है तो उसको भी CCL की सुविधा।
बैठक में #8CPC की माननीय चेयरपर्सन श्रीमती रंजना प्रकाश देसाई जी, प्रो. पुलक घोष जी, श्री पंकज जैन जी एवं अन्य सम्मानित सदस्यों द्वारा सभी मांगों को गंभीरता एवं सकारात्मक दृष्टिकोण से सुना गया।प्रतिनिधिमंडल में डॉ प्रदीप डागर (अध्यक्ष PSNM, विनोद कुमार यादव (प्रदेश अध्यक्ष, AINPSEF, दिल्ली), अंकुर त्रिपाठी विमुक्त प्रदेश अध्यक्ष यूपी एवं अमित कुमार पाण्डेय प्रदेश मंत्री यूपी भी उपस्थित रहे।
#ManjeetSinghPatel
आज हमने SC-ST कंपोनेंट प्लान के अंतर्गत स्थापित आम्बेडकर नगर, जालौन, कन्नौज व सहारनपुर मेडिकल कॉलेजों का विशेष दर्जा बहाल करने हेतु अध्यादेश लाने के संबंध में मुख्यमंत्री योगी जी के नाम एक पत्र लिखा।
इस मामले को लेकर हम सब पिछले एक साल से लड़ रहे हैं। आशा करते हैं कि सरकार SC-ST छात्रों की पीड़ा सुनेगी एवं इन कॉलेजों की विशेष दर्जे को बरकरार रखेगी।
@myogiadityanath@Mayawati@asim_arun
Thank you, uncle, for this wisdom.
अमीर बनो। अमीर नहीं बन सकते हो तो Attractive बनो।
अगर Attractive नहीं बन सकते, तो Intelligent बनो।
Intelligent नहीं बन सकते, तो Confident बनो।
Confident नहीं बन सकते, तो Disciplined बनो।
क्योंकि अमीर पैदा होना हमारे हाथ में नहीं है।
खूबसूरत दिखना भी हमारे हाथ में नहीं है।
हर किसी का IQ भी एक जैसा नहीं होता।
लेकिन...
सुबह समय पर उठना,
अपना वादा निभाना,
हर दिन मेहनत करना,
और बिना बहाने के लगातार आगे बढ़ना — ये सब हमारे हाथ में है।
Discipline वो आखिरी हथियार है जो हर इंसान को मिला है.
और अगर इंसान आखिरी हथियार भी इस्तेमाल न करे, तो फिर जिंदगी को बदलने का कोई option नहीं रहता.
अब ये आपके ऊपर है कि आप Discipline चुनते हैं या Excuses.
शिक्षा विभाग के दो अफसरों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगने के बाद ऑस्ट्रेलियाई शिक्षा मंत्री यवेट बेरी ने दिया इस्तीफा
ऑस्ट्रेलिया के ऑस्ट्रेलियन कैपिटल टेरिटरी (ACT) की शिक्षा मंत्री यवेट बेरी ने अपने विभाग में भ्रष्टाचार के मामले के बाद मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया।
जांच में पाया गया कि उनके विभाग के दो वरिष्ठ अधिकारियों ने एक सरकारी स्कूल के पुनर्विकास से जुड़े ठेके में अनुचित हस्तक्षेप किया और एक विशेष संगठन को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया। हालांकि, जांच आयोग ने स्पष्ट किया कि यवेट बेरी स्वयं किसी भी भ्रष्टाचार में शामिल नहीं थीं।
इसके बावजूद उन्होंने मंत्रिस्तरीय जवाबदेही के सिद्धांत का पालन करते हुए इस्तीफा दिया। उनका कहना था कि विभाग में हुई गंभीर प्रशासनिक चूक की नैतिक और राजनीतिक जिम्मेदारी मंत्री के रूप में उनकी भी है। वे विधायक के रूप में अपना कार्य जारी रखेंगी।
#EducationMinister #Australia #Resignation #TCNLive
इस वीडियो को जरूर सुना जाना चाहिए- दिल्ली हाई कोर्ट में कल वरिष्ठ वकील Gopal Sankaranarayanan ने दिल्ली पुलिस के धागे खोल दिए.
उन्होंने कहा-
पुलिस ने लाठियां चलाईं, लाठियों में कीलें लगी हुई थीं, इसकी वजह से बच्चे घायल हुए।
पुलिस वाले सिविल कपड़ों में थे. वर्दी वालों ने नेमप्लेट हटा दी.
उनके पास करंट मारने वाली इलेक्ट्रिक लाठियां थीं. प्रदर्शन में RAF और पुलिस को इसका इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं है.
एडिशनल डीसीपी संदीप लांबा ने शांत खड़ी एक छात्रा को थप्पड़ मारते हैं. उनका इस कोर्ट में नाम लिया जाना चाहिए और संदीप लांबा को इस कोर्ट में बुलाया जाना चाहिए औऱ उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए. ऐसे लोगों को पुलिस का चार्ज दिया हुआ है लोगों की रक्षा करने के लिए।
Credit-The Bar Bulletin
🚨 लोकतंत्र पर लाठी नहीं चलेगी!
छात्रों पर दिल्ली पुलिस की बर्बर कार्रवाई की सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकीलों और बार संस्थाओं ने कड़ी निंदा की है। शांतिपूर्ण विरोध संवैधानिक अधिकार है, अपराध नहीं।
"वर्दी सत्ता की नहीं, संविधान की होती है।"
आर्मी ऑफिसर के बीवी ने वर्दी का क्या धर्म ओर क्या फ़र्ज़ होता है ये खूबसूरत तरीके से समझाया
"आपके कंधों के सितारे ताकत नहीं, जिम्मेदारी का प्रतीक हैं। अशोक चिन्ह याद दिलाता है कि आपकी निष्ठा किसी सरकार से नहीं, संविधान और देश की जनता से है।
लाठी आवाज़ दबाने के लिए नहीं, कानून की रक्षा के लिए है। वर्दी का सम्मान उसके कपड़े से नहीं, उसे पहनने वाले के चरित्र से होता है।
वर्दी का धर्म: सेवा, संयम और संविधान।" 🇮🇳