@IMAjayYadav0007@Shubhamshuklamp फूलन देवी ने निर्दोष लोगो की हत्या की थी जिसमे 5 वर्ष का बच्चा भी था और भरत की उम्र 28 साल और फूलन देवी का निधन हो गया तो भाई तुलना कैसे हो सकती है
क्या 5 साल के बच्चे ने भी रेप किया होगा 🤔
बस उसकी गलती ये थी की तुम जैसे लीचड़ लोगो के लिए वो मर गया खैर आतंकवादियों का समर्थन करने वाले देश भक्त को कैसे बर्दास्त करेंगे अब हर साल तिवारी का नाम अमर हो गया तुम अपनी गा जलाते रहो 😁
फिर सरकार मे केंद्रीय मंत्री क्यों है हमें पता है की तुम्हे दर्द क्यों है कैसे एक 28 साल का जवान का नाम इतना क्यों फेल गया दूसरा नाम देखकर तेरे अंदर जातिवादी कीड़ा जाग गया कल को आपके बेटे का कोई ऐसे एन्काउंटर कर देगा तो आपका जवाब यही होना चाहिए
दलितों का एंकाउंटर हो तो “नक्सली था मारा गया”,
मुसलमान का एंकाउंटर हो तो “आतंकवादी था मारा गया”,
ऐसा कहने वाले लोग ही भरत तिवारी के एंकाउंटर पर सवाल उठा रहें हैं…
पर सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर भरत तिवारी के पास अवैध पिस्टल कहाँ से आया?
किन लोगों के शह पर इस आपराधिक वारदात पर राजनीति हो रही है?
देश संविधान से चलेगा या फिर अवैध पिस्टल की नोक से?
भरत तिवारी को कोई क्रांतिकारी नहीं था जिनका जातिवादी मानसिकता के लोग समर्थन कर रहें हैं,पुर्व में भी अपराधिक मामले को लेकर इनकी गिरफ़्तारी हो चुकी थी।
वैसे चित्रा त्रिपाठी जी जैसे कुछ लोगों के लिए ये लाईन सटीक है…
लश्कर भी तुम्हारा है सरदार तुम्हारा है,
तुम झूठ को सच लिख दो अखबार तुम्हारा है…
बिहार का युवा अब जागरूक हो चुका है, भांड और जातिवादी मीडिया के दबाब में आनेवाला नहीं ये युवा.
बिहार में अपराधियों की सफाई पर बिहार की आम जनता भी खुश है.
Good Going @bihar_police
Good Going @samrat4bjp
बात अब बहुत आगे निकल चुकी है। जिस भरत तिवारी को बिहार में कुछ लोग उसकी जाति के आधार पर समर्थन या विरोध करने की कोशिश कर रहे हैं, वह अब जाति, भाषा और क्षेत्र की सीमाओं से कहीं आगे निकल चुका है।
आज महाराष्ट्र में बैठा युवक मराठी में वीडियो बनाकर भरत तिवारी के लिए आवाज़ उठा रहा है ... "जब सुनीता नाम की एक माओवादी महिला ने आत्मसमर्पण किया, तो उसे 39 लाख का इनाम और नौकरी मिली। लेकिन एक समाजसेवी, जिसका अपना गांव गंगा में समा गया था, जिसने अपने गांव और लोगों के हित के लिए हथियार उठाए और बाद में आत्मसमर्पण किया, उसे इनाम नहीं, बल्कि गोली मिली।"
भरत तिवारी को मिलने वाला समर्थन पूरी तरह स्वाभाविक और जनभावनाओं से प्रेरित है। यह किसी राजनीतिक अभियान, जातीय समीकरण या क्षेत्रीय पहचान से जुड़ा नहीं है। जो भी व्यक्ति उसके बारे में पढ़ रहा है, उसकी कहानी जान रहा है, उसके संघर्ष को समझ रहा है, वह उसके साथ खड़ा होता दिखाई दे रहा है।
आज भरत तिवारी सिर्फ एक नाम नहीं रह गया है। वह उन लोगों के मन आवाज़ बन चुका है जो व्यवस्था से न्याय की उम्मीद रखते हैं। उसकी कहानी ने लोगों को जाति, भाषा और प्रदेश की दीवारों से ऊपर उठकर सोचने पर मजबूर कर दिया है। यही कारण है आनेवाले दिनों में भरत तिवारी के लिए उठ रही आवाज़ें सिर्फ यूपी बिहार से नहीं, बल्कि पूरे देश से सुनाई देंगी।
UP:- लखनऊ के अलीगंज इलाक़े में एक कोचिंग सेंटर और एक शॉप में भीषण आग।
करीब 14 लोगों की मौत। मरने वालों की संख्या और बढ़ सकती है।
अपनी जान बचाने के लिए कूदने के बाद कई लोग घायल हो गए हैं। बेहद दर्दनाक और भयावह…..
बात अगर - समाज पे आई तो कुशवाहा भी पीछे नहीं हटेंगे।
गोली सम्राट चौधरी ने न चलाई हैं और न ही चलवाई है‚ फ़िर तुम्हे कोई हक नहीं बनता इनको अपशब्द कहने का।
मर गया साला कटुआ ...
मर गया साला जिहादी ...
चला गया साला 72 हूंरो के पास ...
मर गर भीमटा कही का ...
जब दलितों , मुसलमानों का एनकाउंटर होता है तब खुशियां मनाई जाती है उस वक्त सभी ताली बजा रहे होते है " judicial process" किसी को याद नहीं रहता है !
आज भारत तिवारी के एनकाउंटर के बाद अचानक संविधान , कानून और न्याय सिद्धांत की बात होने लगी , उन्हीं की सरकार के खिलाफ एनकाउंटर पर सवाल होने लगे !
न्याय का सिद्धांत एक जैसा होना चाहिए़ ...
चाहे आरोपी दलित हो मुस्लमान हो स्वर्ण हो या कोई भी हो
दोहरा मांपदंड समाज के लिए घातक है ..!!
इतनी जलन 😁😁
क्रांतिकारी तो है ही ये लड़का लेकिन जातिवादियों की गा मे आग ज्यादा लग रही है तेरी जात के लोगे बोले है भगवान है उनका भरत तिवारी अब बताओ लटकन परेशान है की इनमे ऐसे बच्चे पैदा क्यों नहीं होते
जब अधिकारी ही ही नेताओं की गुलाम हो जाये तो गरीबो को इंसाफ कौन देगा @Uppolice ये आपके ही पुलिस वाले है जो कल तक अधिकारियो को धमकी दे रहा था आज उसी के सामने नतमस्तक है वाह रे देश का सविधान
किसी की ऊँची आवाज़ हमें दबा नहीं सकती! हमने संघर्षों की तपिश में खुद को तपाया है, तब जाकर यहाँ तक पहुँचे हैं। हम जानते हैं अपने आंदोलन को ज़िंदा रखने का हुनर। याद रखना—हम किसी के उकसाने पर अपना आपा नहीं खोते, क्योंकि हम भावनाओं में नहीं, बल्कि अपने संकल्पों पर चलते हैं।
जो लोग हमें कमजोर समझते हैं, उन्हें बता दूँ कि हमारी शांति को हमारी कायरता समझने की भूल न करें। संघर्ष ही हमारा संस्कार है और जीत ही हमारा लक्ष्य। #dhampur #vidhansabha
ये हैं क्षत्रिय ये बता रहे हैं कि कैसे राजनीति करने के भारत की बेटियों का सौदा किया मुगलों से.?
PM @narendramodi जी HM @AmitShah जी और CM @myogiadityanath क्या दलित महिलाओं का अपमान करने वाले इस शोहदे का इलाज करेंगे आप लोग या हिंदुत्व सिर्फ चुनाव में जगता है आपलोगों का.?
#YSS
अभी तक ब्राह्मण भगाओ देश बचाओ के नारे पर बड़े ख़ुश होते थे आज लोगो ने कोइरी भगाओ जैसे नारे क्या लगाए सब RR रोने लगे जबकि वो बोल रहा है बाहरी भगाओ देश बचाओ
मऊ बचाओ कोइरी भगाओ जैसे नारे लगाने वाले उपद्रवियों सुनो उत्तर प्रदेश तुम्हारे बाप की जागीर नहीं है।
हम ऐसे विभाजनकारी उपद्रवियों और नफरत फैलाने वालों का कड़ा विरोध करते हैं। और प्रशासन से आग्रह करते हैं कि समाज को बांटने वालों की पहचान कर कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भाईचारा और सामाजिक एकता बनी रहे।
@Uppolice
आज बलिया हाई स्कूल से ब्लॉक मुख्य द्वार तक हजारों लोगों ने मशाल जलाकर न्याय की मांग की।
भरत तिवारी जी के आत्मसमर्पण के बाद जो घटना घटी, उसने पूरे मामले की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस और प्रशासन की भूमिका संदिग्ध प्रतीत हो रही है।
हम बिहार सरकार से सख्ती से मांग करते हैं कि इस पूरे प्रकरण की CBI स्तर की निष्पक्ष जांच कराई जाए। सत्य छिपाने की कोई भी कोशिश स्वीकार नहीं की जाएगी।
न्याय की लड़ाई जारी रहेगी — जब तक सच्चाई नहीं निकल आती।
@narendramodi @samratchoudharybjp @girirajsinghbjp
#JusticeForBharatTiwari #BharatTiwari #Begusarai