लोकतंत्र लहलहा रहा है - खतरे में थोड़े ही है
बस आगरा के रफ़ीक ख़ान ने उत्तरप्रदेश की टूटी सड़कों और गड्ढों के बारे में बोला था - जिसके लिए उन्हें जेल में डाल दिया गया
बाक़ी सब चंगा सी
दलित समुदाय को ‘नीला कबूतर’ कहने वाला यह शख्स @Uppolice का इतना चहेता क्यों है? दूसरों को पक्षी बताना वाला यह शख्स कौनसा जानवर है? यह कुत्ता है? सुअर है? या फिर गिद्ध है। क्योंकि इसका एक भी कृत्य ऐसा नहीं है, जो इंसान करते हैं। इसके कृत्य जानवरों से बदतर हैं। बस ये कृत्य @Uppolice को नहीं दिखते।
पर्ची वाले बाबा कह रहे है कि अगर योध्या मामले पर हम बोले तो हमको भी निपटा दिया जायेगा इसलिए खामोश रहने मे ही भलाई है,
जब भगवान राम का खज़ाना सुरक्षित नहीं है
तो देश का खज़ाना सुरक्षित हाथो मे है ये कैसे मान लिया जाये ?
टिंन्नू यादव अगर टिंन्नू खान होता तो अब तक.....?
वाराणसी के दशाश्वमेध घाट पर BJP पार्षद और BJP नेताओं ने नाव पर गंगा नदी में मीट मुर्गे और शराब की पार्टी की
लेकिन, इससे किसी की भावना आहत नहीं हुईं
इसी गंगा नदी पर नाव में इफ्तार करने के लिए 12 मुसलमानों को ईद के ठीक पहले गिरफ़्तार करके 2 महीने जेल में रखा था
पाखंडी कहीं के
नेहा भारती भी कॉक्रोचनी बन कर जंतर मंतर पहुँची हुई थी
लेकिन हम कॉकरोच आंदोलन के ख़िलाफ़ हैं
और देश से बढ़ कर हमारे लिए कोई भी नही,
चाहे नेहा दीदी ही क्यों ना हों।
रियाज़ुद्दीन साहब जिन्होंने अपनी मदद से 12 लोगों की जान बचाई थी आज उन्हें एडवोकेट वीरेंद्र कसाना ने पैसे देकर सम्मानित किया जिसे लेते वक़्त वो रो पड़े
हालांकि ये काम सरकार को करना चाहिए लेकिन खैर रियाजुद्दीन साहब इस इज़्ज़त के हक़दार हैं..!
एक मासूम बच्चे की पुकार
मेरे अबू के कातिलों को फांसी दो,
ये शब्द किसी नेता या बड़े आदमी का नहीं, बल्कि उस मासूम बच्चे के हैं जिसने अपने पिता को खो दिया है,
तोहिद खान के परिवार को इंसाफ मिलना चाहिए, अगर किसी के साथ अन्याय हुआ है, तो निष्पक्ष और तेज़ जांच होनी चाहिए और जो भी दोषी हो, उसे कानून के अनुसार सख्त सजा मिलनी चाहिए,
एक मासूम की आंखों के आंसू और उसके दिल का दर्द पूरे समाज से ये सवाल पूछ रहा है कि आखिर उसे अपने पिता का साया क्यों खोना पड़ा?
हम मांग करते हैं कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों को कानून के अनुसार कड़ी से कड़ी सजा मिले।
#JusticeForTohidKhan
#इंसाफ_दो #मासूम_की_आवाज़
"20 लठ्ठ अज़ीज़ ख़ान नाम के औऱ 20 दाढ़ी के नाम के.."
इन बुज़ुर्ग को सुनकर दिल रो गया। गांधी के भारत में मुसलमानों की ये हालत कर दी है इस संघी सरकार ने..
यह वीडियो कई रोज़ से वायरल है। क्या किसी पुलिस अफसर में इतनी हिम्मत है कि इस वीडियो में कही गई बातों को, दलील के साथ काटकर दिखाए? क्या सत्ताधारी दल का कोई बड़ा नेता इस वीडियो में कही गईं बातों को झुठला सकता है? वास्तविकता यह है कि सत्ताधारी दल के समर्थक, नेता, मंत्री, विधायक और यहां तक कि कई मुख्यमंत्री भी अघोषित तौर से मुसलमान को दोयम दर्जे का नागरिक मान चुके हैं। ऐसे कई उदाहरण दिए जा सकते हैं, जिसमें किसी मुसलमान का कोई दोष नहीं था, लेकिन फिर भी उसे पुलिस द्वारा जेल इसलिए भेजा गया क्योंकि पुलिस पर सत्ताधारी दल के अनुषांगिक संगठनों ने दबाव बनाया था।
हालिया उदाहरण मुजफ्फरनगर का है। अनस अहमद नामी एक फूड ब्लॉगर ने, एक नॉनवेज रेस्टोरेंट का वीडियो बनाया। चूंकि उस नॉनवेज होटल का पता बताने के लिए शहर का नाम भी फिल्माना था, तो उसने शहर के शिव चौक के भी एक आध सेकेंड के विजुअल उस वीडियो में डाल दिए। बस फिर क्या था, हिन्दुवादी संगठनों ने हंगामा कर दिया, पुलिस ने अनस को गिरफ्तार कर उसका चालान कर दिया।ऐसी घटनाएँ आए दिन सामने आती रहती हैं।
‘Itni dalaal media duniya main kahin nahin hogi jitni bharat main hai…’
Unhone poocha aap kyu aaye, maine kaha NEET ke paper leak hua hai... Toh patrakar puchta hai, 'Accha NEET ka full form batao'.
Ye hain inke bhadkau sawal..
तूने सुवर किसको बोला ? गाली क्यों दी ?
इस उपद्रवी द्वारा गाली देने पर नाराज युवाओं ने इस बदतमीज को घेर लिया तो देश बीच में ले आई और बार बार फोन में झांक रही है। शायद अपने आकाओं को मैसेज भेज रही होगी।
@DelhiPolice इस उपद्रवी महिला को गिरफ्तार क्यों नहीं करते ?
इसके पीछे कौन लोग है खुलासा होना चाहिए।
जेल से आते वक़्त मैं दो रोटी साथ ले कर आया था। जो मेरे उस दिन के रात के खाने का हिस्सा थीं। इन रोटियों को ना सिर्फ़ चबाना मुश्किल है पचाना भी बहुत मुश्किल है। छह साल तीन महीने जेल में इन रोटियों को खाने बाद हर उस नयमत का एहसास हो गया जो अल्लाह ने अता कर रखी थी। आयिंदाह भी यह एहसास बाकी रह के अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त ने क्या क्या नयमतें नवाज़ी हैं। साथ ही मेरे उन भाइयों की फ़िक्र भी मौजूद रहे जो अभी भी इन रोटियों को ज़िन्दान्न में तोड़ रहे हैं। यह एक मुश्किल काम है लेकिन नामुमकिन नहीं राह ए हक़ पर चलने वालों को ये सब झेलना ही पड़ता है। मुश्किल सिर्फ़ इस यकीन के साथ आसान हो जाती है के अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त इन परेशानियों का बेहतरीन बदला देगा।
#JailKiRoti #FreedomFeels
मालवीय नगर में गद्दों की दुकान के मालिक अरमान ने अपनी सारे गड्ढे बिछा दिए ताकि आग में जल रहे होटल से लोग कूद कर उस पर अपनी जान बचा सके, इस तरह कई जान बची भी। सुनिए अरमान को
जो रोज़ हिंदू और मुसलमान के नाम पर ज़हर घोलते हैं, नफ़रत फैलाते हैं - यह उनके लिए है
कल जब दिल्ली में आग लगी तो इन लोगों ने अपनी जान की बाज़ी लगा कर बहुत सारे लोगों को बचाया
अरमान
शोएब
सलाउद्दीन
इसरार
वसीम रजा
मुस्तकीम
मोहम्मद वकार
मोहम्मद अफ़ज़ल
मोहम्मद अनीश
रियाजुद्दीन
दिल्ली के फरिश्तों से मिलिए.
अरमान
शोएब
सलाउद्दीन
इसरार
वसीम रजा
मुस्तकीम
मोहम्मद वकार
मोहम्मद अफ़ज़ल
मोहम्मद अनीश
रियाजुद्दीन
गोविंद कुमार
शिवानी
और कुछ नाम , जो मैंने आज अखबारों में पढ़े हैं .
ये सब दिल्ली के फरिश्ते हैं , जिन्होंने मालवीय नगर इलाके के होटल में आग लगने के बाद फंसे कई लोगों की जान बचाई.
इन सबको सलाम किया जाना चाहिए.
पूरा वीडियो मेरे यूट्यूब चैनल पर