मेरे ऊपर SC/ST एक्ट में FIR पर कुछ बातें सवर्ण समाज से
कोई मेरी माँ या बहन पर सीधे बलात्कारी मानसिकता के साथ यह कहे कि उसका विवाह मैं चंद्रशेखर के साथ करा दूँ, और मैं चुप रह जाऊँ तो आप बताइए कि मैं कैसा पुत्र या भाई हूँ?
इतने पर भी चंद्रशेखर को ले कर मैंने कोई जातिसूचक शब्द नहीं बोला, जो उक्त वीडियो में है। जब स्टेज से ब्राह्मणों की बेटियों को खींचने की बातें होती हैं और किसी SC नेता का चेला सोच-समझ कर उकसाने के लिए ऐसी बात करेगा, तो मैं चुप कैसे रहूँगा?
आज व्यक्ति अपने मौलिक अधिकारों को समझे या न समझे, वह यह अवश्य जानता है कि SC/ST एक्ट क्या है। तो मैं जब बोलता हूँ तो मुझे अपनी सीमाएँ (चाहे वह कितनी ही अनुचित क्यों न हों) पता हैं कि क्या बोलना है, क्या नहीं।
मैं जानता हूँ कि दिल्ली पुलिस के नॉर्थ अवेन्यू स्टेशन में आजाद समाज पार्टी वालों ने कितना दवाब दे कर रात के बारह बजे यह FIR लिखवाया है जो कोर्ट में दो मिनट नहीं टिकेगा। एक भी धारा ऐसी नहीं है जो होल्ड करेगी।
मैं सैनिक स्कूल का छात्र हूँ और इतनी रैगिंग झेल चुका हूँ कि मेरा मनोबल तोड़ने के लिए दिल्ली पुलिस को कस्टडी में मेरी हत्या करनी पड़ेगी, दो-चार डंडों से मेरा मनोबल नहीं टूटने वाला। और यदि मैं जीवित बच गया तो इसी स्थिति में जंतर मंतर जाऊँगा और अपने समाज से कहूँगा कि बताओ, तुम्हारी बहन और माँ को ले कर कोई ऐसी टिप्पणी करे तो क्या करोगे?
यदि ऐसा कमेंट फिर मेरे वीडियो पर आया तो मैं पुनः उसी तरीके से उत्तर दूँगा जो मैंने दिया। कानून जब तक है, संशोधन नहीं होता, मैं उसका सम्मान करूँगा और दिल्ली पुलिस के साथ पूर्ण सहयोग करूँगा। 92% ऐसे केस केवल प्रताड़ित करने के लिए होते हैं।
अंत में, सवर्ण समाज से यह पूछना चाहता हूँ कि क्या इस तरह की टिप्पणी पर मुझे सह लेनी चाहिए थी क्योंकि किसी पार्टी के लोग नाराज हो जाएँगे? क्या ब्राह्मणों की माँ और बहनें इन रेप मैंटिलिटी से संचालित गुंडों के शाब्दिक बलात्कार के लिए जन्म लेती हैं?
आज मुझे गर्व हो रहा है कि मैंने बहुत सही व्यक्ति के मार्गदर्शन में अपनी पत्रकारिता के करियर की शुरुआत की, ईश्वर आपको और संबल प्रदान करें @ajeetbharti सर!
सत्ता किसी भी रही हो, कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता। व्यवस्था-सुधार हर युग की आवश्यकता है। अबकी जंतर-मंतर पर जो भीड़ जुटी है वो व्यवस्था में सुधार के लिए ही जुटी है। जब सत्ताधीश न सुनें तो अन्याय को रोकने के लिए सड़क ही अंतिम रास्ता बच जाता है। जब तुष्टिकरण की आँधी में किसी समूह को पीड़ा पहुँचाई जा रही हो तो उससे क्या करने की अपेक्षा रखते हैं आप?
अत्याचार हुआ होगा, सामाजिक भेदभाव हुआ होगा, पानी पीने को दिक्कतें हुई होंगी। सबकुछ मान लेते हैं। लेकिन, मौजूदा पीढ़ी का इससे क्या लेना-देना है जो अच्छे अंक लाने के बावजूद उन्हें सही शिक्षण संस्थान नहीं मिलते, नौकरियों में जगह नहीं मिलती। किसी मासूम बच्चे का क्या दोष है? जब वो देखता होगा कि उससे कम मेहनत करने वाले साथी उससे कम अंक लाकर भी व्यवस्था द्वारा आगे बढ़ा दिए जा रहे हैं, तो उसके दिमाग पर क्या असर पड़ता होगा? उसे कौन जाकर समझाएगा कि हजार साल पूर्व तुम्हारे पूर्वज पर ऐसा-ऐसा करने का आरोप है जिसकी सज़ा तुम्हें भुगतनी होगी।
अन्याय के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाने के लिए साहस चाहिए होता है, अजीत भारती सर ने उस साहस का प्रदर्शन किया है।
@SanjayAzadSln@ArvindKejriwal Abe Larchaatt dekh le.kam se kam...Modi ji wala video 79 minutes pahle stream hua tha aur Kejarival wala 16 minutes pahle. Modi mootane ke baad bas hila de to 10 kejariwal paida ho jayenge
“मैं ख़ुद 2024 में शांतिपूर्ण विरोध करने गया था। मुझे प्रदर्शन की अनुमति मिलने में 10 दिन लग गए, लेकिन इन आतंकवादियों को रातों-रात अनुमति कैसे मिल जाती है?”
हर्ष दुबे ने NEET अभ्यर्थियों की समस्याओं पर बोलते हुए कहा कि आत्महत्या करने वाले कई छात्र अपनी कक्षा के टॉपर होते हैं। उनके अनुसार, भारत में NEET जैसे सिलेबस वाली कोई दूसरी बड़ी सरकारी परीक्षा नहीं है।
अगर एक दिन का पेपर बिगड़ जाए, तो छात्रों के पास दूसरा विकल्प लगभग नहीं बचता। उन्होंने सवाल उठाया कि #NEET अभ्यर्थियों के लिए कोई वैकल्पिक सरकारी परीक्षा क्यों नहीं होनी चाहिए।
उत्तर प्रदेश कि बिजली व्यवस्था देखते हुए
ओर कई कारणों से लगता है।
BJP को यूपी में हरवा ही दिया जाये
बस इधर अखिलेश यादव बिल्कुल पसंद नहीं हैं ।
वरना इनके ख़िलाफ़ अब तक सैकड़ो मुद्दों पर रोज़ लिखता
@aksharmaBharat@UPPCLLKO आँखे खोलो या ट्रेंड चलवा दिया जाये तुम्हारे ख़िलाफ़ ?
दोपहर से अब तक बिजली के दर्शन नहीं हुए है आपकी
प्रिय @myogiadityanath जी संज्ञान आप स्वयं लो
अम्बेडकर नगर के रामनगर विकास खंड के गांवों में रात में भारी बिजली कटौती हो रही है। शिकायत करने पर कहा जाता है कि “सरकारी आदेश है”। यदि ऐसा कोई आदेश नहीं है, तो कोई सरकार विरोधी व्यक्ति सरकार की छवि खराब कर रहा है। कृपया जांच कर कार्रवाई करें।
@myogiadityanath@EDC_Ambdkrnagar
माननीय मुख्यमंत्री जी एवं ऊर्जा मंत्री महोदय, अम्बेडकर नगर जिले के रामनगर विकास खंड के अंतर्गत आने वाले गांवों में रात्रि के समय भारी विद्युत कटौती की जा रही है। शिकायत करने पर यह कहा जाता है कि “लाइट काटने का सरकारी आदेश है”, जिससे आम जनता में भ्रम और असंतोष फैल रहा है।1/2
मेरे पिताजी पूज्य श्री हरिशंकर जैन जी की कठोर मेहनत, तपस्या और संघर्ष का परिणाम है कि आज हिंदू समाज यह दिन देख पाया। 2 मई 2022 को उन्होंने माननीय इंदौर उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर इस न्यायिक लड़ाई की शुरुआत की थी, जिसके परिणामस्वरूप आज ऐतिहासिक फैसला आया है।