सोमनाथ में वीर हमीरजी गोहिल को श्रद्धांजलि अर्पित की। वे बर्बरता और हिंसा के दौर में साहस और दृढ़ संकल्प के प्रतीक बनकर खड़े रहे। उनकी वीरता देशवासियों की स्मृति में युगों-युगों तक अंकित रहेगी। उनका साहस और पराक्रम बताता है कि भारतवर्ष की संस्कृति को किसी भी प्रकार के बल प्रयोग से कमजोर नहीं किया जा सकता।
Jai Somnath!
Somnath Swabhiman Parv begins today. A thousand years ago, in January 1026, Somnath faced its first ever attack. The attack of 1026 and the subsequent attacks couldn’t diminish the eternal faith of millions, nor break the civilisational spirit that rebuilt Somnath time and again.
I’m sharing some pictures from my previous visits to Somnath. If you have been there too, share them using #SomnathSwabhimanParv.
जय सोमनाथ !
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का आज से शुभारंभ हो रहा है। एक हजार वर्ष पूर्व, जनवरी 1026 में सोमनाथ मंदिर ने अपने इतिहास का पहला आक्रमण झेला था। साल 1026 का आक्रमण और उसके बाद हुए अनेक हमले भी हमारी शाश्वत आस्था को डिगा नहीं सके। बल्कि इनसे भारत की सांस्कृतिक एकता की भावना और सशक्त हुई और सोमनाथ का बार-बार पुनरोद्धार होता रहा।
मैं सोमनाथ की अपनी पिछली यात्राओं की कुछ तस्वीरें साझा कर रहा हूं। यदि आप भी सोमनाथ गए हैं, तो अपनी तस्वीरें #SomnathSwabhimanParv के साथ जरूर शेयर करें।