परिस्थितियाँ कितनी भी बुरी क्यूँ ना हो जाये अपना भरोसा भगवान पर कभी भी कम
मत करो !
अत्यंत बुरी परिस्थियों से केवल बूढ़े "माँ-बाप" की सेवा और आशीर्वाद ही बचा सकता हैll
“माँ-बाप ही भगवान है” ये बात,उनके दुनिया में रहते हुए समझ आ जाये तो,
उससे ज़्यादा धनी कोई इंसान हो नहीं सकता!
संभल
➡ मासूम को एंटी रेबीज लगाने का मामला
➡ एंटी वेनम की जगह एंटी रेबीज लगा दी
➡ 5 दिन बाद भी डॉक्टर पर कार्रवाई नहीं
➡ जांच कमेटी गठित कर अधिकारी हुए बेफिक्र
➡ 4 वर्षीय मासूम अभी भी ICU में भर्ती
➡ जिंदगी और मौत से जूझ रहा मासूम
➡ संभल के संयुक्त जिला अस्पताल का मामला
#Sambhal #MedicalNegligence #HealthNews @DmSambhal@brajeshpathakup@DhsSambhal
Our govt has made SC/ST (Prevention of Atrocities) Act more stringent and increased the offences listed in the Act from 22 to 47 : PM Modi #BJP4InclusiveVikasa
भाजपा की नीतियाँ और मोदी एक्ट का बवासीर अब 91% आरक्षण को सुप्रीम कोर्ट में डिफेंड करने से ले कर IIT के प्रोफ़ेसरों को एक विषाक्त माहौल में जीने को विवश कर रहा है।
In IITs/IIMs, GC student suicide rate is higher than SC/ST/OBC.
Here is data of student suicides (last 5 yrs) (presented by govt)👇
IIT:
Total suicides: 33
SC/ST/OBC: 16
General: 17
IIM:
Total suicides: 4
SC/ST/OBC: 1
General: 3
Why no-one has raised this issue till date????
साहिल वकोड़े IIT बॉम्बे के छात्र थे। परीक्षा चल रही थी। पूरा प्रश्नपत्र AI एप्प को अपलोड कर के उत्तर कॉपी में लिख रहे थे। प्रोफेसर ने पकड़ लिया। बाहर ले गए, डाँटा और कहा कि संस्थान के नियम स्पष्ट हैं आप चोरी करते पकड़े गए तो सस्पेंड किए जा सकते हो।
साहिल ने बाद में आत्महत्या कर ली। माँ-बाप ने पोस्टमार्टम के बाद भी शव नहीं लिया क्योंकि उन्हें न्याय चाहिए। न्याय पाने के लिए उन्होंने मोदी एक्ट की धाराएँ लगवा दीं प्रोफेसर पर।
एक लड़का आरक्षण से IIT पहुँचा। कम नंबर न आए, इसलिए चोरी कर रहा था। वह टॉपर बनना चाह रहा था। पर एक मनुवादी शिक्षक ने उसे कॉलेज के कानून बताए, सस्पेंड किया भी नहीं। उसने आत्महत्या कर ली।
क्या एक दलित को फोन ले जाने अनुमति नहीं होनी चाहिए? क्या ऐतिहासिक प्रताड़ना के कारण उसको ओपन मोबाइल परीक्षा देने की अनुमति नहीं होनी चाहिए?
आज एक ब्राइट स्टूडेंट, जो जेट इंजन बना सकता था AI से पूछ कर, हमारे बीच इसलिए नहीं रहा क्योंकि उससे पहले ही चरण में रोक लिया गया। मोदी एक्ट इसीलिए बना ही है।
प्रोफेसर को फाँसी होनी चाहिए।
During exams at IIT, a student is caught cheating. Smart enough to smuggle a phone into the examination hall and upload the question paper to get answers from Chatgpt.
Professor catches him and scolds him. He commits suicide. Now, the professor is facing draconian SC/ST act for doing his duty.
Waiting for @narendramodi to pounce on it as an opportunity to milk votes.
He will mouth dialogues like "Maa Bharti ne ek Laal khoya".
What was the professor supposed to do. Give him a "Melody" chocolate?