सुल्तानपुर के चांदा थाना क्षेत्र में दो मुस्लिम युवकों के साथ मारपीट कर जबरन धार्मिक नारे लगवाने की घटना बेहद शर्मनाक है। इससे भी चिंताजनक बात यह है कि आरोपी खुद इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा कर रहे हैं, मानो उन्हें कानून का कोई डर न हो।
सुल्तानपुर की पहचान हमेशा भाईचारे और गंगा-जमुनी तहज़ीब रही है। कुछ नफरती लोग जिले की इस पहचान को खराब नहीं कर सकते।
पुलिस प्रशासन से मांग है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो ताकि समाज में नफरत फैलाने वालों को स्पष्ट संदेश मिले।
नफरत नहीं, इंसाफ और मोहब्बत ही देश को मजबूत बनाते हैं।
🇮🇳 जय हिंद 🇮🇳 जय भारत 🇮🇳
#Sultanpur #UPPolice #Justice #CommunalHarmony #StopHate #JaiHind #JaiBharat #ViralNews
सुल्तानपुर में दंगाइयों ने राहगीरों को रोककर उनसे जबरन JSR का नारा लगाने को कहा, इंकार करने पर उमके साथ हिंसा की गई। इस घटना के बाद देखना यह है कि @myogiadityanath सरकार इन कट्टरपंथी अराजक तत्वों दंगाइयों का घर घिराएगी? @dgpup की @Uppolice एनकाउंटर करेगी?
महाराष्ट्र के जलगांव के मारुल गांव के हाफिज कासिम के साथ नफ़रती चिंटुओं द्वारा बदसलूकी की गई, इनसे नफ़रती चिंटुओं से ‘अपने’ धर्म का नारा लगवाने का दबाव बनाया गया है। इस घटना पर @warispathan ने संज्ञान लिया। नफ़रती चिंटुओं के खिलाफ FIR दर्ज हुई तो एक नफ़रती चिंटू ने माफी मांगते हुए वीडियो जारी किया है।
रामायण, महाभारत, कुरआन,बाइबल सब खत्म हो जाएगा
लेकिन मेरे द्वारा चलाई गई स्कीमें कभी खत्म नहीं होंगी, ये बात ममता दीदी ने हाल ही में खत्म हुई विधानसभा चुनाव में कहा था
फिलहाल चुनाव का नतीज़ा तो आ गया है अब बस ममता दीदी का नतीज़ा आना बाकी है।
दीदी वो दीदी
घमंड किसी का नहीं रहा तुम भला किस खेत की मूली हो।
ममता दीदी सबसे पहले कांग्रेस में आई
फिर काग्रेस से अलग हुई नई पार्टी बनाई All India Trinamool Congress.
पार्टी बनाते ही फौरन बीजेपी से गठबंधन किया और रेल मंत्री बनी फिर बीजेपी से अलग हुई अकेले चुनाव लड़ी 2011 से 2026 तक लगातार 3 बार मुख्यमंत्री बनी
फिर यूँ हुआ कि 2026 विधानसभा चुनाव में ममता दीदी की बुरी हार हुई नतीज़ा ये हुआ कि बीजेपी की पूर्ण बहुमत की सरकार बनी और सरकार बनते ही All India Trinamool Congress.में तो जैसे होड़ मची है बीजेपी में जाने के लिए
ऐसा लगता है जैसे ये लोग कितने सालों से बेचैन थे बीजेपी में जाने के लिए
आज हालत ये है कि पार्टी विलय होने के कगार पर है मात्र महीने में
कल खुद बीजेपी में थी आज इनके लोग बीजेपी में जा रहे हैं।
और एक हम हैं जो बीजेपी के एजेंट हैं।
इस सरकार को कुर्सी से सिर्फ वही लोग उतार सकते हैं जिन्होंने बैठाया है. इसलिए फालतू उछल कूद कर के अपना करियर बर्बाद न करें बल्कि शिक्षा और अपने व्यापार पर ध्यान दें.
इस सरकार को कुर्सी से सिर्फ वही लोग उतार सकते हैं जिन्होंने बैठाया है. इसलिए फालतू उछल कूद कर के अपना करियर बर्बाद न करें बल्कि शिक्षा और अपने व्यापार पर ध्यान दें.
हिदायत इंसानों के हाथ में नहीं हिदायत तो अल्लाह के हाथ है, और अल्लाह चाहे जिसे हिदायत दे।
बलवीर सिंह, बबनीत कौर, विक्रान्त मैसी का भाई, आशा प्रजापति, थलापति विजय का को-स्टार जय, माइक टायसन, अमेरिकी सिंगर जेनिफर ग्राउंट, न्यूक्लियर इंजिनियर पॉल, सबरीमाला हो या Ayush Malik.
#Islam
मोहब्बत में चांदनी ‘ज्योती’ बने तो वाह-वाह! आयुष ‘अली’ बने तो हाय तौबा!
यूपी के शामली में चांदनी कुरैशी जिम ट्रेनर हैं। उनके जिम में आयुष मलिक आते थे। आयुष और चांदनी के बीच नज़दीकियाँ बढ़ीं, और ‘प्यार’ हो गया। लेकिन इस प्यार में दोनों का ‘धर्म’ दीवार बन गया। अब दोनों के सामने शादी की चुनौती थी। अपने-अपने धर्म अनुसार शादी करने के लिए दोनों में से किसी एक को धर्मांतरण करना था। आयुष मलिक ने धर्मांतरण कर लिया, और अपना नाम मोहम्मद अली रख लिया। आयुष के अनुसार उसने इस्लाम का अध्ययन करना शुरू किया, और फिर इस्लाम धर्म स्वीकार कर लिया। आयुष ने दाढ़ी रख ली, नमाज़ पढ़ना शुरू कर दिया, बताया तो यहां तक जा रहा है कि दोनों ने निकाह भी कर लिया है।
आयुष के धर्मांतरण की जानकारी जैसे ही हिन्दुवादी संगठनों को पहुंची तो उन्होंने विरोध करना शुरू कर दिया। मीडिया ने भी उनका भरपूर साथ दिया, एक कहानी गढ़ी गई कि, आयुष के पास करोड़ों की संपत्ति है, उसे हड़पने के लिए प्यार का ‘प्रपंच’ रचा गया है। पुलिस ने चांदनी कुरैशी और उनके पिता समेत करीब दस लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया और चांदनी समेत कई लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
अब यहां से पुलिस की निष्पक्षता पर सवालिया निशान लगता है। इसी प्रदेश में आए दिन ऐसी ख़बरें आती रहती हैं, जिसमें मुस्लिम युवती धर्म बदलकर किसी मंदिर में जाकर ब्याह रचाती है। यूपी पुलिस ने उनमें से आज तक ऐसे कितने मामलों में कार्रवाई की है? कार्रवाई तो छोड़िए यूपी पुलिस ने ऐसे ‘जोड़ों’ को सुरक्षा दी है, और हिंदूवादी संगठनों ने उनको संरक्षण दिया है।
इन दिनों यूपी का बरेली ‘दूसरे’ समुदाय की युवतियों के मतांतरण और उनका ‘प्रेमी’ के साथ विवाह कराने का केंद्र बना हुआ है। लेकिन मजाल भला कि यूपी पुलिस ने उनमें से किसी पर भी कोई कार्रवाई की हो! वो हिन्दुवादी संगठन जो ‘अपने’ समुदाय की युवती द्वारा ‘दूसरे’ समुदाय के युवक से शादी करने पर लव जिहाद का शोर मचाते हैं, वही संगठन ‘दूसरे’ समुदाय की युवती का धर्मांतरण कराकर उसका ‘अपने’ समुदाय के ‘युवक’ से ‘प्रेम विवाह’ कराते हैं, और उसे सेलिब्रेट करते हैं। मीडिया भी इसे सेलिब्रेट करके बताता है कि प्रेम में टूटी धर्म की दीवार, अंजुम ने आकांक्षा बनकर मंदिर में की फलाने से शादी! हिंदूवादी संगठन और ‘हिंदू’ मीडिया इसे प्रेम विवाह बताता है। जबकि यही अगर मामला ‘दूसरा’ तो तब ‘लव जिहाद’ बन जाता है।
अब जिस चांदनी कुरैशी द्वारा आयुष मलिक का धर्मातरण कराए जाने के ख़बरें सामने आ रही हैं, और पुलिस द्वारा जैसी कार्रवाई की जा रही है। क्या यही कार्रावाई तब भी होती जब, चांदनी कुरैशी आयुष की ‘मोहब्बत’ में धर्म बदलकर ज्योति मलिक बन गई होती? क्या तब चांदनी के पिता की शिकायत पर आयुष, उसके परिजनों, और चांदनी का धर्मांतरण कराने वाले मंदिर के पुजारियों को ऐसे ही जेल भेजा जाता, जैसे चांदनी और उसके परिजनों को जेल भेजा गया है। नहीं! तब यह ‘प्रेम विवाह’ कहलाता। वही पुलिस जो आज चांदनी और उसके परिजनों पर कार्रवाई कर रही है, वही पुलिस उन्हें सुरक्षा देती। हिन्दुवादी संगठनों के फ्रिंज एलिमेंट्स इसे सेलिब्रेट कर रहे होते। ये कानून के दोहरे मापदंड नहीं तो क्या हैं? आयुष की मोहब्बत में चांदनी धर्म बदलकर ज्योति बन जाए तो ठीक! चांदनी की मोहब्बत मे आयुष धर्म बदलकर मोहम्मद अली बन जाए तो अपराध, साजिश और जाने क्या क्या फलाना ढिमकाना। यह दोहरे मापदंड नहीं तो क्या हैं? मदर ऑफ डेमोक्रेसी की पुलिस, मदर ऑफ डेमोक्रेसी की बहुसंख्यक आबादी के सामने निष्पक्षता सबसे बड़ी चुनौती है। मदर ऑफ डेमोक्रेसी की बहुसंख्यक आबादी के पास सत्ता है, सरकार है, पुलिस है, संसाधन हैं, क्या निष्पक्ष न्याय का माद्दा भी है?
भारत का संविधान सभी नागरिकों को यह अधिकार देता है कि जिस धर्म को चाहें अपनाएं, जिस धर्म को चाहें छोड़ दें। आयुष ने धर्म बदल लिया, लेकिन आयुष जेल नहीं गया। जेल कौन गया? जेल वह मुस्लिम परिवार गया, जिस परिवार की युवती आयुष की प्रेमिका है। क्या कोई कानून है?
सुबह से भक्त मंडली और गोदी मीडिया आयुष मलिक के पीछे लगी हुई है।
जबकि अली ने साफ कर दिया कि उन्होंने पहले इस्लाम सीखा फिर अपनाया।
किसी ने कोई जोर जबरदस्ती नहीं की, घर वालों का थोड़ा दबाव है लेकिन इतना भी नहीं जितना मीडिया मंडली दिखा रही है।
तरबियत इसे कहते हैं,
इस बच्चे का नाम जोहान ज़हीर है कस्बा कुर्सी जिला बाराबंकी का निवासी है
आज एक शादी में समारोह में जब @imshaukatali भाई ने इस बच्चे से पूछा बड़े होकर क्या बनना चाहते हो
बच्चे ने जो जवाब दिया वो काबिले तारीफ था
इस बच्चे ने कहा मैं "आलिम और IAS" बनना चाहता हूं
फिर शौकत भाई ने पूछा, पहले क्या बनना चाहते हो?
फिर इस बच्चे ने बड़ी खूबसूरती से जवाब दिया मैं पहले "आलिम" बनना चाहता हूं।
अल्लाह से दुआ है अल्लाह इस बच्चे को सलामत रखे और कामियाब करे।
औरत का मर्तबा तो एक बेटी, बहन, मां का है ना? 💔
कहते हैं आतंकी धर्म देखकर मारते हैं, क्या इन में और धर्म देखकर मारने वाले आतंकी में कुछ भी फ़र्क है?
केसे एक औरत दुसरी औरत के लिए ऐसा बोल सकती है।
#Islamophobia