आयोजक कब से डिसाइड करने लगें हैं कि किसी धर्म या समुदाय की भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचाया गया।
जबकि अगर इनकी मंशा ये ना होती तो भोजपुरी गाने पर डांस बिकनी में करवाते या फ़िर कोई परिधान का इस्तेमाल करते।
पहनाकर नहीं, लड़कियों ने भी पहना और घरवालों को भी कोई दिक्कत नहीं हुई क्योंकि जहां तक मुझे पता है इस्लाम से जुड़ी कोई चीज़ कोई टीचर पढ़ा दे तो माँ-बाप हंगामा करने पहुंच जाते हैं
वहीं स्कूल जिन्हें हिजाब से दिक्कत होती है आज बुर्के से कोई दिक्कत नहीं क्योंकि बुर्के में अश्लील गानों पर नाचना था, मज़ाक़ बनाना था
बेशर्मी की हद है
योगी जी आप तो जाहिल हैं,आपकी जानकारी के लिए बता दूँ,
खिलाफत आंदोलन के प्रमुख नेता थे मौलाना मोहम्मद अली जौहर,असहयोग आंदोलन में सक्रिय भूमिका, कॉमरेड,हमदर्द,अखबार निकला,रिटिश सरकार की जेल यातनाएँ झेलीं,गोलमेज सम्मेलन में भारत की आवाज़ उठाई ,