आज मैं देश की सभी auto manufacturing companies को लेटर लिख रहा हूँ - वे जनता को बतायें कि क्या उनके 2023 के पहले बने products में E20 इस्तेमाल किया जा सकता है। यदि हाँ, तो mileage या किसी component के ख़राब होने पर कंपनी नुक़सान की भरपाई करेगी?
आज 12 बजे PC में सभी पत्र रिलीज़ करूँगा।
@BlueDartCares@BlueDart_ this is extremely disappointing. We booked a shipment on 6 July (Tracking No: ********), and it is still not delivered. Since this morning, the status has been showing "Out for Delivery," but the package has not reached the delivery address.
ज़ैद को पीट-पीट कर मार डालने वाले राहुल और उसके दोस्तों का अभी तक एनकाउंटर नहीं किया गया है। अभी तक हत्यारों के घरों पर बुलडोज़र नहीं चलाया गया है। @myogiadityanath की ज़ीरो टोलरेंस नीति यही है? यदि हत्यारे ‘दूसरे’ हों तो एनकाउंटर करा दो, बुलडोज़र चलवा दो पीड़ित को मुआवज़ा दे दो। लेकिन अगर पीड़ित ‘दूसरा’ हो तब? तब यह सब कार्रावाई क्यों नहीं होती? तब जीरो टोलरेंस नीति बदल जाती है?
So, @raghav_chadha met a host of YouTubers, Instagram influencers, and people who frequently appear in scripted interviews posing as members of the audience. Many of them are known for running paid content and vox-pop videos that target Muslims and Dalits. One glance at their social media accounts will tell you the content they run.
How many of them can you recognise?
Five men accused of cooking chicken & drinking beer on the Ganges in Varanasi got same-day bail. In March, 14 Muslim men accused of consuming non-veg on a boat had spent over 2 months in jail.
How did the two cases unfold so differently? @Onkeyta_ tracks.
https://t.co/Hr9lpm2tKl
📍प्रयागराज, उत्तर प्रदेश
मुहर्रम के ताजिया जुलूस में 21 ताजियेदारों पर FIR दर्ज कर दी गई। पुलिस का दावा है कि रात 12 बजे पथराव हुआ, जिसमें 6 पुलिसकर्मी घायल हुए।
लेकिन अब सामने आए वीडियो ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
वीडियो में पुलिसकर्मी खुद ताजिया मार्ग पर लगी लाइटें तोड़ते दिखाई दे रहे हैं।
आरोप है कि अंधेरा होते ही ताजियेदारों और मौजूद लोगों पर लाठीचार्ज शुरू कर दिया गया।
15 जून को केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि भारत में मुसलमानों की सुरक्षा पर सवाल उठाना देश को बदनाम करने के जैसा है. #AltNews ने उसी हफ़्ते मुस्लिम विरोधी हिंसा, धमकी, लक्षित उत्पीड़न और नफरत की 6 घटनाओं को डॉक्युमेंट किया. देखिए #AltNewsVideoReport
जिस तरह की बातें यति नरसिंहानंद कैमरे के सामने कर रहे हैं, उस पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए।
अगर इसी तरह के बयान किसी मौलवी या मौलाना ने दिए होते,
तो क्या मीडिया की प्रतिक्रिया भी यही होती? क्या कवरेज के पैमाने सभी के लिए समान हैं?
📍बाराबंकी, उत्तर प्रदेश
"टोपी-कुर्ता देख लिया तो माँ-बहन की गालियाँ दोगे? जनता के टैक्स से तनख्वाह लेते हो, आम लोगों को गाली देने का अधिकार किसने दिया?"
यह आरोप मसौली थाना क्षेत्र के भूलीगंज चौराहे पर मोहर्रम के पोस्टर लगाने के दौरान विवाद के बाद एक युवक ने दरोगा अभय गुप्ता पर लगाया है।
युवक का दावा है कि पोस्टर लगाने के दौरान दरोगा ने उसके साथ गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार किया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसके बाद निष्पक्ष जाँच और कार्रवाई की मांग उठ रही है।
Yeh hai Rizwan bhai ghar ke paas iski Barber shop hai. Jab mein Jail gaya tha yeh bahut chhota tha abb Boss ban gaya hai. Aaj isne mera Khat banaya aur face scrub kiya jab meine paise dena chahe toh rone laga aur kaha ke Bhai aapse kaise le sakta hoon. Israr kerne per bhi nahi liye aur bola aap jail jaane se pehle jo mujhe Tip dete the woh zindagi bhar ke liye kaafi hain. Alhamdulliah aisi Mohabbat aur Izzat ke liye. Aise bahut se incident hue hain pichle ek mahine mei. #FreedomFeels #DostiZindabad
जो लोग आज असद ओवैसी (@asadowaisi) पर उंगली उठाते हैं, वो ज़रा इन तथाकथित सेक्युलर सूरमाओं के भीतर छुपी असली 'मुस्लिम नफ़रत' और डर का चेहरा भी देख लें! समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव का हाल यह है कि वो अपनी ज़ुबान से 'मुसलमान' शब्द तक बोलने से कतराते हैं; कहीं उनका हिंदू कोर वोट बैंक न खिसक जाए, इसलिए 'अल्पसंख्यक-अल्पसंख्यक' का झुनझुना बजाकर पतली गली से खिसक लेते हैं। वोट पूरा चाहिए, लेकिन पहचान से परहेज़ है!
इनके मन में बैठी इसी मुस्लिम नफ़रत का सबसे बड़ा और पुख्ता सबूत उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी जावेद अहमद का मामला है। जब सूबे में एक काबिल मुस्लिम अफ़सर को डीजीपी के पद पर नियुक्त किया गया, तो अखिलेश यादव के भीतर की नफ़रत और नाराज़गी इस कदर उबाल पर थी कि खुद उनके पिता मुलायम सिंह यादव को सरेआम मंच से रोना पड़ा था। मुलायम सिंह जी ने साफ कहा था—"एक मुस्लिम को डीजीपी बनाए जाने से अखिलेश इस कदर चिढ़ गए कि बीवी-बच्चों की कसम देने के बाद भी उन्होंने मुझसे महीने भर बात तक नहीं की थी।" जो नेता एक मुसलमान को सूबे के सबसे बड़े प्रशासनिक पद पर बैठना बर्दाश्त न कर सका, जिसके दिल में एक मुस्लिम अफ़सर के लिए इतनी कड़वाहट और नफ़रत भरी हो, वो आज मुसलमानों का सबसे बड़ा मसीहा बनने का पाखंड रच रहा है!
दूसरों को 'बी-टीम' बताने वाली यही सपा महाराष्ट्र में इम्तियाज जलील को हराने के लिए किसके इशारे पर दरी बिछाने गई थी? और रही बात कांग्रेस, राजद या टीएमसी की, तो इनके अपने नेता थोक के भाव बिककर बीजेपी में चले जाते हैं। जो खुद को बिकने से नहीं रोक पाते, वो आज ओवैसी को वफ़ादारी का सर्टिफिकेट बांट रहे हैं!
मुसलमानों को याद रखना चाहिए कि जब संकट आता है, जब मॉब लिंचिंग होती है या घरों पर बुलडोजर चलते हैं, तब ये सेक्युलर नेता अपने घरों में दुबक जाते हैं। उस वक्त संसद से लेकर सड़क तक सिर्फ ओवैसी साहब ही अकेले सीना तानकर कौम के हक की आवाज़ उठाते हैं। उन्होंने हैदराबाद में वर्ल्ड-क्लास अस्पताल और दर्जनों कॉलेज बनाकर मुस्लिम बच्चों को डॉक्टर-इंजीनियर बनाया है, ताकि वो इन नफ़रती नेताओं की रैलियों में सिर्फ दरी बिछाने वाले गुलाम न बने रहें। चुनाव आते-जाते रहेंगे, लेकिन मुसलमानों के स्वाभिमान और बेबाक नेतृत्व की यह जंग अब रुकने वाली नहीं है!
वेज चिकन पार्टी थी शायद...
कल तक गंगा में इफ्तार करने से जिनकी भावनाएँ आहत हो रही थीं, आज उसी गंगा में चिकन और शराब की पार्टी से किसी की भावनाएँ आहत क्यों नहीं हो रही हैं? शायद इसलिए कि इस बार पार्टी करने वाले दूसरे समुदाय के हैं।