आज भोपाल स्थित कार्यालय में ओबीसी वर्ग के उन प्रतिभाशाली युवाओं से सार्थक चर्चा की, जिनके 13 प्रतिशत आरक्षण से संबंधित प्रकरण लंबे समय से होल्ड पर हैं। यह केवल प्रशासनिक विषय नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और संवैधानिक अधिकारों का प्रश्न है।
मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार का ओबीसी विरोधी रवैया लगातार उजागर हो रहा है। माननीय उच्च न्यायालय द्वारा प्रत्येक सुनवाई में राज्य सरकार से जवाब तलब किया जाना इस बात का प्रमाण है कि सरकार इस गंभीर विषय पर स्पष्ट और न्यायपूर्ण निर्णय लेने में असफल रही है। पिछले 7 वर्षों से ओबीसी आरक्षण 27 प्रतिशत लागू न होने के कारण हजारों युवाओं की नियुक्तियां और परिणाम प्रभावित हुए हैं, जिससे उनका भविष्य अधर में लटका हुआ है।
यह उल्लेखनीय है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार ने ओबीसी आरक्षण को 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत किया था, ताकि सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों को समान अवसर मिल सके। आरक्षण केवल प्रतिशत का प्रश्न नहीं, बल्कि संविधान द्वारा प्रदत्त सामाजिक न्याय, समान प्रतिनिधित्व और अवसर की बराबरी का माध्यम है। जब आरक्षण लागू नहीं होता, तो यह सीधे तौर पर युवाओं के अधिकारों का हनन होता है।
इस विषय पर माननीय सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता एवं राज्यसभा सांसद श्री Abhishek Manu Singhvi जी तथा श्री Vivek Tankha जी से भी विस्तृत चर्चा कर ओबीसी वर्ग के युवाओं के भविष्य और न्याय सुनिश्चित करने के लिए कानूनी पहलुओं पर विचार विमर्श किया।
कांग्रेस पार्टी कानूनी, संवैधानिक और वैचारिक हर स्तर पर ओबीसी वर्ग को उनका अधिकार दिलाने के लिए संकल्पित है। सामाजिक न्याय की इस लड़ाई में हम युवाओं के साथ मजबूती से खड़े हैं और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष करते रहेंगे।
@DrMohanYadav51@DrAMSinghvi@VTankha
मप्र में 6 वर्षों से होल्ड अभ्यर्थियों का मुद्दा बसपा सांसद देश के सबसे बड़े मंदिर में उठाया गया।।
बता दे कि प्रदेश के 11 हज़ार से अधिक नियुक्तियां बीजेपी द्वारा रोक दो गई हैं। ओबीसी स्टूडेंट चयन के पश्चात् भी दर दर की ठोकरें खा रहे हैं।
प्रदेश में 50.09% आबादी ओबीसी की है लेकिन 27% ओबीसी आरक्षण कानून होने के पश्चात् भी ओबीसी को 6 वर्षों से मात्र 14% आरक्षण मानकर की नियुक्ति दी जा रही है।
हमारी स्पष्ट और संवैधानिक मांग है कि मध्यप्रदेश में पिछड़े वर्गों को उनकी जनसंख्या के अनुपात में 52% आरक्षण दिया जाए तथा 13% होल्ड पदों को तत्काल अनहोल्ड किया जाए।
इसी महत्वपूर्ण विषय पर कल 4 फरवरी 2026 को माननीय सर्वोच्च न्यायालय, नई दिल्ली में सुनवाई है।इस संबंध में महाधिवक्ता प्रशांत सिंह जी से चर्चा हुई है, जिन्होंने आश्वस्त किया है कि वे 6 सदस्यीय विधि टीम के साथ माननीय सुप्रीम कोर्ट में मजबूती से पक्ष रखेंगे।
समाजवादी पार्टी सामाजिक न्याय के संघर्ष में पूरी दृढ़ता से खड़ी है।
जय ओबीसी, जय संविधान।
@yadavakhilesh@samajwadiparty@MPSamajwadi
- देश का हर दूसरा आदमी OBC है, लेकिन क्या यहां बैठा हर दूसरा व्यक्ति OBC है..?
- OBC आरक्षित कोटे की 7% वैकेंसी खाली है।
- OBC को NFS लगाकर बाहर कर दिया जाता है.
देश का हर दूसरा आदमी के OBC होने के बाद भी आपको काबिल लोग नहीं मिल रहे हैं, तब आप उनके लिए क्या कर रहे हैं...?
पूरे देश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार पिछड़े वर्ग के छात्रों के साथ लगातार अन्याय कर रही है। पिछड़े वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय कांग्रेस की पिछली सरकार ने लिया था, जिसे वर्तमान सरकार द्वारा अवैधानिक तरीके से रोककर रखा गया है।
पहले यह मामला उच्च न्यायालय में लंबित रखा गया और उसके बाद अब सर्वोच्च न्यायालय में भी इसे लगातार टाला जा रहा है। सरकार के सॉलिसिटर जनरल समय पर सुनवाई के लिए उपस्थित नहीं होते, जिसके कारण बार बार तारीखें बढ़ाई जा रही हैं और मामला अनावश्यक रूप से लंबित बना हुआ है।
मेरा मध्य प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी की सरकार से आग्रह है। माननीय मुख्यमंत्री @DrMohanYadav51 जी ने स्वयं सर्वदलीय बैठक आयोजित कर पिछड़े वर्ग के लोगों को यह आश्वासन दिया था कि पिछड़े वर्ग के अभ्यर्थियों का 13 प्रतिशत होल्ड किया गया परिणाम शीघ्र घोषित किया जाएगा और उन्हें न्याय मिलेगा।
परंतु दुर्भाग्यवश छह महीने बीत जाने के बावजूद अब तक सर्वोच्च न्यायालय से कोई ठोस निर्णय नहीं हो सका है। इस देरी के कारण पिछड़े वर्ग के छात्रों का भविष्य अंधकार में है। जिन अभ्यर्थियों ने परीक्षाएं उत्तीर्ण कर ली हैं, उनके परिणाम अब भी होल्ड हैं और अनेक छात्र ओवरएज होने की स्थिति में पहुंच चुके हैं।
अतः अपेक्षा है कि सरकार शीघ्र निर्णय लेते हुए परिणाम घोषित करे तथा 27 प्रतिशत आरक्षण लागू कर प्रदेश के पिछड़े वर्ग के छात्रों को उनका संवैधानिक अधिकार और न्याय सुनिश्चित करे।
@DrMohanYadav51
मुख्यमंत्री @DrMohanYadav51 जी,
OBC आरक्षण की पिछली सुनवाई में मध्य प्रदेश सरकार का एक भी मुख्य वकील न्यायालय में उपस्थित नहीं रहा। लगातार तारीख़ आगे बढ़वाकर और अधूरी जानकारी प्रस्तुत कर आपकी सरकार OBC समाज को उसके हक़ और अधिकार से वंचित रख रही है।
जब कांग्रेस सरकार ने OBC वर्ग के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण वाला बिल विधानसभा में पारित कर दिया था, तो फिर आपकी सरकार को किस बात के लिए समय चाहिए।
प्रदेश के लाखों OBC वर्ग के बच्चे यह देख रहे हैं कि आपकी सरकार किस तरह उनके अधिकार छीनकर उनके साथ विश्वासघात कर रही है।
मेरा आपसे आग्रह है कि इन बच्चों की पीड़ा को समझते हुए, दलगत राजनीति से ऊपर उठकर, मध्य प्रदेश के युवाओं के भविष्य के लिए तत्काल 27 प्रतिशत आरक्षण लागू कीजिए।
ओबीसी आरक्षण की सुनवाई का बार-बार टलना अब केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि भाजपा सरकार की मंशा पर सीधा प्रश्न है।
सुप्रीम कोर्ट में सरकारी वकीलों द्वारा लगातार समय मांगते रहना यह संकेत देता है कि सरकार स्वयं ओबीसी वर्ग के अधिकारों पर गंभीरता से बात ही नहीं करना चाहती।
OBC वर्ग के साथ यह राजनीतिक धोखा है, जिस जनता ने भाजपा को प्रदेश में कई बार सत्ता सौंपी, जिसने ओबीसी वर्ग से कई मुख्यमंत्रियों को चुना, उसी ओबीसी समाज से भाजपा सरकार आज लगातार विश्वासघात कर रही है।
27% OBC आरक्षण कोई कृपा नहीं, यह संवैधानिक अधिकार और सामाजिक न्याय का प्रश्न है।
सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बावजूद इस तरीके का रवैया? भाजपा सरकार OBC आरक्षण अपना मत स्पष्ट करे!
#OBCReservation #SocialJustice #ConstitutionalRights #GovernmentAccountability
बहस की बजाय बार बार वक़्त मांगते हैं सरकारी वकील : सुप्रीम कोर्ट
27% OBC आरक्षण पर भाजपा सरकार का दोहरा चेहरा जनता के सामने एक बार फिर उजागर हो गया है ।
OBC आरक्षण लागू करना इस सरकार की प्राथमिकता ही नहीं है, यह सरकार OBC को अधिकार नहीं, सिर्फ़ जुमले देती है ।
#ओबीसी_विरोधी_भाजपा_सरकार
#OBCVirodhiBJPSarkar
हिन्दू एकता सम्मेलन चल रहा था, एक भाई ने ओबीसी आरक्षण की बात कर दी।
बस हिन्दू लोग को बुरा लग गया और फिर उसे मंच से उतारकर भगा दिया।
हिंदू एकता एक भ्रम है — यहां आप हिन्दू तब तक हैं जब तक मुस्लिमों से लड़ना है वरना आप ब्राह्मण, क्षत्रिय,दलित, पिछड़ा व गुर्जर हो जाते हैं।
🚨 मध्यप्रदेश में “हिंदू एकता” का सम्मेलन चल रहा था।
जैसे ही एक भाई ने OBC आरक्षण पर अपनी जायज़ चिंता रखी—उसे तुरंत मंच से उतार दिया गया।
यहाँ हिंदू होने की शर्त साफ़ है—अपने अधिकारों पर चुप रहो,आरक्षण की बात मत करो, सामाजिक न्याय मत माँगो।
✊🏽 क्या अधिकार माँगना अपराध है?
🚨मध्यप्रदेश में हिंदू एकता का सम्मलेन चल रहा था.
जैसे ही एक भाई ने मध्यप्रदेश में OBC आरक्षण पर अपनी चिंता व्यक्त की उसे मंच से तुंरत भगा दिया गया।
ये असलियत है, इसे स्वीकार कीजिए। आप तभी तक हिंदू हैं जबतक अपने अधिकार और आरक्षण पर मौन रहेंगे
🚨मध्यप्रदेश में हिंदू एकता का सम्मलेन चल रहा था.
जैसे ही एक भाई ने मध्यप्रदेश में OBC आरक्षण पर अपनी चिंता व्यक्त की उसे मंच से तुंरत भगा दिया गया।
ये असलियत है, इसे स्वीकार कीजिए। आप तभी तक हिंदू हैं जबतक अपने अधिकार और आरक्षण पर मौन रहेंगे।
MP में आज तक OBC समुदाय का 13% आरक्षण होल्ड किया गया।
OBC समुदाय देश की आबादी का 60% है, उन्हें उनका 27% आरक्षण तक नहीं मिला रहा और एंकर पूछती है कहां रुका आरक्षण।
प्रेम शुक्ला का तो क्या कहें। शुक्ला की तो मौज है!
इनका थोड़े हकमारी हुआ ही की इन्हें तकलीफ़ होगी!