आदत नहीं मुझे किसी की तरह बनने की,
शख्सियत अलग है मेरी — अपनी तरह चमकने की।
लोग कहते हैं किस्मत से चलता है ज़माना,
मैं कहता हूँ किस्मत भी औक़ात जानती है झुकने की।
#attitude#photochallenge#photography#trending
प्रिय देशवासियों ,
15 अगस्त केवल एक तारीख़ नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों के संघर्ष, बलिदान और सपनों का प्रतीक है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि तिरंगा सिर्फ़ झंडा नहीं, बल्कि न्याय, समानता और बंधुत्व की शपथ है। हमारी आज़ादी अधूरी है, जब तक देश का आख़िरी इंसान भी भय और भेदभाव से मुक्त होकर सम्मान के साथ न जी सके।
आज़ादी का असली अर्थ तभी पूरा होगा, जब देश में कोई भी व्यक्ति जाति, धर्म या लिंग के आधार पर भेदभाव का शिकार न हो और शिक्षा, रोज़गार व अवसर सभी को समान रूप से मिलें।
इस पावन अवसर पर हम सब एक शपथ ले — कि हम अत्याचार, भेदभाव और अन्याय के ख़िलाफ़ डटकर खड़े रहेंगे, और एक न्यायपूर्ण भारत के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।
आप सभी को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई एवँ मंगलकामनाएँ।
जय भीम! जय भारत!
#IndependenceDay2025
#स्वतंत्रता_दिवस
#August15
जिला वाराणसी के मिर्जामुराद थाना क्षेत्र के करधना गांव में दलित युवक शुभांकर चमार के साथ हुई घटना न सिर्फ अमानवीय है, बल्कि जातिवादी सोच का जहर भी उजागर करती है।
पंजा लड़ाने में हारने पर जातंकवादियों ने उसके मुंह पर थूका, जातिसूचक गालियां दीं और लाठी–डंडा व धारदार हथियार से जानलेवा हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। बेहोशी की हालत में उसे छोड़कर आरोपी फरार हो गए।
इससे भी ज्यादा शर्मनाक यह है कि शुरुआत में पुलिस ने पीड़ित परिवार की बात तक नहीं सुनी — यह साफ दिखाता है कि उत्तर प्रदेश में दलितों के लिए न्याय पाना कितना मुश्किल कर दिया गया है।
हम @UPGovt से माँग करते हैं कि—
1. सभी आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी हो।
2. SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम की सख्त धाराओं के तहत फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई हो।
3. पीड़ित को सरकारी सुरक्षा और उचित मुआवजा दिया जाए।
@CMOfficeUP@myogiadityanath
पूरे देश के आदिवासी और हाशिये पर खड़े लोगों के मार्गदर्शक, झारखंड के महान जननायक ‘दिशोम गुरु’ शिबू सोरेन जी के निधन पर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करने मुख्यमंत्री @HemantSorenJMM जी से पैतृक गांव नेमरा पहुंचकर मुलाकात की।
शिबू जी ने राजनीति को सत्ता का साधन नहीं, बल्कि अपने लोगों के अधिकारों की लड़ाई का हथियार बनाया। उनकी विरासत हर न्यायप्रिय इंसान को संघर्ष के लिए प्रेरित करती रहेगी।
उन्होंने राजनीति को सत्ता पाने का साधन नहीं, बल्कि अपने लोगों के अधिकार वापस लेने का हथियार माना।
वे झारखंड के पहले ऐसे बड़े नेता थे जिन्होंने खुलेआम कहा —
"जमीन, जंगल, और जल हमारी पहचान है, इसे छीनने वालों से समझौता नहीं होगा।"
उनकी यही सोच उन्हें "दिशोम गुरु" बनाती है...
ऐसे जननायक को मेरी विन्रम आदरांजलि...
#DishomGuru #ShibuSoren
आज संसद भवन परिसर में उन कर्मचारियों की आवाज़ बुलंद की, जो वर्षों से देश की सेवा कर रहे हैं और अब अपने बुढ़ापे के सहारे पुरानी पेंशन से वंचित किए जा रहे हैं।
ये वही कर्मचारी हैं जिन्होंने जीवन का सबसे सुनहरा समय देश और समाज की सेवा में समर्पित कर दिया। उन्होंने अपने खून-पसीने से सरकारी तंत्र को चलाया, न्याय दिलाया, योजनाओं को गांव-गांव तक पहुँचाया और देश की प्रगति का रास्ता बनाया। आज रिटायरमेंट के बाद जीवन का सबसे बड़ा सहारा पुरानी पेंशन उनसे छीनकर बाजार आधारित NPS का झुनझुना उन्हें पकड़ा दिया गया है।
NPS शेयर बाजार का खेल है, जबकि OPS में राज्य की गारंटी होती है। क्या एक कर्मचारी को अपने भविष्य की सुरक्षा शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव पर छोड़ देना न्याय है?
👉 आज राजस्थान, छत्तीसगढ़, झारखंड, और हिमाचल जैसे कई राज्य पुरानी पेंशन योजना की वापसी कर चुके हैं। तो केंद्र सरकार चुप क्यों है?
2004 में तत्कालीन भाजपा सरकार ने जो ऐतिहासिक गलती की थी, मौजूदा प्रधानमंत्री @narendramodi जी के पास उसे सुधारकर लाखों-करोड़ों कर्मचारियों के भविष्य से जुड़े इस मुद्दे को हल करने का मौका है।
OPS को समाप्त करना इन संवैधानिक मूल्यों के खिलाफ है।
अनुच्छेद 21 – जीवन और गरिमा का अधिकार।
अनुच्छेद 41 – राज्य वृद्धावस्था में सुरक्षा देगा।
@AzadSamajParty कर्मचारियों के हित से जुड़े इस मुद्दे में पूरी तरीके से उनके साथ खड़ी है। साथ ही @mygovindia@DOPPW_India@PIBPersMin से मांग करती है कि–
1–नई पेंशन स्कीम (NPS) को समाप्त कर सभी केंद्र व राज्य कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन स्कीम (OPS) बहाल की जाए।
2. जो राज्य OPS लागू करना चाहते हैं, उन्हें केंद्र सरकार का पूर्ण सहयोग दिया जाए।
3. कर्मचारियों के वृद्धावस्था के सम्मानजनक जीवन के लिए एक राष्ट्रीय नीति बनाई जाए।
यह सिर्फ एक आर्थिक मुद्दा नहीं है — यह सामाजिक सुरक्षा और सम्मान का मुद्दा है।
बूढ़े मां-बाप की तरह, एक सेवानिवृत्त कर्मचारी को भी सुरक्षा चाहिए-न कि शेयर बाजार की सट्टेबाजी।
जय भीम, जय भारत, जय संविधान।
भारत सहित पुरी दुनिया में रहने वाले भीम आर्मी के सभी कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों एवं समर्थकों को भीम आर्मी भारत एकता मिशन के 10 वें स्थापना दिवस की हार्दिक बधाई एवं मंगलकामनाएं।
भीम आर्मी का एक सामान्य कार्यकर्ता होने पर मुझे गर्व महसूस होता है। जय भीम, नीला सलाम, जय संविधान।