ग्रेटर नोएडा के दनकौर में BSP कोऑर्डिनेटर आकाश आनंद ने जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि देश में युवा बेरोजगार घूम रहे हैं और सरकार युवाओं को नौकरी नहीं दे रही है। जनसभा के दौरान आकाश आनंद ने जेवर विधानसभा सीट से सतवीर सिंह नागर को BSP प्रत्याशी घोषित किया।
#AkashAnand#BSP #Jewar
आज दिनांक 25-08-2026 को जनपद गौतमबुद्ध नगर विधानसभा जेवर में बहुजन समाज पार्टी द्वारा आयोजित विशाल कार्यकर्ता सम्मेलन में आदरणीय बहनजी का संदेश लेकर पहुंचे बहुजन समाज पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक माननीय श्री आकाश आनंद जी का संबोधन साथ ही श्री सतवीर नागर जी को जेवर विधानसभा में बसपा का प्रभारी/प्रत्याशी घोषित करते हुए।
"इस बार वोट हाथी को
अपने पुराने साथी को"
#बहनजी_का_संदेश
#युवाओ_की_आस_आकाश
#जयभीम #मिशन_2027
#नोएडा #lucknow #BSP
बसपा अध्यक्ष मायावती ने आज कहा पंजाब में कार्यकर्ता पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी 9 अक्टूबर को कांशीराम जयंती बड़े पैमाने पर मनाएं।
उत्तरप्रदेश उत्तराखंड की तरह पंजाब में भी अकेले चुनाव लड़ने की बात की
लोग फर्जी 9 अक्टूबर लखनऊ में रैली की खबरें प्रचारित करते हैं रीच के लिए ।
ग्रेटर नोएडा : BSP कॉर्डिनेटर आकाश आनंद की जनसभा आज
➡️दनकौर के आदर्श इंटर कॉलेज में करेंगे जनसभा
➡️मायावती का गृहजनपद है गौतमबुद्ध नगर
#GreaterNoida#BSP
जातिवादियों का गिरोह गुप्त चर्चा कर रहा है आरक्षण हटाना है मगर अभी सिर्फ सुधार की बात करेंगे।
उसमें भी एक टकला बाबा कह रहा है-सिर्फ रिफॉर्म की बात करेंगे मगर ये भी मायावती को पसंद नहीं आ रहा है।
15 साल हो गए सरकार गए हुए, खौफ़ फिर भी नहीं निकल पा रहा है🔥
1. दिल्ली के जंतर मंतर पर संविधान में एस.सी., एस.टी. व ओ.बी.सी. समाज को दिये गये आरक्षण के विरुद्ध अभी हाल ही में जमा हुये कुछ लोगों द्वारा आर्थिक आधार पर आरक्षण को लागू करने की उठाई गई यह नई माँग कतई भी उचित व देशहित में नहीं है। उन्हें आरक्षण के सम्बंध में ऐसा कोई कार्य नहीं करना चाहिये जिससे समतामूलक समाज, विकसित व सम्मानित देश बनाने के संवैधानिक कार्यों को आघात पहुँचे।
2. वैसे भी देश में सदियों से जातिवाद की अमानवीयता का शिकार रहे एस.सी., एस.टी. व ओबीसी समाज के लोगों हेतु संविधान में की गई आरक्षण की व्यवस्था के बारे में परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर का यह कहना था कि ’जातिवाद का परित्याग ही सबसे बड़ी देशभक्ति है’। अतः लोग सही देशभक्ति का परिचय ज्यादा दें तो यही उचित होगा।
3. जहाँ तक आर्थिक आधार पर आरक्षण देने की बात है, तो केन्द्र व राज्य सरकारों द्वारा भी ग़रीबी उन्मूलन के एक नहीं बल्कि अनेकों कार्यक्रमों पर काफी सरकारी धन हर वर्ष ख़र्च किया जाता है, किन्तु उसमें व्याप्त भ्रष्टाचार आदि के कारण इसका सही लाभ अगर देश के लोगों को नहीं मिलता है तो यह तो सरकारी व्यवस्था का सीधा-सीधा दोष है।
4. इसके अलावा, आर्थिक आधार पर आरक्षण की नई व्यवस्था भी देश में लागू है, जिसका भी सही लाभ अपरकास्ट समाज के ग़रीब परिवारों को नहीं मिल पा रहा है बल्कि इसमें छलावा अधिक है।
5. वास्तव में ख़ासकर यही वह भ्रष्ट व जातिवादी सरकारी व्यवस्था है जिसने आरक्षण के संवैधानिक रचनात्मक प्रावधान को कभी सही से ज़मीन पर लागू ही नहीं होने दिया है, जिस कारण एससी, एसटी व ओबीसी समाज के लोग, आज़ादी के इतने लम्बे अरसे के बाद आज तक भी, ग़रीबी, जातिवादी द्वेष, शोषण, अत्याचार व जातिवाद के ज़हर का दंश हर दिन हर स्तर पर लगातार झेलते रहते हैं।
6. अतः सभी सरकारें भी आरक्षण विरोधी तत्वों को शरण व संरक्षण बिल्कुल भी ना दें तो यह व्यापक देश व जनहित में होगा। लोगों से भी अपील है कि वे आरक्षण जैसे अहम् एवं संवेदनशील मुद्दे पर सस्ती राजनीति ना करें और ना ही होने दें।
7. हालाँकि उसी ही दिन पार्लियामेन्ट थाना के बाहर एक पीड़ित व्यक्ति के मामले में एफआईआर दर्ज कराने के लिए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता श्री राहुल गाँधी कई घन्टों तक धरने पर बैठे रहे, जिसका पार्टी को कोई ऐतराज़ नहीं है।
ऽ लेकिन उसके बग़ल में जंतर-मंतर पर दलित व शोषितों के जातीय आधार पर दिये जाने वाले आरक्षण को ख़त्म करवाने के लिए धरना-प्रदर्शन भी चल रहा था, वहाँ पर वे व उनका कोई भी कांग्रेसी साथी उन्हें समझाने तक के लिये भी नहीं गये, जिससे इन वर्गों के प्रति इनकी आरक्षण विरोधी मानसिकता अभी भी साफ झलकती है।
1. जैसाकि सर्वविदित है कि समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख द्वारा अपनी पुरानी सहयोगी पार्टी राष्ट्रीय लोकदल व उस पार्टी के नेता केन्द्रीय मंत्री के बारे में यह सार्वजनिक बयान देना कि ’हमने इनको चवन्नी से रुपया बना दिया है’, यह कहना पूर्णतः अमर्यादित, अशोभनीय व अति-शर्मनाक है तथा इस प्रकार की अहंकारी व अलोकतांत्रिक बयानबाज़ी के लिये उन्हें उस पार्टी से व उनके नेता से ही नहीं बल्कि स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह जी के परिवार का अपमान करने हेतु पूरे जाट समाज से भी अविलम्ब माफी माँगनी चाहिये तो यह उचित होगा।
2. वैसे देश की राजनीति में सपा का चाल, चरित्र व चेहरा अपने विरोधी पार्टियों के लिये ही नहीं बल्कि अपने सहयोगियों के लिये भी हमेशा से राजनीतिक संकीर्णता व जातिवादी द्वेष आदि से ग्रसित ज़्यादातर अप्रिय और अविश्वसनीय ही रहा है, जिस कारण इसका राजनीतिक एवं चुनावी लाभ भी अक्सर मौक़ों पर भाजपा ही उठाती रही है और सेक्युलर ताक़तें कमज़ोर होती रहीं हैं।
3. इस पार्टी के इसी प्रकार के अति-अहंकारी स्वाभाव के कारण पहले सन् 1993 में, यू.पी. में श्री मुलायम सिंह यादव के साथ सपा व बसपा का बना गठबन्धन जल्दी ही टूट गया, जिसके फलस्वरूप दिनांक 2 जून 1995 को मेरी हत्या करने के षडयन्त्र के तहत् मेरे विरुद्ध कुख्यात लखनऊ स्टेट गेस्ट हाऊस काण्ड हुआ।
और फिर आगे चलकर इनके बेटे श्री अखिलेश यादव द्वारा, इनके पिता की तरह पुरानी ग़लतियों को फिर से ना दोहराने का आश्वासन देते हुये, लोकसभा का चुनावी गठबन्धन हुआ जो चुनाव का नतीजा इनके अनुरुप ना आने की वजह से कुछ समय के बाद ही बी.एस.पी. के प्रति इनके अहंकारी व स्वार्थी आदि रवैये के कारण फिर यह गठबन्धन भी टूट गया, क्योंकि परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर के आत्म-सम्मान व स्वाभिमान के कारवाँ वाली पार्टी बी.एस.पी. व उसकी नेतृत्व ’सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ की सर्वसमाज हितैषी अम्बेडकरवादी नीतियों व सिद्धान्तों से कदापि विमुख नहीं हो सकती है।
4. अब संक्षेप में यही कहना है कि यह पार्टी (सपा) गठबन्धन के मामले में केवल अपना काम निकालना जानती है और अपना काम निकलते ही फिर यह पार्टी गिरगिट की तरह अपना रंग बदल लेती है तथा दूसरी पार्टी के बारे में अनाप-शनाप भाषा का भी ख़ूब इस्तेमाल करती रहती है, जो कि यह सपा का पुराना रवैया है। ऐसे में सर्वसमाज के लोग सपा की संकीर्ण व जातिवादी राजनीति से ज़रूर सावधान रहें।
5. इसके साथ ही, यह बात भी जग-ज़ाहिर है कि सपा मुखिया श्री अखिलेश यादव अपने राजनैतिक स्वार्थ के लिए अपने PDA में से P को कभी पिछड़ा वर्ग, तो कभी P को पण्डितों का हितकारी बता देते हैं, जबकि इनके बारे में सच्चाई तो यह है कि वे पिछड़े वर्गों में अपनी ख़ुद की जाति के अलावा बाकी पिछड़े वर्गों, अल्पसंख्यकों तथा अपरकास्ट समाज में से ख़ासकर ब्राह्मण समाज के भी क़तई हितैषी नहीं रहे हैं।
6. इतना ही नहीं बल्कि इस पार्टी (सपा) की सभी रही सरकारों में दलितों, पिछड़ों, अक़लियतों, अपरकास्ट समाज में से विशेषकर ब्राह्मण समाज का भी काफी शोषण व उत्पीड़न आदि किया गया है तथा ना ही इनके हितों में कोई भी सकारात्मक क़दम उठाये गये हैं, बल्कि इनकी सरकार में वास्तव में केवल गुण्डों, बदमाशों, माफियाओं व अन्य अराजक तत्वों का ही भला हुआ है और साथ ही इनकी सरकार में दिन-छिपने के बाद हमारी बहिन-बेटियाँ भी घर से बाहर नहीं निकल सकती थीं। ऐसे में सर्वसमाज के लोग यू.पी. आगामी विधानसभा आमचुनाव में इस पार्टी (सपा) को सत्ता में क़तई भी ना आन दें, जो यह उनके हित में होगा।
1. जेन-अल्फा अर्थात् सन् 2013 के बाद जन्मे बच्चे-बच्चियों में भी ख़ासकर अपने थोड़े ’अच्छे दिन’ की उम्मीद लगाये स्कूली छात्र-छात्रायें व उनके माता-पिता भी सुखी भविष्य हेतु अच्छी शिक्षा को लेकर हमेशा चिन्तित ही नहीं बल्कि उसके लिये लगातार काफी जद्दोजहद भी करते रहे हैं, किन्तु देश भर में व विशेषकर यूपी एवं उत्तर भारत के राज्यों के स्कूलों के बदतर हालत की कड़वी ज़मीनी हक़ीक़त के कारण वे लोग अति-मुखर होे गये हैं।
2. वे लोग जेन-जी अर्थात् कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के देशव्यापी ’स्कूल ठीक करो’ अभियान में काफी बढ़चढ़ कर व पूरे उत्साह के साथ भाग ले रहे हैं।
3. किन्तु यह बड़े दुख और चिन्ता की बात है कि जिन मासूम बच्चे-बच्चियों के हंसने-खेलने व पढ़ने-लिखने के दिन हैं, उन्हें अपनी प्रारम्भिक स्कूली शिक्षा हेतु बुनियादी सुविधाओं के लिये भी सड़कों पर संघर्ष करने को मजबूर होना पड़ रहा है।
4. वैसे परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर के ’शिक्षित बनो’ आह्वान के कारण शिक्षा में भी ख़ासकर स्कूली शिक्षा ’बहुजन समाज’ के लोगों के लिये हमेशा विशेष चिन्ता की बात रही है, और इसी के तहत् हमारी पार्टी बी.एस.पी. ने इन दबे-कुचले व शोषित-पीड़ित समाज के लोगों की, जिनकी केन्द्र व राज्य में रही सरकारें लगातार उपेक्षा करती रहीं हैं, उनके हित व कल्याण एवं शिक्षा आदि के लिये यूपी में मेरे नेतृत्व में बी.एस.पी. की सभी चारों रही सरकारों में पूरा-पूरा ध्यान दिया गया, ताकि बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर द्वारा निर्मित मानवतावादी एवं कल्याणकारी भारतीय संविधान के हिसाब से उन सभी परिवार वालों को रोटी-रोजी व शिक्षा-युक्त आत्म-सम्मान का समतामूलक जीवन नसीब हो सके।
5. किन्तु यह बड़े दुख व चिन्ता की बात है कि सरकारी स्कूल की व्यवस्था को बेहतर बनाने की तरफ समुचित ध्यान देने के बजाय सभी सरकारों ने ज़्यादातर इसकी घोर अनदेखी ही की है तथा इस पूरी शिक्षा व्यवस्था को एक प्रकार से, इन वर्गों के आरक्षण की तरह ही, काफी हद तक निष्क्रिय बनाने का कुचक्र चलाया हुआ है और इस प्रक्रिया में हज़ारों सरकारी स्कूल बंद भी किये जा रहे हैं, जिसका भी विरोध बी.एस.पी. ने लगातार किया है और अब स्कूलों के भवन, शिक्षक, पेयजल, शौचालय व साफ-सफाई आदि जैसी बुनियादी ज़रूरतों की अत्यन्त कमी को लेकर नन्हें जेन-अल्फा स्वंय अति-मुखर होने के साथ-साथ अब आन्दोलित भी हैं।
6. अतः यूपी सहित अन्य राज्यों की भी सभी सरकारें जेन-अल्फा के मासूम बच्चे-बच्चियों की बेहतर शिक्षा व्यवस्था सम्बंधी उनकी ज़रूरतों/माँगों पर पूरी सहानुभूति के साथ सही नीयत व नीति से तत्काल ध्यान देना प्रारंभ करें और उनके विरुद्ध कोई भी सरकार बल का प्रयोग करने से पूरी तरह से बचें तो यह उचित होगा।
1. देश में वन्दे मातरम् गायन को पूरा गाना है या शुरू के दो छंद (पैरा) गाना है या नहीं गाना है, इसको लेकर जो इस समय में देश में राजनीति चल रही है, यह ठीक नहीं है और इस मामले में हमारी पार्टी का यही कहना है कि वन्दे मातरम् गायन को लेकर अभी हाल ही में संसद में जो क़ानून पास किया गया है यह कोई पहली बार ऐसा नहीं हो रहा है।
2. क्योंकि केन्द्र व राज्यों में भी सत्ता परिवर्तन के दौरान् सभी पार्टियाँ अपने राजनैतिक स्वार्थ/फ़ायदे के हिसाब से या फिर अपनी कमियों पर से जनता का ध्यान बाँटने के लिए यह सब करती रहती हैं अर्थात् एक-दूसरे के बने क़ानूनों को बदलती रहती हैं।
3. जबकि इस समय देश व जनहित के मुद्दों पर व ख़ासकर बेरोज़गार युवाओं व छात्र-छात्राओं ’जेन-जी’ व स्कूली बच्चे-बच्चियों की ’जी-अल्फा’ एवं इस समय देश के कुछ भागों में भयंकर आई बाढ़ से हो रही जान-माल की हानि आदि के अनेकों और भी अति-महत्वपूर्ण मुद्दों पर केन्द्र व सभी राज्य सरकारों को तथा साथ ही सभी राजनैतिक पार्टियों को भी सही से समुचित ध्यान देना चाहिये, यही वर्तमान में देश व जनहित में समय की सबसे ज़रूरी माँग भी है।
गरीबों के मसीहा, बलिया के जननायक एवं बसपा विधायक उमाशंकर सिंह जी के स्मृति में तेरहवीं/श्रद्धांजलि सभा में उनके निवास बलिया खनवर में आज फिर बड़े बड़े पर्दों पर बहन मायावती जी ने जो उमाशंकर जी के अंदर जो बहनजी और बसपा के प्रति सम्मान, प्रेम और विश्वास था उसे मीडिया के माध्यम से जन जन को बताया था उसे याद किया जा रहा हैं।
बहन मायावती जी और विधायक उमाशंकर सिंह का जो भाई-बहन का रिश्ता था और एक दूसरे के प्रति समर्पित थे उनके अंदर विश्वास था जो कभी एक दूसरे ने टूटने नहीं दिया और उनके जाने के बाद बहनजी ने कहा कि उनके बेटे का साथ कभी नहीं छोड़ेंगे और जितना सम्मान और महत्व उमाशंकर सिंह जी के लिए था वैसे उनके बेटे के लिए रहेगा।
यूपी के ज़िला अम्बेडकरनगर में वरिष्ठ आईपीएस अफसर श्री आशुतोष मिश्रा के लगभग 91-वर्षीय बुजुर्ग माता की हुई हत्या अति-दुखद तथा प्रदेश में क़ानून-व्यवस्था के हिसाब से अति-चिन्तनीय। ऐसी घटना को लेकर लोगों की यह आशंका वाजिब है कि जब हत्या जैसी जघन्य घटना पुलिस अधिकारी के परिवार के साथ हो सकती है तो आमजन की सुरक्षा का क्या होगा? सरकार इस घटना का उचित संज्ञान ले और दोषियों के ख़िलाफ सख़्त क़ानूनी कार्रवाई करे जो यह अत्यन्त ज़रूरी है।
1. उत्तराखण्ड स्टेट के हल्द्वानी में अभी हाल ही में, कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खड़गे के हुये प्रोग्राम के बाद उनके मंच का दलित होने की वजह से शुद्धीकरण किया गया है। यह जानकारी कल संसद के ज़रिये भी देश को मिली है। यह मामला अति-निन्दनीय व चिन्तनीय है तथा वहाँ कि सरकार बिना कोई देरी किये हुये ऐसे जातिवादी एवं सामन्ती तत्वों के विरुद्ध सख़्त क़ानूनों के तहत् उचित कार्रवाई करके उन्हें जेल भेजे।
2. साथ ही, इस घटना आदि के सम्बंध में आर.एस.एस. के मुखिया को भी संज्ञान लेकर ज़रुर गंभीरता से सोचना चाहिये जो कि दलितों के आर्थिक तौर पर थोड़ा मज़बूत हुये लोगों को आरक्षण से वंचित करने की बात कर रहें हैं।
3. इसके इलावा, अभी हाल ही में महाराष्ट्र के नान्देड़ में शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख श्री सुखबीर सिंह बादल पर किये गये हमले की घटना भी अति-दुःखद व चिन्तनीय है। केन्द्र व महाराष्ट्र की सरकार इस घटना को पूरी गम्भीरता से लेते हुये दोषियों के विरुद्ध सख़्त क़ानूनी कार्रवाई करे।
1. जैसाकि सर्वविदित है कि FCRA संशोधन बिल, जिसे सरकार अति-महत्वपूर्ण बताकर अन्य विधेयकों की तरह ही इसे तुरन्त पास कराना चाहती थी, किन्तु विपक्ष के ज़बरदस्त विरोध के चलते व संसद में इस पर बिना प्रारम्भिक चर्चा के ही इसे कल काफी आपाधापी में संयुक्त संसदीय समिति (JPC) को भेज दिया गया है।
2. वैसे इस एफसीआरए संशोधन बिल को कांग्रेस पार्टी व इनके सहयोगी दल सीधे तौर पर अल्पसंख्यक विरोधी बताकर इस बिल को वापस लेने की माँग कर रहे हैं, जबकि सरकार इसे विदेश फण्डिंग के उपयोग में कथित भ्रष्टाचार से जोड़कर इसमें कठोर बदलाव करना चाहती है। इससे स्पष्ट है कि इस बिल का सत्ता व विपक्ष दोनों ने ही राजनीतिकरण ज़्यादा कर दिया है।
3. बेहतर होता यदि विपक्ष कल इस विधेयक को रखने के दौरान् संसद को चलने देता और इसकी कमियोें को उजागर करता तो उसे पूरा देश जानता, लेकिन इन्होंने संसद को ही अपनी ज़िद के हिसाब से नहीं चलने दिया।
4. इतना ही नहीं बल्कि ऐसे अनेकों और बिल भी विपक्ष द्वारा संसद को नहीं चलने देने की वजह से सरकार ने उन्हें मिनटों में पास करा दिये हैं, जिन्हें इनको रोकना चाहिये था, जो विपक्ष ने ऐसा नहीं किया, जिसका सरकार अपने पक्ष में पूरा फायदा उठा रही है। इससे विपक्ष की या तो अन्दरुणी मिलीभगत लगती है या फिर जेन-जी (Gen Z) के वोटों के स्वार्थ में इन्हें देश के अन्य मुद्दे बिल्कुल भी नज़र नहीं आ रहे हैं। हालाँकि वर्तमान हालात में जेनजी की समस्याओं के मुद्दे को प्राथमिकता देते हुये इनको जनहित के अन्य मुद्दों को भी महत्व देना चाहिये था।
5. इसके साथ ही, इनको अयोध्या में राममन्दिर के चढ़ावे में गड़बड़ी का अर्थात् इसके भ्रष्टाचार का मुद्दा भी संसद में उठाना चाहिये था, जिसे भी अब विपक्ष ने अपने राजनैतिक स्वार्थ में उसे पीछे कर दिया है, जबकि इस पर संसद में चर्चा होना बहुत ज़रूरी है।
6. ऐसे में देश की जनता, सत्ता व विपक्ष के बीच इस समय संसद सत्र के दौरान् भी चल रही उनके अपने-अपने राजनैतिक स्वार्थ की लड़ाई से पूरी तरह से सचेत रहते हुये अपनी एकमात्र अम्बेडकरवादी बहुजन समाज पार्टी, जो ’सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ की नीतियों व सिद्धान्तों के आधार पर पूरी ईमानदारी व निष्ठा से चल रही है, उससे देश व आम-जनहित में जुड़े, यही समय की माँग व सर्वसमाज के हित में भी है।
STORY | Behen Ji to Gen Z, students: Stay away from BJP-Congress politics
BSP supremo Mayawati on Tuesday appealed to students and Gen Z to stay away from what she claimed were "conspiracies" of both the ruling and opposition camps, as she accused the BJP and the Congress of trying to "hijack" youth protests for their own political interests.
Addressing select media here, the former Uttar Pradesh chief minister said students and young people across the country were deeply concerned about their problems, and the BSP remained "serious and sensitive" towards addressing them.
The appeal by Mayawati, also fondly referred to as Behen Ji, comes a day after Bahujan Samaj Party national coordinator and her nephew Akash Anand made an emphatic outreach bid to Gen Z and the youth during a party rally in Hathras district.
Mayawati also accused the BJP and the Congress of disrupting Parliament over various issues, alleging that this was either an "internal collusion" to divert public attention from shortcomings of their governments or a conspiracy to capture power.
Mayawati claimed neither the BJP nor the Congress was serious about addressing issues of youth.
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भारत के Genz बेरोजगार हैं शिक्षा व्यवस्था में बदलाव चाहता हैं सरकार से जवाबदेही चाहता हैं
उसको उसकी जनरेशन का नेता चाहिए जो उसकी बात समझ सके।
हाथरस की जनसभा में आकाश आनंद ने Genz जनरेशन के शिक्षा और बेरोजगारी के मुद्दों को एड्रेस किया भाजपा से जनता का पैसा विज्ञापन पर बर्बाद करने पर जमकर सवाल पूछा।
आकाश 30 साल के आसपास हैं इसलिए Genz जनरेशन के मुद्दे समझते और उस पर जमकर बोलते हैं।
आगामी दिनों में आकाश आनंद भारत में उभरते हुए Genz लीडर बनने की पुरी काबलियत रखते हैं
Genz जनरेशन के लोग अपनी उम्र के लोगों से अच्छा कनेक्ट करते हैं 50-56 साल के अंकलऔर 74 साल के बूढ़ो से से उनका ताल मेल कम बनता हैं।
आज सदन में राजस्थान के डांगावास में 2015 में दलितों(मेघवाल) की ट्रेक्टर से कुचलकर हत्या कर दी गयी थी साथ ही गुजरात के ऊना कांड, बिहार, कर्नाटक के दलित नरसंघहार पर बात रखकर कोर्ट के द्वारा उन हत्यारों को बारी किया गया. इस विरोधाभासी फैसले पर अपनी बात रखी.
बहुजन समाज पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं वरिष्ठ अधिवक्ता आदरणीय श्री सतीश चन्द्र मिश्रा जी को वकालत के क्षेत्र में 50 वर्ष पूर्ण करने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
कोर्ट से लेकर संसद तक दलित, शोषित और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए उनका निरंतर कार्य, विशेषकर दृष्टिबाधित एवं दिव्यांगजनों की शिक्षा और अधिकारों के लिए उनका योगदान, हम सभी के लिए महत्वपूर्ण है।
एक युवा कार्यकर्ता के रूप में उनके लंबे अनुभव और सार्वजनिक जीवन से बहुत कुछ सीखने को मिलता है।
श्री सतीश मिश्रा जी को स्वस्थ एवं सक्रिय जीवन की शुभकामनाएं।