1. जैसाकि सर्वविदित है कि FCRA संशोधन बिल, जिसे सरकार अति-महत्वपूर्ण बताकर अन्य विधेयकों की तरह ही इसे तुरन्त पास कराना चाहती थी, किन्तु विपक्ष के ज़बरदस्त विरोध के चलते व संसद में इस पर बिना प्रारम्भिक चर्चा के ही इसे कल काफी आपाधापी में संयुक्त संसदीय समिति (JPC) को भेज दिया गया है।
2. वैसे इस एफसीआरए संशोधन बिल को कांग्रेस पार्टी व इनके सहयोगी दल सीधे तौर पर अल्पसंख्यक विरोधी बताकर इस बिल को वापस लेने की माँग कर रहे हैं, जबकि सरकार इसे विदेश फण्डिंग के उपयोग में कथित भ्रष्टाचार से जोड़कर इसमें कठोर बदलाव करना चाहती है। इससे स्पष्ट है कि इस बिल का सत्ता व विपक्ष दोनों ने ही राजनीतिकरण ज़्यादा कर दिया है।
3. बेहतर होता यदि विपक्ष कल इस विधेयक को रखने के दौरान् संसद को चलने देता और इसकी कमियोें को उजागर करता तो उसे पूरा देश जानता, लेकिन इन्होंने संसद को ही अपनी ज़िद के हिसाब से नहीं चलने दिया।
4. इतना ही नहीं बल्कि ऐसे अनेकों और बिल भी विपक्ष द्वारा संसद को नहीं चलने देने की वजह से सरकार ने उन्हें मिनटों में पास करा दिये हैं, जिन्हें इनको रोकना चाहिये था, जो विपक्ष ने ऐसा नहीं किया, जिसका सरकार अपने पक्ष में पूरा फायदा उठा रही है। इससे विपक्ष की या तो अन्दरुणी मिलीभगत लगती है या फिर जेन-जी (Gen Z) के वोटों के स्वार्थ में इन्हें देश के अन्य मुद्दे बिल्कुल भी नज़र नहीं आ रहे हैं। हालाँकि वर्तमान हालात में जेनजी की समस्याओं के मुद्दे को प्राथमिकता देते हुये इनको जनहित के अन्य मुद्दों को भी महत्व देना चाहिये था।
5. इसके साथ ही, इनको अयोध्या में राममन्दिर के चढ़ावे में गड़बड़ी का अर्थात् इसके भ्रष्टाचार का मुद्दा भी संसद में उठाना चाहिये था, जिसे भी अब विपक्ष ने अपने राजनैतिक स्वार्थ में उसे पीछे कर दिया है, जबकि इस पर संसद में चर्चा होना बहुत ज़रूरी है।
6. ऐसे में देश की जनता, सत्ता व विपक्ष के बीच इस समय संसद सत्र के दौरान् भी चल रही उनके अपने-अपने राजनैतिक स्वार्थ की लड़ाई से पूरी तरह से सचेत रहते हुये अपनी एकमात्र अम्बेडकरवादी बहुजन समाज पार्टी, जो ’सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ की नीतियों व सिद्धान्तों के आधार पर पूरी ईमानदारी व निष्ठा से चल रही है, उससे देश व आम-जनहित में जुड़े, यही समय की माँग व सर्वसमाज के हित में भी है।
उत्तर प्रदेश में बी.एस.पी. सरकार में स्वास्थ्य मंत्री रहे श्री अनन्त कुमार मिश्रा उर्फ अन्टू मिश्रा को उनकी पार्टी विरोधी गतिविधियों आदि के फलस्वरूप आज तत्काल प्रभाव से उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है।
वैसे भी अब जबकि ख़ासकर उत्तर प्रदेश में चुनावी माहौल काफी गरमाया हुआ है, पार्टी के सभी स्तर के लोगों को विरोधियों के सभी प्रकार के साम, दाम, दण्ड, भेद आदि हथकण्डों से सावधान रहते हुये अपनी पूरी ईमानदारी व निष्ठा के साथ बी.एस.पी. के अम्बेडकरवादी मिशन को आगामी विधानसभा आमचुनाव में सफल बनाने में पूरे जी-जान से लगे रहना है, यही संदेश व अपील भी है।
1. जैसाकि सर्वविदित है कि बी.एस.पी. ’सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ की नीतियों एवं सिद्धान्त पर चलने वाली विशिष्ट पहचान वाली पार्टी है, जो किसी भी समाज के व्यक्ति विशेष से ज़्यादा, परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर के पवित्र संविधान की सच्ची मंशा के मुताबिक़, सर्वसमाज के हित व कल्याण के लिये समर्पित है और इसीलिये पार्टी में नेताओं की नहीं बल्कि पूरे तन, मन, धन से समर्पित अम्बेडकरवादी कार्यकर्ताओं की ही फौज हर स्तर पर अधिकतर सक्रिय है। यही मान्यवर श्री कांशीराम जी द्वारा पार्टी व मूवमेन्ट के हित में स्थापित परम्परा भी है।
2. इसीलिये ब्राह्मण समाज व अन्य सभी समाज के जो भी लोग अभी तक पार्टी से निकाले गये हैं या निकाले जा रहे हैं या वे अपने निजी स्वार्थ में दूसरी पार्टियों में चले गये हैं या फिर वे अपने ग़लत कारनामों की वजह से उनसे बचने के लिये ख़ासकर सत्ताधारी पार्टी में शामिल हो गये हैं, तो उनका पार्टी के प्रति समर्पण भाव लोगों की निगाह में भी उनके कार्यों के ऑकलन के आधार पर काफी सशंकित व निराशाजनक बना रहा है, क्योंकि ख़ासकर बी.एस.पी. सरकार के दौरान भी ऐसे लोगों ने अपने निजी व पारिवारिक स्वार्थ के लिए ही पार्टी से फायदा ज़्यादा उठाया है और अपने समाज व पार्टी के हित के लिए वे लोग अधिकतर निष्क्रिय व उदासीन ही बने रहे हैं।
3. इतना ही नहीं बल्कि इन्हीं सब कारणों से उन लोगों ने अपनेे समाज को भी सही से बी.एस.पी. में नहीं जोड़ा है, जो कि पार्टी की अपेक्षा के विरुद्ध इनका यह सब कृत्य होने की वजह से पिछले कई लोकसभा व विधानसभा आमचुनावों में पार्टी को काफी नुकसान भी उठाना पड़ा है, जो किसी से भी छिपा हुआ नहीं है।
4. किन्तु उसके बाद से पार्टी में लम्बे अरसे से ईमानदार व हर मामले में पार्टी के प्रति लगातार समर्पित एवं निष्ठावान चले आ रहे पार्टी के वरिष्ठ लोगों द्वारा आएदिन नये कर्मठ व ईमानदार लोगों व ख़ासकर युवाओं को पार्टी की नर्सरी में तैयार किया जाता रहा है, जो यह अभियान पूरी तरह से जारी है।
5. और अब वे लोग काफी हद तक पार्टी की अपेक्षा के अनुसार जी-जान से लगातार लगे हुये हैं। पार्टी को पूरी उम्मीद है कि ये सभी नये व पुराने लोग हर मामले में ज़्यादा बेहतर, साफ-सुथरे व मिशनरी मानसिकता के बनकर उभरेंगे और वे सच्चे अम्बेडकरवादी एवं संविधानवादी संघर्ष के भरपूर तौर पर काम आयेंगे।
6. इसके साथ ही, पार्टी ख़ासकर ब्राह्मण समाज को यह भी विश्वास दिलाना चाहती है कि वे अपनी पूरी मज़बूती के साथ पार्टी से जुड़े रहें और उन्हें हर चुनाव में उनकी तैयारी के आधार पर उनकी भागीदारी यानी चुनावी उम्मीदवार बनाने तथा सरकार बनने पर सन 2007 की तरह ही इनको व अन्य सभी समाज को भी पूरा-पूरा उचित मान-सम्मान ज़रूर दिया जाता रहेगा। और सर्वसमाज आधारित ऐसी अपनी बी.एस.पी. पार्टी को ज़मीनी स्तर पर तैयार करने के मामले में अब विशेषकर दलित समाज को ही अपनी अह्म भूमिका निभानी है। वैसे बी.एस.पी. की नर्सरी, सर्वसमाज के हसीन गुलदस्तों से ही, अधिकतर हरी-भरी व सजी रहती है
1. उत्तराखण्ड स्टेट के हल्द्वानी में अभी हाल ही में, कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खड़गे के हुये प्रोग्राम के बाद उनके मंच का दलित होने की वजह से शुद्धीकरण किया गया है। यह जानकारी कल संसद के ज़रिये भी देश को मिली है। यह मामला अति-निन्दनीय व चिन्तनीय है तथा वहाँ कि सरकार बिना कोई देरी किये हुये ऐसे जातिवादी एवं सामन्ती तत्वों के विरुद्ध सख़्त क़ानूनों के तहत् उचित कार्रवाई करके उन्हें जेल भेजे।
2. साथ ही, इस घटना आदि के सम्बंध में आर.एस.एस. के मुखिया को भी संज्ञान लेकर ज़रुर गंभीरता से सोचना चाहिये जो कि दलितों के आर्थिक तौर पर थोड़ा मज़बूत हुये लोगों को आरक्षण से वंचित करने की बात कर रहें हैं।
3. इसके इलावा, अभी हाल ही में महाराष्ट्र के नान्देड़ में शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख श्री सुखबीर सिंह बादल पर किये गये हमले की घटना भी अति-दुःखद व चिन्तनीय है। केन्द्र व महाराष्ट्र की सरकार इस घटना को पूरी गम्भीरता से लेते हुये दोषियों के विरुद्ध सख़्त क़ानूनी कार्रवाई करे।
आज हाथरस के सादाबाद विधानसभा में डॉ. अविन शर्मा जी के समर्थन में बीएसपी के समर्पित कार्यकर्ताओं के बीच आदरणीय बहन कु. मायावती जी का संदेश लेकर पहुंचा।
आदरणीय बहन जी को पांचवीं बार मुख्यमंत्री बनाने के संकल्प के साथ जुटे सभी बीएसपी कार्यकर्ताओं का हृदय से आभार।
फिर वापस लाना है शासन, प्रशासन, अनुशासन
जय भीम, जय भारत
आज सदन में राजस्थान के डांगावास में 2015 में दलितों(मेघवाल) की ट्रेक्टर से कुचलकर हत्या कर दी गयी थी साथ ही गुजरात के ऊना कांड, बिहार, कर्नाटक के दलित नरसंघहार पर बात रखकर कोर्ट के द्वारा उन हत्यारों को बारी किया गया. इस विरोधाभासी फैसले पर अपनी बात रखी.
बहुजन समाज पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं वरिष्ठ अधिवक्ता आदरणीय श्री सतीश चन्द्र मिश्रा जी को वकालत के क्षेत्र में 50 वर्ष पूर्ण करने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
कोर्ट से लेकर संसद तक दलित, शोषित और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए उनका निरंतर कार्य, विशेषकर दृष्टिबाधित एवं दिव्यांगजनों की शिक्षा और अधिकारों के लिए उनका योगदान, हम सभी के लिए महत्वपूर्ण है।
एक युवा कार्यकर्ता के रूप में उनके लंबे अनुभव और सार्वजनिक जीवन से बहुत कुछ सीखने को मिलता है।
श्री सतीश मिश्रा जी को स्वस्थ एवं सक्रिय जीवन की शुभकामनाएं।
साथियों, आज हाथरस के सादाबाद विधानसभा में आपसे मुलाकात होगी।
बहन जी का संदेश हम सभी को गांव-गांव, घर-घर तक पहुंचाना है।
2027 में आदरणीय बहन कु. मायावती जी के नेतृत्व वाली पूर्ण बहुमत की बीएसपी की सरकार बनाना है।
आज के कार्यकर्ता सम्मेलन को इस लिंक के जरिए आप LIVE देख सकते हैं
https://t.co/V5uVrHUDCW
समाजवादी पार्टी को सबसे ज्यादा डर बीएसपी से लगता है। इसलिए सपा वाले पीडीए- पीडीए चिल्लाते रहते हैं। लेकिन पीडीए पर भी टिकना इनके बस की बात नहीं है।
आदरणीय बहन जी ने सही कहा है कि
"सर्वसमाज के लोगों को ऐसी छलावापूर्ण समाजवादी पार्टी (सपा) व उसकी ऐसी संकीर्ण जातिवादी राजनीति से ज़रूर सावधान रहना चाहिये"
सपा के पीडीए का असली मतलब 'पब्लिक डराओ अभियान' है।
#बहनजी_का_संदेश