बिना वर्दी के किसी को अरेस्ट किया जा सकता है? या फिर दबंग वाला चश्मा लगाकर वर्दी की आड़ में गुंडई करके बादशाह बनना है? चलो मान लिया क्या वर्दी पहनकर भी किसी के साथ हाथापाई की जा सकती है?
संविधान में द���ड प्रक्रिया कारावास, आर्थिक दंड, मृत्यु दंड है ? ल���किन यह मारपीट वाला दंड कहां लिखा है?
जयपुर राजस्थान
खौलता पानी डाला लड़की पर? VIP मूवमेंट ज़रूरी या लड़की की जान? Police पर एक्शन लेंगे सरकार?
यूपी की रहने वाली महिला... सिर्फ मोमो बेच रही थी कोई अपराध तोड़ी कर रही थी... जो इस तरह का व्यवहार किया गया??
मैंने पूर्व में भी कहा था और आज पुनः दोहरा रहा हूँ कि यदि राजस्थान के मुख्यमंत्री का काफिला निकलने के कारण किसी आमजन का ठेला पलट जाए और एक बेटी खौलते पानी से गंभीर रूप से झुलस जाए, तो य�� किसी भी संवेदनशील शासन के लिए गंभीर चिंतन का विषय होना चाहिए। दुर्भाग्यवश, मुख्यमंत्री स्वयं इस मामले में संवेदनहीन दिखाई दे रहे है। चूँकि यह मामला मुख्यमंत्री के काफिले से जुड़ा है, ऐसे में यदि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा में थोड़ी भी नैतिक संवेदनशीलता होती, तो वे गंभीर रूप से झुलसी उस बेटी की सुध लेते तथा उसके समुचित उपचार की व्यवस्था करवाते। किंतु सत्ता के अहंकार में डूबी सरकार को मानवीय मूल्यों और संवेदनाओं का शायद एहसास ही नहीं है।
जाँच के नाम पर मात्र खानापूर्ति कर मामले को दबाने का प्रयास करने के बजाय दोषी पुलिस अधिकारियों एवं कार्मिकों के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए थी तथा पीड़ित बेटी के उपचार स्वयं मुख्यमंत्री को करवाना चाहिए था किंतु जिनकी सोच और कार्यशैली में ही संवेदनहीनता व्याप्त हो, उनसे पीड़ितों के दर्द और जनता की भावनाओं को समझने की अपेक्षा करना कठिन प्रतीत होता है।
@BhajanlalBjp @RajCMO
मेरा Breस्ट...थाई...पेट जल गया है...मेरी पीड़ा समझिए...घर की जीविका मैं ही चलाती थी..अब काम भी बंद ��ो गया है..!
ये कहना है राजस्थान के सरकारी तंत्र..VIP कल्चर और पुलिसिया दबंगई से पीड़ित महिला के..जो सड़क किनारे मोमो का ठेला लगाकर परिवार चलती थी..!
कल मुख्यमंत्री का काफिला निकलने के दौरान राजस्थान पुलिस ने ठेला हटवाने के दौरान खौलता हुआ पानी महिला के ऊपर उड़ेल दिया..!
जिससे महिला गंभीर रूप से झुलस गई..घटना का वीडियो वायरल है..पीड़िता ने आप बीती बताई है सुनिए...👇👇
लेकिन मेरा सवाल यह है कि ये सरका���..शासन...प्रशासन के लोग जनता को कीड़ा मकौड़ा क्यों समझते है...?
जानकारी के अनुसार कार ड्राइ��र को पुलिस ने इसीलिए मारा क्योंकि उसने पुलिस वाले का रिश्वत लेते हुए वीडियो बना लिया था।
अब साहब तो वर्दी में हैं वर्दी मतलब ताकत, पॉवर, आप भिड़ नहीं सकते हो, उल्टा जवाव नहीं दे सकते हो वरना प्रशासन तो फिर एकजुट हो जाएगा और भरत तिवारी पार्ट टू बना देगा।
पुलिस की वर्दी क्या पहन ली, मानो राजा हो गए। जिसको देखो वही आम जनता को प्रताड़ित करने में लगा है। आखिर बेचारी जनता करे तो क्या करे? पुलिस से शिकायत करे या पुलिस से ही दूर भागे?
सीलमपुर में 80% मुस्लिम, 20% हिन्दू आबादी है!
यहां फैजान, अयान ने 16 ���र्षीय हिन्दू युवक की हत्या कर दी।
जब एक रिपोर्टर ने स्थानीय लोगों से हत्या के बारे में पूछा तो किसी को कोई जानकारी नहीं थी!
यहीं अगर किसी मुस्लिम लड़के की हत्या हुई होती तो पूरा मुस्लिम समाज सीलमपुर की सड़कों पर होता!
इन्हें फलीस्तीन और गाज़ा की पूरी जानकारी रहती है लेकिन पड़ोस में क्या हुआ है उसकी जानकारी नहीं होती!
🚨दिल्ली रोहिणी कोर्ट 🚨
-40 आरक्षण कोटे से बने जज शाहब को वकीलो ने धमकाया कहा कोर्ट रूम में दारू 🍺 पीकर आते हो, आता जाता कुछ है नहीं भीमटे तुमको, बस तुम भासड़ करते हो तारीख पे तारीख देते हो,
ताकि पब्लिक परेशान हो, तुम जैसो की वजह से देश बर्बाद हो रहा है,
अमीर लोगो को तुरंत बेल दे देते हो और ग़रीब को परेशान करते हो!
📍वसई, मुंबई में
एक दुकान का नाम “शिवाय ” है, जबकि मालिक का नाम नदीम है।
जब इस्लाम में किसी अन्य देवता से जुड़ी उपासना को स्वीकार नहीं किया जाता, तो फिर दुकानों के नाम हिंदू देवी-देवताओं पर क्यों रखे जाते हैं?
ये भी एक प्रकार का ज��हाद ही है जहाँ हिंदुओं को पागल बना उनसे पैसा कमाया जाए।
देखिए किस तरह इस बेरहम आंगनबाड़ी की महिला ने गरीब बच्ची की छाती पर लात से मारा
यह घटना नंदगांव पनवेल महाराष्ट्र का है
ऐसी महिलाएं इंसान के रूप में चुड़ैल है
मुजफ़्फ़रनगर में मज़दूरों को बंधक बनाकर, हथौड़े, पेचकस और बेल्ट से पीट-पीटकर, कुत्तों के कटवाकर, भूखा रखकर लंबे समय से काम करवाया जा रहा था.
मजदूरों का दर्द सुनकर कलेजा काँप जाएगा.
मुजफ्फरनगर उत्तर प्रदेश में है.