जिन राज्यों में आगामी चुनाव है वँहा के युवाओं से बहनों से माताओ और सामाजिक संघटनो से करबद्ध अपील
देश और संविधान बचाना है तो आगे आये और सक्रिय रूप से राजनीति में आये हमारा साथ दे
देश को अब स्वच्छ राजनीतिग्यो की जरूरत है जो जनहित की सोच रखे स्वमहित कि नही
#जागोआगेआओ
घोषणापत्र
@HardeepSPuri@nitin_gadkari 4/4
निर्माता द्वारा अनुमोदित ईंधन ही खरीद सकें।
पर्यावरण बचाइए, किसान को लाभ दीजिए, लेकिन वाहन मालिक को प्रयोगशाला का नमूना मत बनाइए।
जनता का सीधा सवाल:
'ईंधन की आज़ादी कब मिलेगी?'
सस्ता ईंधन कब मिलेगा ?
@nitin_gadkari जी 100% इथेनॉल ₹15 का वादा कर #E85 ₹82 दे रहे हैं।
जनता से निवेदन है कि यदि आपकी गाड़ी 2024 से पहले खरीदी गई है, तो पेट्रोल पंप पहुँचने से पहले वाहन की उम्र, कंपनी की सलाह और इंश्योरेंस कंपनी से अवश्य पूछ लें नुकसान बीमा में कवर होगा कि नही साथ ही अपनी किस्मत चारों की जांच कर लें!
देश में #E20, #E85, #E100 और विभिन्न
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माननीय पेट्रोलियम मंत्री @HardeepSPuri जी और सड़क परिवहन मंत्री @nitin_gadkari जी से विनम्र अनुरोध है कि देश के प्रत्येक पेट्रोल पंप पर स्पष्ट रूप से अलग-अलग विकल्प उपलब्ध कराए जाएँ:
◆100% पेट्रोल
◆E20
◆E85
◆E100
◆डीजल
◆विभिन्न ब्लेंडेड डीजल
ताकि नागरिक अपनी गाड़ी के
सिंगरेनी कोलियरीज कंपनी लिमिटेड(SCCL) से कथित तौर पर 40 लाख टन कोयला गायब होने का मामला सामने आया है. रिपोर्ट्स में इस कोयले की कीमत करीब 1600 करोड़ रुपये बताई गई है. केंद्र और तेलंगाना सरकार मिलकर SCCL को चलाते हैं. केंद्रीय कोयला मंत्री जी किशन रेड्डी ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को चिट्ठी लिखकर जांच की मांग की है.
https://t.co/CJZXPALGyp
राम मंदिर से क्या 200 करोड़ का चढ़ावा चोरी हुआ: 50 कर्मचारी रडार पर, कई 5 साल में करोड़पति हुए; अब तक 2 करोड़ कैश मिला
पूरा वीडियो देखने के लिए लिंक पर क्लिक करें-
https://t.co/5ZvbCWQKXF
#RamMandir#DonationScam#DonationControversy#UPNews#HindiNews
सिंगरेनी कोलियरीज कंपनी लिमिटेड(SCCL) से कथित तौर पर 40 लाख टन कोयला गायब होने का मामला सामने आया है. रिपोर्ट्स में इस कोयले की कीमत करीब 1600 करोड़ रुपये बताई गई है. केंद्र और तेलंगाना सरकार मिलकर SCCL को चलाते हैं. केंद्रीय कोयला मंत्री जी किशन रेड्डी ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को चिट्ठी लिखकर जांच की मांग की है.
https://t.co/CJZXPALGyp
युवा ताक़त-आवाज़!
विश्व के सर्वश्रेष्ठ यूनिवर्सिटी स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में स्टूडेंट्स ने गूगल सीईओ सुंदर पिचाई के भाषण का बहिष्कार किया। ये फिलिस्तीन के लिए न्याय की माँग कर रहे हैं।
यह ह्यूमैनिटी के पक्ष में खड़ी पीढ़ी है। अच्छी दुनिया के पक्ष में!
क्लेम रिजेक्ट कर रही है. Icici lombard ने कहा पुरानी कारों में E20 फ्यूल से हुए नुकसान के क्लेम को रिजेक्ट कर सकती हैं जो गाड़ियों के लिए उपयुक्त नहीं हैं
जनता के खून पसीने की कमाई से खरीदी गाड़ियों के प्रति कोई जबाब देही नही आपकी
पेट्रोल पंप पर मिलावट रहित पेट्रोल भी बेचा जाए
@nitin_gadkari जी आप हर दिन #E20 तो कभी #E85 तो कभी #E100 की बात करते नजर आते हैं और जनता को 100 पेट्रोल की सप्लाई बंद कर जबर्दस्ती #E20 खरीदने को मजबूर कर रहे हैं दूसरी तरफ इंडिया की सबसे बड़ी प्राइवेट जनरल इंश्योरेंस कंपनी ICICI Lombard अप्रैल 2023 से पहले खरीदी गाड़ियों के
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अगर आपके पास 2022 से पहली की कोई गाड़ी है और उसमें आप E20 फ्यूल डालते हैं तो आपके लिए बुरी खबर है. इंडिया की सबसे बड़ी प्राइवेट जनरल इंश्योरेंस कंपनी ICICI Lombard आपका क्लेम रिजेक्ट कर सकती है. ICICI Lombard ने कहा है कि कार इंश्योरेंस कंपनियां अप्रैल 2023 से पहले बेची गई उन पुरानी कारों में E20 फ्यूल से हुए नुकसान के क्लेम को रिजेक्ट कर सकती हैं जो इसके लिए उपयुक्त नहीं हैं.
E20 | Petrol | Insurance
“सिर्फ़ भारतीय नाविकों पर हमला हो रहा है… हम तो सैनिक नहीं हैं, Seafarers हैं हमको क्यों मार रहे हो भाई…”
ईरान में भारतीय नाविकों की परेशानी भरी पुकार, उनका कहना है कि U.S. जानबूझकर उन जहाज़ों पर हमला कर रहा है जिनमें भारतीय सवार हैं
वीडियो @vijaita
छुट्टी का अर्थ क्या है?
विदेश यात्राएँ भी, मंदिर दर्शन भी, लक्षद्वीप के समुद्र तट भी देखे गए, समुद्र के भीतर की तस्वीरें भी आईं।
अगर विदेश यात्रा, धार्मिक यात्रा, समुद्र तट पर जाना, प्रकृति के बीच समय बिताना, अच्छा भोजन करना और आराम करना भी छुट्टी नहीं है,
तो फिर मुझे लगता है इस देश में कोई भी छुट्टी नहीं ले रहा।
हर आदमी काम ही कर रहा है - कोई मनाली में काम कर रहा है, कोई गोवा में, कोई परिवार के साथ, कोई दोस्तों के साथ।
2014 से 2026 के बीच प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं पर सैकड़ों करोड़ रुपये खर्च हुए। असली बहस यह है कि इन दौरों से भारत को कितना निवेश मिला, कितने रोजगार बने और व्यापार हितों को कितना लाभ हुआ?
देश का आम आदमी नहीं देखता कि नेता ने कितने घंटे काम किया, वह देखता है कि उसके जीवन में क्या बदला।
जिस युवा का पेपर लीक हो गया, जिस किसान को फसल का दाम नहीं मिला, जिस मरीज को अस्पताल में बेड नहीं मिला, जिस परिवार की नौकरी चली गई - उसे 18 घंटे और 20 घंटे के से क्या फर्क पड़ता है?
18 घंटे काम करने का काम का परिणाम क्या निकला? शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, न्याय और नागरिक सुरक्षा के मोर्चे पर देश कहाँ पहुँचा।
युवा पूछ रहा है कि डिग्री के बाद नौकरी कब मिलेगी?
आम आदमी भी अपनी नौकरी में भी 12-14 घंटे खटता है, मजदूर धूप में पूरा दिन काम करता है, किसान बिना रविवार के खेत में उतरता है।
सवाल यह नहीं कि किसने कितने घंटे काम किया। सवाल यह है कि उस काम का परिणाम क्या निकला।
अगर काम का पैमाना सिर्फ घंटे हैं, तो इस देश का सबसे बड़ा कर्मयोगी शायद वह मजदूर है जो रोज़ दो वक्त की रोटी के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक देता है।
पाकिस्तान का प्रधानमंत्री डरपोक है, ट्रंप के आगे कुछ बोल नहीं सकता.
ट्रंप चाहे कितने ही नागरिकों को मरवा दे, प्रधानमंत्री को कोई फर्क नहीं पड़ता.
वो खी खी खी करते हुए ट्रंप से गले लग जाएगा.